मथुरा । इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्टार्टअप केंद्र संचालित जेनेसिस उद्यमी-इन-रेजिडेंस योजना के अंतर्गत जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा स्थित स्पार्कल जीएलए इन्क्यूबेशन केंद्र में उद्यमी-इन-रेजिडेंस 2.0 (द्वितीय समूह) के लिए चार नवाचार आधारित नवोद्यमों को 20 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया।
यह आर्थिक सहायता चयनित नवोद्यमों को उनके प्रारंभिक नवाचार, उत्पाद विकास तथा बाजार में प्रवेश की प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है। योजना के अंतर्गत चयनित सभी नवोद्यम अब औपचारिक रूप से स्पार्कल जीएलए इन्क्यूबेशन केंद्र के संवर्धन पारितंत्र का हिस्सा बन गए हैं। संवर्धन एवं अनुदान अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं स्पार्कल के संचालन मंडल के अध्यक्ष प्रोफेसर अनूप कुमार गुप्ता तथा स्पार्कल जीएलए इन्क्यूबेशन केंद्र के उपाध्यक्ष रविकुमार तिवारी, केंद्र की टीम से जनसंपर्क प्रबंधक दीपक शर्मा तथा समन्वयक जितेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।
पिछले साल भी इस योजना के प्रथम समूह में दो नवोद्यमों को 10-10 लाख रुपये, कुल 20 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया था, जिससे संबंधित नवोद्यमों को अपने नवाचारों को आगे बढ़ाने और व्यावसायिक रूप से सशक्त बनने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त हुई थी। पिछले एक वर्ष के दौरान स्पार्कल जीएलए इन्क्यूबेशन केंद्र ने 16 नवोद्यमों को एक करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। इस मौके पर कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के स्टार्टअप केंद्र की जेनेसिस उद्यमी-इन-रेजिडेंस जैसी योजनाएं युवा उद्यमियों को नवाचार आधारित जोखिम उठाने के लिए प्रेरित करती हैं।