{"_id":"6a343812746274355f093059","slug":"road-accident-snatched-away-the-dream-of-wearing-the-uniform-mainpuri-news-c-174-1-sagr1036-161408-2026-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mainpuri News: सड़क हादसे ने छीना वर्दी पहनने का सपना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mainpuri News: सड़क हादसे ने छीना वर्दी पहनने का सपना
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बेवर(मैनपुरी)। नगला बहोरी के रहने वाले दरोगा का पुत्र पुष्पराज भी पिता की तरह वर्दी का सपना देख रहा था। भर्ती की तैयारी कर रहा था मगर बुधवार को कन्नौज में हुए सड़क हादसे में उसकी जान चली गई, हादसा उस समय हुआ जब युवक अपनी शादी के कार्ड बांटने जा रहा था। बृहस्पतिवार को शव गांव पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
थाना क्षेत्र के गांव नगला बहोरी निवासी पुष्पराज उर्फ लालू पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। उसका सपना दरोगा पिता वीर सिंह यादव की तरह ही एक दिन वर्दी पहनने का था। माता पिता का इकलौता पुत्र था। इसके अलावा पांच बहनें हैं चार की शादी हो चुकी है। पिता ने पुष्पराज की शादी तय कर दी थी। कार्ड छप गए थे। 21 जून को लगुन और 26 जून को बरात जानी थी। इकलौते बेटे की शादी को लेकर माता-पिता बेहद खुश थे। घर में खुशियों का माहौल था। बुधवार को पुष्पराज अपनी शादी के कार्ड बांटने के लिए निकला था। दोपहर को जनपद कन्नौज एनएच 34 दिल्ली कानपुर हाईवे प्रेमपुर के पास सड़क हादसे में पुष्पराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
मौत की खबर जब पैतृक गांव नगला बहोरी पहुंची तो परिजन में चीख-पुकार मच गई। पल भर में शादी की खुशियों वाले घर में मातम छा गया। घर में खुशियां मनाने के लिए एकत्र हुए रिश्तेदार भी गमगीन हो गए। परिजन शव लेने के लिए कन्नौज रवाना हो गए। रातभर घर में महिलाओं के रोने की आवाजें सुनाई देती रहीं। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे पुष्पराज का शव गांव पहुंचा। बहनें भाई के शव से लिपट कर रोने लगीं। मां और पिता की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। गमगीन माहौल के बीच पुष्पराज का अंतिम संस्कार किया गया।
विज्ञापन
-- -- --
मां का दुलारा और बहनों का ख्याल रखता था पुष्पराज
पुष्पराज मां के बेहद करीब था। मां का दुलारा होने के साथ ही बहनों का ख्याल रखने वाला था। दरोगा पिता को पुत्र पर अटूट भरोसा था कि वह एक दिन पुलिस की वर्दी जरूर पहनेगा। पुष्पराज नियमित दौड़ लगाता था और इस बार पुलिस भर्ती की परीक्षा भी दी थी। मगर किसी को क्या पता था कि एक पल में माता पिता और पांच बहनों का इकलौता भाई हमेशा के लिए छोड़ कर चला जाएगा।
थाना क्षेत्र के गांव नगला बहोरी निवासी पुष्पराज उर्फ लालू पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था। उसका सपना दरोगा पिता वीर सिंह यादव की तरह ही एक दिन वर्दी पहनने का था। माता पिता का इकलौता पुत्र था। इसके अलावा पांच बहनें हैं चार की शादी हो चुकी है। पिता ने पुष्पराज की शादी तय कर दी थी। कार्ड छप गए थे। 21 जून को लगुन और 26 जून को बरात जानी थी। इकलौते बेटे की शादी को लेकर माता-पिता बेहद खुश थे। घर में खुशियों का माहौल था। बुधवार को पुष्पराज अपनी शादी के कार्ड बांटने के लिए निकला था। दोपहर को जनपद कन्नौज एनएच 34 दिल्ली कानपुर हाईवे प्रेमपुर के पास सड़क हादसे में पुष्पराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौत की खबर जब पैतृक गांव नगला बहोरी पहुंची तो परिजन में चीख-पुकार मच गई। पल भर में शादी की खुशियों वाले घर में मातम छा गया। घर में खुशियां मनाने के लिए एकत्र हुए रिश्तेदार भी गमगीन हो गए। परिजन शव लेने के लिए कन्नौज रवाना हो गए। रातभर घर में महिलाओं के रोने की आवाजें सुनाई देती रहीं। पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे पुष्पराज का शव गांव पहुंचा। बहनें भाई के शव से लिपट कर रोने लगीं। मां और पिता की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। गमगीन माहौल के बीच पुष्पराज का अंतिम संस्कार किया गया।
मां का दुलारा और बहनों का ख्याल रखता था पुष्पराज
पुष्पराज मां के बेहद करीब था। मां का दुलारा होने के साथ ही बहनों का ख्याल रखने वाला था। दरोगा पिता को पुत्र पर अटूट भरोसा था कि वह एक दिन पुलिस की वर्दी जरूर पहनेगा। पुष्पराज नियमित दौड़ लगाता था और इस बार पुलिस भर्ती की परीक्षा भी दी थी। मगर किसी को क्या पता था कि एक पल में माता पिता और पांच बहनों का इकलौता भाई हमेशा के लिए छोड़ कर चला जाएगा।