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Mahoba News: जनपद जालौन से जुड़े फसल बीमा घोटाले के तार
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:29 AM IST
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महोबा। फसल बीमा योजना में करोड़ों का घोटाला: जालसाजों ने हड़पे किसानों के हक़ का पैसा
महोबा। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2024 में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में नये तथ्य सामने आ रहे हैं। घोटाले के तार बीमा कंपनी से जुड़े उरई-जालौन के निवासियों से जुड़े हैं। इन लोगों ने मिलीभगत कर चरखारी तहसील के गुढ़ा और कुलपहाड़ तहसील के इंदौरा गांव के किसानों के हक़ का लाखों रुपये का बीमा क्लेम हड़प लिया। जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने बीमा कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों पर सुनियोजित गिरोहबंदी कर इस घोटाले को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है।
अब तक सामने आए मामले की जांच में शहर कोतवाली सहित जिले के पांच थानों में 26 नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें 200 से अधिक लोगों को नामजद किया जा चुका है। इन पर आरोप है कि बीमा कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों की सांठगांठ से सरकारी जमीनों, वन, नाला, तालाब, पहाड़, चकमार्ग के साथ ही स्थानीय किसानों की जमीनों पर भी फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया गया और उसका भारी भरकम क्लेम भी हड़प लिया गया। इस मामले में इफको टोकियो बीमा कंपनी के तत्कालीन जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी, जो उरई जनपद जालौन के निवासी हैं, को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
गुढ़ा और इंदौरा गांवों के किसानों को नहीं मिला लाभ
किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत के अनुसार, जिस समय यह घोटाला हुआ, उस समय बीमा कंपनी के जिला और ब्लॉक मुख्यालयों पर कार्यरत काफी संख्या में एजेंट उरई-जालौन क्षेत्र के ही थे। उन्होंने अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी बीमा कराया। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण चरखारी तहसील के ग्राम गुढ़ा और कुलपहाड़ तहसील के ग्राम इंदौरा में देखने को मिला है। गुढ़ा गांव में 48 लाख 67 हजार रुपये के क्लेम का भुगतान 32 किसानों को किया गया, जिनमें से 11 किसान उरई-जालौन के रहने वाले थे। राठ और पनवाड़ी के निवासी भी क्लेम पाने वालों में शामिल थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 32 लोगों में से एक भी किसान गुढ़ा गांव का निवासी नहीं था, जबकि बीमा गुढ़ा के किसानों की जमीन और सरकारी जमीनों पर कराया गया था। इसी प्रकार, कुलपहाड़ तहसील के इंदौरा गांव में 33 किसानों के नाम पर 83.49 लाख रुपये का क्लेम जारी हुआ, लेकिन सूची में एक भी किसान इंदौरा गांव का निवासी नहीं पाया गया। अधिकांश क्लेम उरई, डकोर, राठ, पनवाड़ी आदि क्षेत्रों के लोगों को मिले। इस तरह बीमा कंपनी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर किसानों के हक़ का पैसा हड़प लिया।
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महोबा। जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2024 में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच में नये तथ्य सामने आ रहे हैं। घोटाले के तार बीमा कंपनी से जुड़े उरई-जालौन के निवासियों से जुड़े हैं। इन लोगों ने मिलीभगत कर चरखारी तहसील के गुढ़ा और कुलपहाड़ तहसील के इंदौरा गांव के किसानों के हक़ का लाखों रुपये का बीमा क्लेम हड़प लिया। जय जवान जय किसान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत ने बीमा कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों पर सुनियोजित गिरोहबंदी कर इस घोटाले को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया है।
अब तक सामने आए मामले की जांच में शहर कोतवाली सहित जिले के पांच थानों में 26 नामजद समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें 200 से अधिक लोगों को नामजद किया जा चुका है। इन पर आरोप है कि बीमा कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों की सांठगांठ से सरकारी जमीनों, वन, नाला, तालाब, पहाड़, चकमार्ग के साथ ही स्थानीय किसानों की जमीनों पर भी फर्जी तरीके से फसल बीमा कराया गया और उसका भारी भरकम क्लेम भी हड़प लिया गया। इस मामले में इफको टोकियो बीमा कंपनी के तत्कालीन जिला प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी, जो उरई जनपद जालौन के निवासी हैं, को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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गुढ़ा और इंदौरा गांवों के किसानों को नहीं मिला लाभ
किसान नेता गुलाब सिंह राजपूत के अनुसार, जिस समय यह घोटाला हुआ, उस समय बीमा कंपनी के जिला और ब्लॉक मुख्यालयों पर कार्यरत काफी संख्या में एजेंट उरई-जालौन क्षेत्र के ही थे। उन्होंने अपने परिचितों और रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी बीमा कराया। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण चरखारी तहसील के ग्राम गुढ़ा और कुलपहाड़ तहसील के ग्राम इंदौरा में देखने को मिला है। गुढ़ा गांव में 48 लाख 67 हजार रुपये के क्लेम का भुगतान 32 किसानों को किया गया, जिनमें से 11 किसान उरई-जालौन के रहने वाले थे। राठ और पनवाड़ी के निवासी भी क्लेम पाने वालों में शामिल थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इन 32 लोगों में से एक भी किसान गुढ़ा गांव का निवासी नहीं था, जबकि बीमा गुढ़ा के किसानों की जमीन और सरकारी जमीनों पर कराया गया था। इसी प्रकार, कुलपहाड़ तहसील के इंदौरा गांव में 33 किसानों के नाम पर 83.49 लाख रुपये का क्लेम जारी हुआ, लेकिन सूची में एक भी किसान इंदौरा गांव का निवासी नहीं पाया गया। अधिकांश क्लेम उरई, डकोर, राठ, पनवाड़ी आदि क्षेत्रों के लोगों को मिले। इस तरह बीमा कंपनी के अधिकारियों ने मिलीभगत कर किसानों के हक़ का पैसा हड़प लिया।