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Gas Crisis Impact: गैस संकट ने तोड़ी कमर, बंद होने की कगार पर छोटे उद्योग; जानें क्या-क्या हो जाएगा महंगा

संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 02 Apr 2026 01:09 PM IST
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सार

Gas Crisis Impact: गैस और तेल संकट के चलते मथुरा के साड़ी, चांदी और अन्य उद्योगों में उत्पादन घटा और लागत बढ़ गई है। इसका असर बाजार में महंगाई के रूप में दिख रहा है, कई छोटी इकाइयां बंद होने की कगार पर हैं।
 

Production Declines Amidst Gas-Oil Crisis; Inflation Rises
साड़ी उद्योग का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

तेल और गैस संकट का असर अब उद्योगों पर भारी पड़ने लगा है। साड़ी उद्योग पर व्यापक असर पड़ा है तो वहीं चांदी, गिलट, टोंटी उद्योग, प्रिटिंग प्रेस और होटल-रेस्टोरेंट सभी प्रभावित हैं। पीएनजी व गैस की सप्लाई पर बंदिशों से उत्पादन में गिरावट आ गई है तो वहीं लागत कई गुना बढ़ गई है। इससे यह उत्पाद भी महंगे हो गए हैं। चांदी व गिलट के छोटे कारखाने बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं।
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पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के चलते एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी और पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण में बंदिशों का असर सीधा उद्योग पर पड़ा है। ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में होने के बाद भी मथुरा के उद्योगों को सब्सिडी पर पीएनजी नहीं दी जाती है, जबकि आगरा व फिरोजाबाद में सब्सिडी मिल रही है। चैंबर के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रमुख साड़ी उद्यमी राजेश कुमार बजाज का कहना है कि मथुरा के प्रमुख उद्योगों में एक साड़ी उद्योग के उत्पादन में 30 से 35 फीसदी की गिरावट आ गई है।

 
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पीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनी ने 18 मार्च के बाद नई बंदिश लगाई है। इसमें पिछले छह माह में खर्च की गई कुल गैस का 70 फीसदी ही सप्लाई की जाएगी। इस दशा में गैस आपूर्ति में 30 फीसदी की कमी आई। उद्योग में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि हुई। इसका सीधा असर साड़ी के दाम पर भी पड़ेगा। इसी कारण उत्पादन कम हो गया है। ऑर्डर भी पूरे करना मुश्किल है।

 

गिलट उद्यमी तुषार अग्रवाल ने बताया कि गिलट उद्योग बुरी तरह प्रभावित है। मेटल की कीमतें और बढ़ गई हैं। लागत निकालना मुश्किल हो गया है। गैस आपूर्ति के संकट ने रही सही कसर पूरी कर दी है। इससे गिलट के आयटम के दाम भी बढ़ गए हैं। कई छोटी इकाइयां बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं। संकट का सीधा असर महंगाई के रूप में सामने आएगा। चांदी उद्योग में गलाई और अन्य कामों पर गैस संकट का असर पड़ा है। चांदी पहले से ही महंगी थी, अब यह आम लोगों की पहुंच से बाहर जाती दिख रही है।

 

प्रिटिंग प्रेस उद्यमी मुकेश अग्रवाल ग्राफिक का कहना है कि प्रिटिंग प्रेस उद्योग पर बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। लागत बढ़ने से प्रिटिंग के दाम भी बढ़ गए हैं। कलर भी महंगे हो गए हैं। इन सबका असर बाजार में दिखाई देने लगा है। होटल व्यवसायी अमित जैन का कहना है कि संकट का असर दिखाई देने लगा है। कॉस्ट लगातार बढ़ रही है।
 

चैंबर के अध्यक्ष राजीव ब्रजवासी का कहना है कि वैश्विक संकट का असर तो प़ड़ता ही है, लेकिन लोगों को संयम से काम लेना चाहिए। जिस तरह की परिस्थितियां हैं, उनके दूरगामी परिणाम आएंगे मगर इसके बाद भी हमारे यहां गनीमत है। उत्पादन में गिरावट आई है। लागत भी बढी है, लेकिन यह इतनी ज्यादा नहीं है।
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