{"_id":"69614df01f26185d3309c9c4","slug":"teachers-reporting-sick-will-have-to-provide-a-medical-certificate-mahoba-news-c-225-1-mah1001-121374-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahoba News: बीमार बताने वाले शिक्षकों को देना होगा मेडिकल प्रमाण पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahoba News: बीमार बताने वाले शिक्षकों को देना होगा मेडिकल प्रमाण पत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
-बोर्ड परीक्षा के दौरान ड्यूटी से बचने वाले शिक्षकों पर शिंकजा
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से बचने वाले शिक्षकों पर इस बार कार्रवाई होगी। यदि कोई शिक्षक स्वास्थ्य कारणों से परीक्षा ड्यूटी करने में असमर्थ है, तो उन्हें सीएमओ से जारी मेडिकल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होंगी। जनपद में 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष हाईस्कूल में 11,939 और इंटरमीडिएट में 9,485 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पूर्व में बिना ठोस प्रमाण के ड्यूटी से छूट लेने से परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होती थी। इस बार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना सीएमओ प्रमाण-पत्र के अनुपस्थित पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता व सुचारू संचालन के लिए ड्यूटी का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बीमारी का सहारा लेने वाले शिक्षकों को अब चिकित्सीय प्रमाण-पत्र देना होगा, जो तीन सदस्यीय डॉक्टर टीम की रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ जारी करेंगे। प्रमाण-पत्र के बाद ही शिक्षक चिकित्सीय छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं में बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी से बचने वाले शिक्षकों पर इस बार कार्रवाई होगी। यदि कोई शिक्षक स्वास्थ्य कारणों से परीक्षा ड्यूटी करने में असमर्थ है, तो उन्हें सीएमओ से जारी मेडिकल प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होंगी। जनपद में 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष हाईस्कूल में 11,939 और इंटरमीडिएट में 9,485 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पूर्व में बिना ठोस प्रमाण के ड्यूटी से छूट लेने से परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होती थी। इस बार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना सीएमओ प्रमाण-पत्र के अनुपस्थित पाए जाने पर शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता व सुचारू संचालन के लिए ड्यूटी का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। बीमारी का सहारा लेने वाले शिक्षकों को अब चिकित्सीय प्रमाण-पत्र देना होगा, जो तीन सदस्यीय डॉक्टर टीम की रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ जारी करेंगे। प्रमाण-पत्र के बाद ही शिक्षक चिकित्सीय छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे।