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इतनी पत्थर दिल मां: भूख से बिलखती दो मासूम बेटियां, कलेजा न पसीजा; इसलिए कमरे में बंद कर चली गई मायके
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:46 PM IST
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सार
मैनपुरी की एक महिला पति से नाराज होकर अपनी छह माह और तीन साल की बेटियों को दिल्ली में कमरे में बंद छोड़कर मायके चली गई। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मकान मालकिन ने उन्हें बाहर निकाला और सूचना पिता को दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।
थाने में बेटियों को लेकर पहुंचा पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने दो छोटे बच्चों को दिल्ली में एक कमरे में बंद कर दिया और खुद अपने मायके चली गई। बच्चों के रोने की आवाज सुनकर मकान मालकिन ने जब कमरा खोला तो दोनों बच्चे अंदर रोते हुए पाए गए। मकान मालकिन ने तुरंत घटना की सूचना बच्चों के पिता मोनू को दी, जो उन्हें लेकर थाने पहुंचा।
जानकारी के अनुसार, मोनू अपनी पत्नी स्वार्थी के साथ दिल्ली में रहकर ड्राइविंग का काम करता है और अपने बच्चों, तीन वर्षीय बेटी मोनिका और छह माह की बेटी अनन्या, का पालन-पोषण कर रहा है। बुधवार को किसी बात को लेकर मोनू ने अपनी पत्नी स्वार्थी को डांट दिया था। इसी बात से नाराज स्वार्थी ने बुधवार को, जब मोनू गाड़ी चलाने चला गया, तो दोनों बेटियों को कमरे में बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी और अपने मायके थाना एलाऊ क्षेत्र के गांव राजलपुर चली आई।
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जब मकान मालकिन ने कमरे से बच्चों के रोने की आवाज सुनी तो उसने जाकर देखा और पाया कि बच्चे अंदर रो रहे हैं। उसने तुरंत मोनू को सूचित किया। मोनू जब कमरे पर पहुंचा तो उसने देखा कि बच्चे बिस्तर पर रो रहे हैं। मोनू दोनों बच्चों को लेकर अपने गांव धर्मंगदपुर नगरिया आ गया। जब उसने अपनी पत्नी स्वार्थी से संपर्क करने की कोशिश की तो उसका फोन स्विच ऑफ मिला।
शुक्रवार सुबह, मोनू अपने पिता के साथ दोनों बच्चों को लेकर थाने पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि छह माह की अनन्या अभी मां का दूध पीती है और भूख से परेशान है। पुलिस ने जब स्वार्थी से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह अपने पिता के घर राजलपुर में है और अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। मोनू और उसके पिता ने पुलिस से गुहार लगाई कि इन छोटे बच्चों के भविष्य का क्या होगा, वे इनकी परवरिश कैसे करेंगे।
पुलिस ने फिलहाल दोनों बच्चों को उनके पिता मोनू के साथ धर्मंगदपुर नगरिया भेज दिया है। पुलिस अब स्वार्थी से एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव राजलपुर संपर्क कर रही है और बच्चों को उसे सौंपने का प्रयास कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक कलह और बच्चों पर उसके गंभीर परिणामों को उजागर किया है।