{"_id":"6a25db1420be22d6e3031cd2","slug":"mainpuri-news-illigle-health-centre-mainpuri-news-c-174-1-sagr1037-160717-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mainpuri News: अवैध स्वास्थ्य केंद्रों पर कसेगा शिकंजा, फिरोजाबाद के प्राचार्य करेंगे जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mainpuri News: अवैध स्वास्थ्य केंद्रों पर कसेगा शिकंजा, फिरोजाबाद के प्राचार्य करेंगे जांच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
घिरोर। कोसमा क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक बिना पंजीकरण के क्लीनिक, जांच केंद्र और अस्पताल संचालित होने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई है। इन अवैध प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर 31 मई को यह शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कोसमा क्षेत्र के झोलाछापों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा दो जांच केंद्रों का भी उल्लेख किया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि ये सभी बिना किसी वैध पंजीकरण के अपना संचालन कर रहे हैं। इन संचालकों पर मरीजों के साथ धोखाधड़ी करने का भी आरोप है। झोलाछाप कथित तौर पर मरीजों को उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी दिक्कतें और बुखार जैसी बीमारियां बताते हैं। वे प्लेटलेट्स गिरने का डर दिखाकर भी ठगी कर रहे हैं। शिकायत में यह भी मांग की गई थी कि जांच किसी गैर जनपद से कराई जाए। ऑनलाइन शिकायत के बाद फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य योगेश गोयल को जांच अधिकारी बनाया गया है।
झोलाछाप मरीजों को गलत बीमारियों का डर दिखाकर ठगा जा रहा है। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और प्लेटलेट्स गिरने जैसी समस्याओं का बहाना बनाया जाता है। यह सब मरीजों से पैसे ऐंठने के लिए किया जा रहा है।
विज्ञापन
आगरा रेफर कर लेते हैं मोटा कमीशन
शिकायत में कहा गया है कि स्थानीय मरीजों को गंभीर बीमारी बताकर ये झोलाछाप आगरा भेजते हैं। आगरा में अपनी जान पहचान वाले डॉक्टर के यहां भेजकर वहां भी मरीज के उपचार के नाम पर मोटा कमीशन लेते हैं। इससे मरीज को दोहरा खर्च उठाना पड़ता है।
जिला स्तर से हर साल दे दी जाती है क्लीनिक चिट
मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत में जिले के स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी पंजीकरण पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि मामले में पूर्व में कई बार स्वास्थ्य विभाग मैनपुरी से शिकायत की गई। शिकायत में कहा गया है कि हर बार नोडल अधिकारी पंजीकरण यहां जांच के लिए आते हैं और झोलाछापों से मिलीभगत कर वसूली कर चले जाते हैं इससे वे खुलेआम क्लीनिक, जांच केंद्र आदि का संचालन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर 31 मई को यह शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कोसमा क्षेत्र के झोलाछापों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा दो जांच केंद्रों का भी उल्लेख किया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि ये सभी बिना किसी वैध पंजीकरण के अपना संचालन कर रहे हैं। इन संचालकों पर मरीजों के साथ धोखाधड़ी करने का भी आरोप है। झोलाछाप कथित तौर पर मरीजों को उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी दिक्कतें और बुखार जैसी बीमारियां बताते हैं। वे प्लेटलेट्स गिरने का डर दिखाकर भी ठगी कर रहे हैं। शिकायत में यह भी मांग की गई थी कि जांच किसी गैर जनपद से कराई जाए। ऑनलाइन शिकायत के बाद फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य योगेश गोयल को जांच अधिकारी बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
झोलाछाप मरीजों को गलत बीमारियों का डर दिखाकर ठगा जा रहा है। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और प्लेटलेट्स गिरने जैसी समस्याओं का बहाना बनाया जाता है। यह सब मरीजों से पैसे ऐंठने के लिए किया जा रहा है।
Trending Videos
आगरा रेफर कर लेते हैं मोटा कमीशन
शिकायत में कहा गया है कि स्थानीय मरीजों को गंभीर बीमारी बताकर ये झोलाछाप आगरा भेजते हैं। आगरा में अपनी जान पहचान वाले डॉक्टर के यहां भेजकर वहां भी मरीज के उपचार के नाम पर मोटा कमीशन लेते हैं। इससे मरीज को दोहरा खर्च उठाना पड़ता है।
जिला स्तर से हर साल दे दी जाती है क्लीनिक चिट
मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायत में जिले के स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी पंजीकरण पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि मामले में पूर्व में कई बार स्वास्थ्य विभाग मैनपुरी से शिकायत की गई। शिकायत में कहा गया है कि हर बार नोडल अधिकारी पंजीकरण यहां जांच के लिए आते हैं और झोलाछापों से मिलीभगत कर वसूली कर चले जाते हैं इससे वे खुलेआम क्लीनिक, जांच केंद्र आदि का संचालन कर रहे हैं।