मैनपुरी। मनरेगा योजना का नाम बदलने पर कांग्रेसियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। कांग्रेस कमेटी की ओर से 100 दिन मनरेगा बचाओ संग्राम चलाया जाएगा। इसके तहत पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिले से गांव स्तर तक अभियान चलाकर योजना का क्रियान्वयन पूर्व की भांति कराने की मांग करेंगे।शनिवार को शहर के मंडी धर्मदास स्थित कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में मनरेगा बचाओ संग्राम के कोआरर्डिनेटर और निवर्तमान प्रदेश महासचिव प्रकाश प्रधान ने कहा कि सरकार मजदूरों के काम की गारंटी को छीनना चाहती है। मनरेगा का न सिर्फ बदला जा रहा है, बल्कि रोजगार की गारंटी के अधिकार को छीनने का प्रयास किया जा रहा है।
जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मनरेगा समाप्त होने पर जनपद में करीब 1.5 लाख परिवारों को नुकसान होगा। इससे पक्षपात की संभावना बढ़ेगी। एसआईआर कोआरर्डिनेटर अजय दुबे ने कहा कि मनरेगा योजना ने कोरोना महामारी के समय में मजूदरों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया था।
शहर अध्यक्ष डॉ़ नगेंद्र यादव ने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम में शहर कमेटी का प्रत्येक पदाधिकारी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेगा। मजदूरों को बढ़ाकर 400 रुपये किया जाना चाहिए। इस दौरान एमएलसी कोआरर्डिनेटर अरविंद तिवारी, प्रवेश पांडेय, पंकज, गौरव दुबे, मयंक, रोहित गुप्ता, शशी यादव आदि मौजूद रहे।