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Holi 2026: प्रियाकान्त जू मंदिर में जानें कब खेली जाएगी होली, तैयारियां हो चुकी हैं पूरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:03 PM IST
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सार
वृंदावन के प्रियाकांतजु मंदिर में 23 फरवरी से श्रीमद्भागवत कथा के साथ महोत्सव शुरू होगा और 2 मार्च को हाइड्रोलिक पिचकारी से सात प्रकार की होली खेली जाएगी।
पूर्व में होली खेलते देवकीनंदन महाराज।
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विस्तार
ठाकुर श्रीप्रियाकांतजु मंदिर की प्रसिद्ध हाइड्रोलिक होली दो मार्च को खेली जाएगी। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज के सानिध्य में रंगों में सराबोर होंगे। मंदिर में 23 फरवरी से महोत्सव का प्रारंभ होगा। इसकी तैयारियां पूर्ण कर लीं हैं।
प्रियाकांतजु मंदिर के प्रबंधक रवि रावत ने बताया कि विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में 23 फरवरी से 1 मार्च तक दोपहर 3.30 से सायं 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। इसमें देवकीनंदन महाराज कथा सुनाएंगे। वहीं 2 मार्च को मंदिर प्रांगण में सुबह 10 बजे से सात प्रकार की होली होगी।
इसे फूलों की होली, लड्डू-जलेबी होली, रसिया गायन होली, भजन नृत्य होली, लठामार होली, गुलाल की और अंत में टेसू के रंगों से होली खेली जाएगी। श्रद्धालुओं पर हाइड्रोलिक पिचकारी से टेसू के फूलों से बने रंग बरसाए जाएंगे।
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प्रियाकांतजु मंदिर के प्रबंधक रवि रावत ने बताया कि विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में 23 फरवरी से 1 मार्च तक दोपहर 3.30 से सायं 7 बजे तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होगा। इसमें देवकीनंदन महाराज कथा सुनाएंगे। वहीं 2 मार्च को मंदिर प्रांगण में सुबह 10 बजे से सात प्रकार की होली होगी।
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इसे फूलों की होली, लड्डू-जलेबी होली, रसिया गायन होली, भजन नृत्य होली, लठामार होली, गुलाल की और अंत में टेसू के रंगों से होली खेली जाएगी। श्रद्धालुओं पर हाइड्रोलिक पिचकारी से टेसू के फूलों से बने रंग बरसाए जाएंगे।
