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UP: आटे में मिलाया जा रहा था 'धीमा जहर', जांच में बड़े नेता का सामने आया नाम; भूल से भी न खरीदें इस मिल का आटा
Sun, 09 Aug 2026 08:01 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 09 Aug 2026 08:01 AM IST
सार
यूपी के मैनपुरी जिले में खाद्य विभाग की जांच में आटा में मिलावट का पर्दाफाश हुआ है। आटे में टेलकम पाउडर मिलाया जा रहा था। जांच के दाैरान मिल एक बड़े नेता की निकली। राजनीतिक रसूख होने की वजह से कोई भी रोक-टोक नहीं कर पाता था। इसबार टीम ने मिल पर बड़ी कार्रवाई की है।
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आटा मिल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मैनपुरी में राजनीतिक संरक्षण और रसूख के चलते नकली आटा बनाने की मिल का राज दबा रहा, बिना किसी रोक-टोक के ये संचालित रही थी। कई बार क्षेत्रीय लोगों ने दबे पांव इसकी शिकायत भी की, लेकिन किसी ने भी इस पर हाथ नहीं डाला। मिल संचालक अजीत कुमार के पिता नरेंद्र 2001 से 2006 तक नगर पालिका ज्योती खुड़िया के चेयरमैन रहे हैं।
आटा मिल में टेलकम पाउडर मिलाकर आटे को चमकदार बनाने का काम किया जाता था। क्षेत्र में नरेंद्र कुमार का राजनीतिक रसूख होने की वजह से कोई भी रोक-टोक नहीं कर पाता था। बताया जाता है कि पूर्व में समाजवादी पार्टी में भी इनके अच्छे संबंध थे, इस वजह से उनका आज भी विभागों में अधिकारियों से मिलना जुलना है। इस वजह से कोई विभाग भी उनके ऊपर हाथ नहीं डालता था। वर्तमान में भी एक राजनीतिक पार्टी से उनके संबंध है। हालांकि खाद्य विभाग ने इस बार उनकी आटा मिल पर बड़ी कार्रवाई की है। यहां बनाए जाने वाला नकली आटा मैनपुरी के अलावा कौन-कौन से जनपद में भेजा जाता था इसकी भी खाद्य विभाग जानकारी कर रहा है।
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आटा मिल में टेलकम पाउडर मिलाकर आटे को चमकदार बनाने का काम किया जाता था। क्षेत्र में नरेंद्र कुमार का राजनीतिक रसूख होने की वजह से कोई भी रोक-टोक नहीं कर पाता था। बताया जाता है कि पूर्व में समाजवादी पार्टी में भी इनके अच्छे संबंध थे, इस वजह से उनका आज भी विभागों में अधिकारियों से मिलना जुलना है। इस वजह से कोई विभाग भी उनके ऊपर हाथ नहीं डालता था। वर्तमान में भी एक राजनीतिक पार्टी से उनके संबंध है। हालांकि खाद्य विभाग ने इस बार उनकी आटा मिल पर बड़ी कार्रवाई की है। यहां बनाए जाने वाला नकली आटा मैनपुरी के अलावा कौन-कौन से जनपद में भेजा जाता था इसकी भी खाद्य विभाग जानकारी कर रहा है।
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तीन दिन में 15 आटा यूनिटों पर छापा
आटा में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉक्टर श्वेता सैनी के निर्देशन में चार अगस्त से छह अगस्त तक छापामार कार्रवाई की। तीन दिन में हुई कार्रवाई के दौरान जिले की 15 आटा यूनिटों पर जांच की गई। इस दौरान चार यूनिटों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। जबकि 14 यूनिट संचालकों को नोटिस जारी कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
आटा में मिलावट की रोकथाम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉक्टर श्वेता सैनी के निर्देशन में चार अगस्त से छह अगस्त तक छापामार कार्रवाई की। तीन दिन में हुई कार्रवाई के दौरान जिले की 15 आटा यूनिटों पर जांच की गई। इस दौरान चार यूनिटों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। जबकि 14 यूनिट संचालकों को नोटिस जारी कर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
टीम ने बरामद किया था टेलकम पाउडर
शुक्रवार को सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक व टीम के अन्य सदस्य ज्योति खुड़िया स्थित अवैध आटा मिल पर पहुंचे थे। टीम ने इस दौरान इकाई का संचालन कर रहे अजीत कुमार से जानकारी की तो पता चला कि आटे में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक टेलकम पाउडर मिलने की आशंका है। ऐसे में टीम ने आटे का और टेलकम पाउडर का एक नमूना लिया, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। वहीं टीम ने आटा निर्माण इकाई से 43 बोरी टेलकम पाउडर बरामद किया था। इसके साथ लगभग 2150 किलोग्राम अपमिश्रित टेलकम पाउडर, जिसकी कीमत करीब 32250 रुपये और करीब 50 किलो आटा जब्त किया है। वहीं अवैध रूप से संचालन होने पर मिल को बंद कर दिया गया है। इस संबंध में थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
शुक्रवार को सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय डॉ. श्वेता सैनी के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक व टीम के अन्य सदस्य ज्योति खुड़िया स्थित अवैध आटा मिल पर पहुंचे थे। टीम ने इस दौरान इकाई का संचालन कर रहे अजीत कुमार से जानकारी की तो पता चला कि आटे में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक टेलकम पाउडर मिलने की आशंका है। ऐसे में टीम ने आटे का और टेलकम पाउडर का एक नमूना लिया, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। वहीं टीम ने आटा निर्माण इकाई से 43 बोरी टेलकम पाउडर बरामद किया था। इसके साथ लगभग 2150 किलोग्राम अपमिश्रित टेलकम पाउडर, जिसकी कीमत करीब 32250 रुपये और करीब 50 किलो आटा जब्त किया है। वहीं अवैध रूप से संचालन होने पर मिल को बंद कर दिया गया है। इस संबंध में थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
ऐसे करें पहचान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि एक कटोरी में आटा लें और उसमें नींबू की कुछ बूंदें डाल दें। बुलबुले उठने लगें तो मिलावट है। ऐसे ही गिलास में पानी भरें और आटा डालकर चम्मच से मिलाएं। आटा तली में बैठ जाए तो मिलावटी है। तीसरा तरीका यह है कि हथेली पर आटा रखकर रगड़ें। शुद्ध आटा खुरदरा लगेगा, असामान्य चिकनाहट हो तो मिलावट हो सकती है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि एक कटोरी में आटा लें और उसमें नींबू की कुछ बूंदें डाल दें। बुलबुले उठने लगें तो मिलावट है। ऐसे ही गिलास में पानी भरें और आटा डालकर चम्मच से मिलाएं। आटा तली में बैठ जाए तो मिलावटी है। तीसरा तरीका यह है कि हथेली पर आटा रखकर रगड़ें। शुद्ध आटा खुरदरा लगेगा, असामान्य चिकनाहट हो तो मिलावट हो सकती है।
पथरी और आंतों में रुकावट का खतरा
सीएमओ आगरा डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि लंबे समय तक सेलखड़ी शरीर में पहुंचने से पेट के विकार तेजी से बढ़ते हैं। पेट में दर्द, अपच और आंतों में रुकावट का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में कैल्शियम या सिलिकेट के बारीक कण जमा होकर गुर्दे में पथरी की वजह बन सकते हैं। दांतों की ऊपरी परत घिसने के साथ मसूढ़ों में जख्म भी बन सकते हैं। सीने में सेलखड़ी जमने से टीबी के संक्रमण का खतरा भी रहता है।
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सीएमओ आगरा डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि लंबे समय तक सेलखड़ी शरीर में पहुंचने से पेट के विकार तेजी से बढ़ते हैं। पेट में दर्द, अपच और आंतों में रुकावट का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में कैल्शियम या सिलिकेट के बारीक कण जमा होकर गुर्दे में पथरी की वजह बन सकते हैं। दांतों की ऊपरी परत घिसने के साथ मसूढ़ों में जख्म भी बन सकते हैं। सीने में सेलखड़ी जमने से टीबी के संक्रमण का खतरा भी रहता है।
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