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Mainpuri News: छात्र की हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:15 PM IST
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मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में 19 साल पहले अनुसूचित जाति के छात्र की हत्या के मामले में दो आरोपी बृहस्पतिवार को दोषी करार दिए गए। स्पेशल जज एससी-एसटी ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 60-60 हजार रुपये का जुुर्माना लगाया है।
आगरा के थाना सदर बाजार क्षेत्र के टुंडपुरा देवरी रोड निवासी अनुसूचित जाति का छात्र धर्मेंद्र कुमार वर्ष 2007 में बीटेक तृतीय का छात्र था। वह एक फाइनेंस कंपनी में भी काम कर रहा था। उसने बेवर के गांव शिवसिंहपुर निवासी अखिलेश उर्फ सतीश का लोन कराया था। चेक की बात को लेकर अखिलेश व धर्मेंद्र के बीच विवाद हो गया था। 23 फरवरी 2007 की शाम अखिलेश अपनी बोलेरो से धर्मेंद्र को साथ ले गया, इसके बाद धर्मेंद्र घर नहीं पहुंचा तो परिजन ने तलाश शुरू की। अगले दिन पिता विशंभर दयाल को फोन कर किसी ने पुत्र धर्मेंद्र की हत्या की जानकारी दी थी। धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या की गई थी। पिता की तहरीर पर अखिलेश और साथी देवेंद्र सिंह यादव फौजी निवासी जागीर एलाऊ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
विवेचक ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, वहीं आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी। मामले की सुनवाई स्पेशल जज एससी-एसटी न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह चौहान ने वादी सहित 9 लोगों की गवाही कराई। साक्ष्य आदि प्रस्तुत किए। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश जय प्रकाश ने अखिलेश और देवेंद्र यादव फौजी को अनुसूचित जाति के छात्र की हत्या का दोषी पाया। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सजा के बाद दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया।
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विवेचक ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा, वहीं आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी। मामले की सुनवाई स्पेशल जज एससी-एसटी न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह चौहान ने वादी सहित 9 लोगों की गवाही कराई। साक्ष्य आदि प्रस्तुत किए। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश जय प्रकाश ने अखिलेश और देवेंद्र यादव फौजी को अनुसूचित जाति के छात्र की हत्या का दोषी पाया। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सजा के बाद दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया।