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बुंदेलखंड राज्य के लिए अब खुलकर लड़ेंगे लड़ाई : गंगाचरण
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-गांव-गांव जाकर लगाएंगे बैनर, राज्य दो-वोट लो
-बोले-हर सरकार में बुंदेलखंड में हुई केवल लूट
फोटो 01 एमएएचपी 16 परिचय-पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। बहुत सहा है, अब नहीं सहेंगे। राज्य दो, वोट लो। हर सरकार में बुंदेलखंड केवल लूटखंड बना है। अब ऐसा नहीं होगा। अब लड़ाई बुंदेलखंड राज्य की लिए होगी और इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़े। वह देने के लिए तैयार हैं। अब बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई खुलकर लड़ेंगे और इसमें कोई समझौता नहीं होगा।
यह बातें बुधवार को शहर स्थित अपने आवास में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वह बुंदेलखंड के हर जनपद के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और उनसे समर्थन मांगेंगे।
भाजपा से चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण ने आगामी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जब वह सत्ता में नहीं थे तब भी बुंदेलखंड के लिए संघर्ष करते रहे। जब सत्ता में आए तो भी संघर्ष किया। आज भाजपा की सरकार में भी वह बुंदेलखंड की समस्याओं के लिए संघर्ष ही कर रहे हैं। चरखारी विधायक भी इस संघर्ष में पीछे नहीं है।
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आरोप लगाया कि प्रदेश में कोई भी सरकार बनी हो बुंदेलखंड को लूटखंड बना दिया है। यहां जंगलों का दोहन होता है, पहाड़ों व नदियों का बेहिसाब खनन होता है। इससे पूरा बुंदेलखंड तप रहा है लेकिन यहां की समस्याओं पर कोई गौर नहीं करता है और यह प्रक्रिया वर्षों से चली आ रही है जिस पर अब विराम लगाने का समय आ गया।
अब वह गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और उन्हें बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर तैयार करेंगे। नारा होगा, राज्य दो-वोट लो। इस लड़ाई में वह दलगत राजनीति से ऊपर जाकर काम करेंगे और बुंदेलखंड के हर जनपद के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनका समर्थन प्राप्त करेंगे। वह चाहे किसी भी दल से विजयी हुआ हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 में जनपद झांसी की जनसभा में बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा किया था। तीन बार सरकार बन चुकी है लेकिन अभी यह वादा पूरा नहीं हुआ है। जब भाषाओं के आधार पर बिहार, कर्नाटक, बंगाल, महाराष्ट्र व अन्य राज्य हो सकते हैं तो बुंदेली भाषा के आधार पर बुंदेलखंड राज्य क्यों नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को राज्य बनाने के लिए जो भी करना पड़े वह करेंगे।
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-बोले-हर सरकार में बुंदेलखंड में हुई केवल लूट
फोटो 01 एमएएचपी 16 परिचय-पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
महोबा। बहुत सहा है, अब नहीं सहेंगे। राज्य दो, वोट लो। हर सरकार में बुंदेलखंड केवल लूटखंड बना है। अब ऐसा नहीं होगा। अब लड़ाई बुंदेलखंड राज्य की लिए होगी और इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़े। वह देने के लिए तैयार हैं। अब बुंदेलखंड राज्य की लड़ाई खुलकर लड़ेंगे और इसमें कोई समझौता नहीं होगा।
यह बातें बुधवार को शहर स्थित अपने आवास में पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि वह बुंदेलखंड के हर जनपद के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और उनसे समर्थन मांगेंगे।
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भाजपा से चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण ने आगामी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जब वह सत्ता में नहीं थे तब भी बुंदेलखंड के लिए संघर्ष करते रहे। जब सत्ता में आए तो भी संघर्ष किया। आज भाजपा की सरकार में भी वह बुंदेलखंड की समस्याओं के लिए संघर्ष ही कर रहे हैं। चरखारी विधायक भी इस संघर्ष में पीछे नहीं है।
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आरोप लगाया कि प्रदेश में कोई भी सरकार बनी हो बुंदेलखंड को लूटखंड बना दिया है। यहां जंगलों का दोहन होता है, पहाड़ों व नदियों का बेहिसाब खनन होता है। इससे पूरा बुंदेलखंड तप रहा है लेकिन यहां की समस्याओं पर कोई गौर नहीं करता है और यह प्रक्रिया वर्षों से चली आ रही है जिस पर अब विराम लगाने का समय आ गया।
अब वह गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और उन्हें बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर तैयार करेंगे। नारा होगा, राज्य दो-वोट लो। इस लड़ाई में वह दलगत राजनीति से ऊपर जाकर काम करेंगे और बुंदेलखंड के हर जनपद के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनका समर्थन प्राप्त करेंगे। वह चाहे किसी भी दल से विजयी हुआ हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 में जनपद झांसी की जनसभा में बुंदेलखंड राज्य बनाने का वादा किया था। तीन बार सरकार बन चुकी है लेकिन अभी यह वादा पूरा नहीं हुआ है। जब भाषाओं के आधार पर बिहार, कर्नाटक, बंगाल, महाराष्ट्र व अन्य राज्य हो सकते हैं तो बुंदेली भाषा के आधार पर बुंदेलखंड राज्य क्यों नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड को राज्य बनाने के लिए जो भी करना पड़े वह करेंगे।