मथुरा कार हादसा: लाडलों के शव पहुंचते ही मची चीत्कार, कांपे लोग, किसी का सहारा छिना तो कहीं घर का चिराग बुझा
नगला देविया में रजबहे में कार गिरने से चार युवकों की मौत हो गई। मोहित, राहुल और अमित सहित सभी युवा थे। उनके परिवारों में गहरा शोक पसरा है।
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मथुरा के नगला देविया में रजबहे में चार कार सवारों की मौत ने झकझोर दिया। कस्बे के मोहल्ले बलदेवगढ़ में मोहित और राहुल के शव एक साथ घर पहुंचे तो चीत्कार मच गया। दोनों चचेरे भाइयों की अर्थियां एक घर से उठीं तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सैकड़ों लोग परिवारीजन को ढांढस बंधाने की कोशिश करते नजर आए। जिसने भी यह मंजर देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।
मोहित की मां मीना और राहुल की मां आशा का रो-रोकर बुरा हाल है। अपने लालों के शव देखकर बदहवास हो गईं। पिता भी बार-बार बेसुध हो रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दुख इतना बड़ा है कि सांत्वना के शब्द भी कम पड़ रहे हैं। मोहित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। उनका बुरा हाल था। उसके पिता प्रेमसिंह मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मोहित भी एलएलबी कर रहा था।
अमित बनना चाहता था वकील, कर रहा था पढ़ाई
महावन के प्रेम नगर में युवक अमित की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अमित के पिता पेशे से डॉक्टर हैं और महावन में उनका क्लीनिक है। तीन बेटों में अमित सबसे छोटा था। वह भी मोहित के साथ एलएलबी कर रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि अमित स्वभाव से बेहद मिलनसार था। पिता का सपना था कि बेटा पढ़-लिखकर एक सफल वकील बने, लेकिन उनके सपने बिखर गए। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता गहरे सदमे में हैं, वहीं मां और बहनें बेसुध हो जा रही हैं। घर में मातम पसरा हुआ है और रिश्तेदार व ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
पिता की दुकान को संभालता था राहुल
मृतक रोहित के पिता चरण सिंह की कस्बे में बांबे टेलर के नाम से दुकान है। वह पिता के साथ खुद की दुकान की जिम्मेदारी संभाल रहा था। वह चार भाइयों में सबसे छोटा था। तीन बड़े भाइयों की शादी हो चुकी है। परिजन राहुल के लिए अच्छे रिश्ते की तलाश में थे।
फरीदाबाद से मौत खींचकर ले आई
ग्रामीणों के अनुसार, गुलशन कल ही फरीदाबाद से गांव में आया था। गांव के जयप्रकाश फरीदाबाद में मजदूरी करते हैं। वहीं उनकी दोस्ती गुलशन नामक युवक से हुई थी। इस कारण गुलशन का गांव में आना-जाना लगा रहता था। इसी दौरान गुलशन की पहचान अमित से हो गई और दोनों में मित्रता हो गई। बताया जा रहा है कि घटना वाली शाम गुलशन फरीदाबाद से महावन आया था। ग्रामीणों का कहना है कि अमित उसे अपने साथ लेकर गया।
गुल्लू की मां के नहीं थमे आंसू
हादसे में चौथा मृतक गुलशन उर्फ गुल्लू की मां प्रमिला देवी सुबह तड़के ही मथुरा आ गईं। बार-बार अपने बेटे का एक बार चेहरा देखने के लिए जिद की, लेकिन ऐसा संभव न हो सका। मां ने बताया कि गुलशन पांच भाइयों में सबसे छोटा था। उनका परिवार मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है। फरीदाबाद में रहकर अपने भाई के साथ पेंटिंग का काम करता था।