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Mathura: मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, जाम में नहीं फंसेंगे वाहन: हाईटेक कंट्रोल रूम शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 01 Apr 2026 10:40 PM IST
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सार
मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब उन्हें जाम नहीं फंसना पड़ेगा। इसके लिए हाईटेक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसके जरिये शहर में वाहनों पर सीधी नजर रखी जाएगी। ट्रैफिक जाम की स्थिति का रियल-टाइम अलर्ट मिलने से श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के सुगम आवागमन में भी महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।
हाईटेक कंट्रोल रूम का मुआयना करते एसएसपी श्लोक कुमार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा जिले में अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के लिए शहर में तीसरी आंख की निगरानी और सख्त हो गई है। बुधवार को पुलिस लाइन परिसर में अत्याधुनिक यूनिफाइड हाईटेक कंट्रोल रूम की शुरुआत एसएसपी श्लोक कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक सुरेशचंद्र रावत ने की। 1.25 करोड़ रुपये की लागत से कंट्रोल रूम सीआरएस के तहत निर्मित किया गया है। इससे हिट एंड रन हो या फिर जाम का रियल टाइम अपडेट, आसानी से मिल सकेगा।
एसएसपी ने बताया कि परियोजना में जिले के सीमावर्ती इलाकों, प्रमुख आवागमन मार्गों और महत्वपूर्ण चौराहों सहित कुल 48 स्थानों पर चार-चार एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं, जिससे कुल 192 नए कैमरे स्थापित हुए हैं। एएनपीआर कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट से डाटा को स्वचालित रूप से पढ़कर उसे स्टोर करने में सक्षम हैं। इस तकनीक के माध्यम से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कोई विशेष वाहन पूरे जनपद में कितनी बार और किन-किन स्थानों से गुजरा है। इसके अतिरिक्त, इन कैमरों की सहायता से वाहन के रंग, निर्माण और मॉडल के आधार पर भी उसे खोजा जा सकता है।
इस नई व्यवस्था के जुड़ने से पहले इसी वर्ष 22 स्थानों पर 88 कैमरे स्थापित किए गए थे। अब कुल 70 स्थान एएनपीआर कैमरों की निगरानी के दायरे में आ गए हैं। इन सभी कैमरों से प्राप्त विजिबिलिटी और बैकअप की लगातार निगरानी यूनिफाइड कंट्रोल रूम में की जाएगी। कंट्रोल रूम में दो महीने तक का डेटा स्टोरेज रखने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
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एसएसपी ने बताया कि परियोजना में जिले के सीमावर्ती इलाकों, प्रमुख आवागमन मार्गों और महत्वपूर्ण चौराहों सहित कुल 48 स्थानों पर चार-चार एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं, जिससे कुल 192 नए कैमरे स्थापित हुए हैं। एएनपीआर कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट से डाटा को स्वचालित रूप से पढ़कर उसे स्टोर करने में सक्षम हैं। इस तकनीक के माध्यम से यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कोई विशेष वाहन पूरे जनपद में कितनी बार और किन-किन स्थानों से गुजरा है। इसके अतिरिक्त, इन कैमरों की सहायता से वाहन के रंग, निर्माण और मॉडल के आधार पर भी उसे खोजा जा सकता है।
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इस नई व्यवस्था के जुड़ने से पहले इसी वर्ष 22 स्थानों पर 88 कैमरे स्थापित किए गए थे। अब कुल 70 स्थान एएनपीआर कैमरों की निगरानी के दायरे में आ गए हैं। इन सभी कैमरों से प्राप्त विजिबिलिटी और बैकअप की लगातार निगरानी यूनिफाइड कंट्रोल रूम में की जाएगी। कंट्रोल रूम में दो महीने तक का डेटा स्टोरेज रखने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
एसएसपी ने बताया कि हाईटेक कंट्रोल रूम के संचालन से जिले में अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने में काफी सहायता मिलेगी। हिट एंड रन जैसे गंभीर मामलों में शामिल वाहनों की पहचान और उन्हें पकड़ना अधिक सुगम हो जाएगा। साथ ही, चोरी के वाहनों का पता लगाना भी आसान होगा। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम की स्थिति का रियल-टाइम अलर्ट मिलने से श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के सुगम आवागमन में भी महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी, जो मथुरा जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।
एएनपीआर कैमरों की प्रमुख विशेषताएं
स्वचालित प्लेट पहचान: कैमरे स्वचालित रूप से वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ते हैं और ओसीआर तकनीक का उपयोग करके प्लेट के अक्षरों और अंकों को डिजिटल टेक्स्ट में बदलते हैं। इससे कैमरे 95 से 99 फीसदी तक रिकग्निशन एक्यूरेसी प्रदान करते हैं। एआई और डीप लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग इसकी सटीकता को और बढ़ाता है।
एएनपीआर कैमरों की प्रमुख विशेषताएं
स्वचालित प्लेट पहचान: कैमरे स्वचालित रूप से वाहनों की नंबर प्लेट को पढ़ते हैं और ओसीआर तकनीक का उपयोग करके प्लेट के अक्षरों और अंकों को डिजिटल टेक्स्ट में बदलते हैं। इससे कैमरे 95 से 99 फीसदी तक रिकग्निशन एक्यूरेसी प्रदान करते हैं। एआई और डीप लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग इसकी सटीकता को और बढ़ाता है।
रियल-टाइम प्रोसेसिंग: प्लेट को पढ़ने में एक सेकंड या उससे भी कम समय लगता है, जिससे रियल-टाइम निगरानी संभव होती है। यह 200-320 किमी/घंटा तक की गति से चलने वाले वाहनों पर भी प्रभावी ढंग से काम करता है।
दिन-रात काम करने की क्षमता: इन्फ्रारेड इल्यूमिनेशन की मदद से यह कम रोशनी, रात या खराब मौसम में भी स्पष्ट तस्वीरें कैप्चर कर सकता है। हाई-रेजोल्यूशन कैमरे विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
मल्टी-लेन और मल्टी-डायरेक्शन सपोर्ट: यह एक साथ कई लेन और विभिन्न दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है। यह वाहन की गति, दिशा, ब्रांड, रंग और मॉडल जैसी अतिरिक्त जानकारी भी कैप्चर करता है।
डेटाबेस इंटीग्रेशन: यह सिस्टम व्हाइट लिस्ट/ब्लैक लिस्ट, चोरी हुए वाहन और टोल डेटा बेस जैसे अन्य डेटा बेस से जुड़कर स्वचालित रूप से अलर्ट जनरेट कर सकता है।
दिन-रात काम करने की क्षमता: इन्फ्रारेड इल्यूमिनेशन की मदद से यह कम रोशनी, रात या खराब मौसम में भी स्पष्ट तस्वीरें कैप्चर कर सकता है। हाई-रेजोल्यूशन कैमरे विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
मल्टी-लेन और मल्टी-डायरेक्शन सपोर्ट: यह एक साथ कई लेन और विभिन्न दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों को ट्रैक करने की क्षमता रखता है। यह वाहन की गति, दिशा, ब्रांड, रंग और मॉडल जैसी अतिरिक्त जानकारी भी कैप्चर करता है।
डेटाबेस इंटीग्रेशन: यह सिस्टम व्हाइट लिस्ट/ब्लैक लिस्ट, चोरी हुए वाहन और टोल डेटा बेस जैसे अन्य डेटा बेस से जुड़कर स्वचालित रूप से अलर्ट जनरेट कर सकता है।