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UP: नौ अगस्त को कारसेवा का होगा शंखनाद, मंगाए गए पांच हजार टन पत्थर; 13 अखाड़ों के संत जुटेंगे
Tue, 04 Aug 2026 06:00 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 04 Aug 2026 06:00 AM IST
सार
श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के आह्वान के साथ 9 अगस्त को राधाकुंड स्थित चित्रगुप्त पीठ में शिलापूजन और कारसेवा के शंखनाद की घोषणा की गई है। इसके लिए भरतपुर से 5 हजार मीट्रिक टन गुलाबी पत्थर मंगाए गए हैं, जबकि प्रशासन ने मामला अदालत में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए अलर्ट बढ़ा दिया है।
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भरतपुर के बंसी पहाड़पुर में स्थित स्टोन वेयरहाउस में पत्थर देखते स्वामी सच्चिदानंद महाराज व अन्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के आह्वान के साथ चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज 9 अगस्त को मथुरा के राधाकुंड स्थित चित्रगुप्त पीठ कार्यशाला में शिलापूजन करेंगे। साथ ही कारसेवा का शंखनाद करते हुए पत्थरों को तराशने का काम भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए बंसी पहाड़पुर भरतपुर के गुलाबी रंग के पांच हजार मीट्रिक टन पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है। अयोध्या में हुए श्रीराम मंदिर के भव्य निर्माण में भी इन्हीं पत्थरों को लगाया गया था।
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स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 4 जुलाई को अयोध्या आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कारसेवा का ऐलान किया था। इसके लिए उन्होंने 12 जुलाई को हरिद्वार स्थित वात्सल्य गंगा आश्रम में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात कर समर्थन मांगा था। उधर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज और निर्मोही अखाड़े के राष्ट्रीय प्रवक्ता संत सीताराम दास ने भी इस कार सेवा को अपना समर्थन दिया था।
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स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण और नक्काशी के लिए राजस्थान के भरतपुर जिले के बंसी पहाड़पुर से विशेष गुलाबी पत्थरों को चुना गया है। यही वह ऐतिहासिक और मजबूत पत्थर हैं जिसका उपयोग अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में किया गया है। उन्हें मंगाने के लिए दस लाख रुपये देते हुए आर्डर दे दिया गया है। तीन गाड़ियां चार अगस्त को ही पहुंच जाएंगीं। नौ अगस्त से कारीगर शिलाओं की नक्काशी और तराशने का काम शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित निर्माण व उससे जुड़ी गतिविधियां न्यायालय के अंतिम निर्णयों और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के अधीन रहेंगी।
13 अखाड़ों के संत जुटेंगे
सच्चिदानंद महाराज के मुताबिक इस कार्यक्रम में 13 प्रमुख अखाड़ों के साधु-संत, महामंडलेश्वर और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उनकी उपस्थिति में शिला पूजन व शंखनाद का विधिवत निर्णय लिया जाएगा।
सच्चिदानंद महाराज के मुताबिक इस कार्यक्रम में 13 प्रमुख अखाड़ों के साधु-संत, महामंडलेश्वर और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उनकी उपस्थिति में शिला पूजन व शंखनाद का विधिवत निर्णय लिया जाएगा।
कार सेवा की घोषणा के बाद प्रशासन अलर्ट
कारसेवा की सार्वजनिक घोषणा के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन या भड़काऊ गतिविधि पर रोक के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद पीठ की ओर से शिला पूजन और पत्थर मंगवाने की तैयारियां जारी हैं।
कारसेवा की सार्वजनिक घोषणा के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। नगर मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्र ने स्वामी सच्चिदानंद महाराज को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन या भड़काऊ गतिविधि पर रोक के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद पीठ की ओर से शिला पूजन और पत्थर मंगवाने की तैयारियां जारी हैं।
कोर्ट में विचाराधीन है प्रकरण
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा पूरा विवाद वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। संवेदनशील कानूनी स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि क्षेत्र में शांति व सौहार्द बनाए रखें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा पूरा विवाद वर्तमान में इलाहाबाद हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। संवेदनशील कानूनी स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस व जिला प्रशासन चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि क्षेत्र में शांति व सौहार्द बनाए रखें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें।