बेवर। बेवर क्षेत्र से होकर गुजरने वाले बुंदेलखंड-गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण में भूमि अधिग्रहण का मामला अभी उलझा हुआ है। किसानों ने उचित और समान मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में अपनी जमीन का बैनामा करने से मना कर दिया है। शनिवार को जिलाधिकारी डाॅ. इंद्रमणि त्रिपाठी मुड़ई पहुंचे। किसानों की बात सुनकर समस्या समाधान का भरोसा दिया। राजस्व ग्राम मुड़ई के किसानों द्वारा जमीन रजिस्ट्री न करने के चलते लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण अटका हुआ है। प्रशासन की किसानों से दो बार की वार्ता विफल रही है। करीब 350 किसानों की 27 हेक्टेयर जमीन एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण की जानी है। किसानों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा अपनाई जा रही मुआवजे की नीति दोषपूर्ण है। एक ही क्षेत्र और समान प्रकृति की भूमि होने के बावजूद सर्किल रेट में भारी विसंगति है। प्रशासन कहीं तो बेहतर दरें दे रहा है, तो कहीं मुआवजा नहीं के बराबर दिया जा रहा है। किसानों की मांग है कि पूरी परियोजना के लिए एक समान मुआवजा निर्धारित किया जाए।ग्राम हुसैन पुर में सर्किल रेट 50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तो मुड़ई, पटना टिलुआ, दुर्जनपुर में 30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है। बैनामा रुकने की सूचना पर पहुंचे डीएम के साथ एसडीएम नीरज दुबे और राजस्व निरीक्षक शीशराम वर्मा, लेखपाल दीपक कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठकर बताया कि वह किसानों के साथ हैं। समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान ने एक्सप्रेस वे पर ग्रामीणों की सुविधा हेतु कट बनाने की मांग की। ग्राम प्रधान निकिता गुप्ता, गंगासिंह, वीरेंद्र सिंह, अजय सिंह, जयवीर, रामवीर, धर्मेंद्र यादव, सूबेदार, मुकुट सिंह, प्रदीप कुमार, मिलाप सिंह मौजूद रहे।