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UP: घर में घुसकर महिला को मारी थी गोली, हत्या में पांच सगे भाइयों समेत छह को आजीवन कारावास; जुर्माना भी लगा

Wed, 15 Jul 2026 09:56 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Arun Parashar Updated Wed, 15 Jul 2026 09:56 PM IST
सार

मथुरा में घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में कोर्ट ने पांच सगे भाइयों समेत छह दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है।

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Life imprisonment to six including five real brothers in case of murder of woman in Mathura
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा में रंजिश के चलते घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या करने वाले छह लोगों को एडीजे-6 अनुराग शर्मा ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 3.70 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से 50 प्रतिशत धनराशि पीड़िता के परिवार को दी जाएगी।
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शहर कोतवाली की चौकी कृष्णानगर स्थित मोहल्ला लक्ष्मी नगर निवासी विजयपाल सिंह ने 15 जून 2014 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने लिखा कि पड़ोस में रहने वाला रामगोपाल उनसे रंजिश मानता है। इसी के चलते षड्यंत्र के तहत सुबह 9.15 बजे रामगोपाल का भाई अर्जुन, अर्जुन के बेटे लोकेश, विकास, चंद्रशेखर उर्फ चंदू, कोसीकलां निवासी राजू उर्फ राजेंद्र उनके घर में घुस आए।
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सभी ने आते ही गाली गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विकास ने उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी पर फायर कर दिया। चंदू उर्फ चंद्रशेखर ने उनके बेटे देवेंद्र पर फायरिंग की। देवेंद्र तो बच गया लेकिन उनकी पत्नी को गोली लग गई। परिजन अस्पताल लेकर जाते इससे पहले ही लक्ष्मी देवी की मौत हो गई। सभी तमंचे लहराते हुए भाग गए। पुलिस ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। मामले की विवेचना तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुंवर सिंह यादव ने की।
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पुलिस ने 17 जून 2014 को रामगोपाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, यहां से उसे जेल भेज दिया। वहीं पुलिस ने 23 नवंबर 2014 को राजू उर्फ राजेंद्र को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर तमंचा बरामद किया। विवेचक ने प्राथमिकी में नामजद अर्जुन व उसके तीनों बेटों लोकेश, विकास, चंदू के नाम विवेचना से निकाल लिए। केवल रामगोपाल और राजू के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।

मामले की सुनवाई एडीजे-6 कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्राथमिकी में दर्ज अन्य आरोपियों को भी तलब किया। कोर्ट द्वारा तलब करने पर पुलिस ने पुन: विवेचना की और अर्जुन, लोकेश, विकास, चंदू के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किया। बुधवार को कोर्ट में आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष साबित करने का काफी प्रयास किया लेकिन एडीजीसी की दलील, पुलिस रिपोर्ट, मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाह समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

 
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