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राधारमण मंदिर में चल रहे निकुंज महोत्सव में पहुंची सांसद हेमामालिनी
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वृंदावन (मथुरा)। श्रीराधारमण मंदिर में चल रहे ग्रीष्मकालीन निकुंज महोत्सव में बृहस्पतिवार को सांसद हेमा मालिनी पहुंचीं। जहां उन्होंने सेवायत आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी के आचार्यत्व में पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य देहरी पूजन किया। तत्पश्चात उन्होंने श्रीमद्भागवत मूल पाठ, श्रीचैतन्य भागवत, विष्णु सहस्त्रनाम, नारायण कवच आदि का भी पूजन किया एवं वेदपाठी ब्राह्मणों का भी पूजन कर सांसद ने सम्मान किया।
निकुंज सेवा महोत्सव के अंतर्गत रसाल कुंज में विराजित होकर ठाकुर राधारमण लाल ने भक्तों को दर्शन दिए। रसाल कुंज में बनी प्रभु की फूलबंगला झांकी में 11 प्रकार की सब्जी एवं फल का प्रयोग कर भावस्वरूप सेवा में अर्पित किए गए। ब्रज के प्रख्यात फूलबंगला कलाकारों द्वारा बैंगन, टिंडा, नीबू, भिंडी, करेला, सेब, केला, अनन्नास, मोसम्मी, अनार आदि सब्जी एवं फलों से रसाल कुंज सजाई गई।
रसाल कुंज की झांकी सभी भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं। मंदिर प्रांगण में चल रहे हरिनाम संकीर्तन पर भक्त एवं श्रद्धालु नृत्य कर आनंद लूट रहे थे। निकुंज महोत्सव में बरस रहे आनंद रस से भीगा हर भक्त अपने आप को धन्य महसूस कर रहा था।
आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि एक कोटि देवगण रूप में स्थित एकादश रुद्र में दशम रुद्र कहे जाने वाले शर्वा रुद्र द्वारा भावस्वरूप ठाकुर राधारमण लाल की निकुंज सेवा की गई है। इस अवसर पर आचार्य वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी एवं सुवर्ण गोस्वामी आदि उपस्थित थे।
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निकुंज सेवा महोत्सव के अंतर्गत रसाल कुंज में विराजित होकर ठाकुर राधारमण लाल ने भक्तों को दर्शन दिए। रसाल कुंज में बनी प्रभु की फूलबंगला झांकी में 11 प्रकार की सब्जी एवं फल का प्रयोग कर भावस्वरूप सेवा में अर्पित किए गए। ब्रज के प्रख्यात फूलबंगला कलाकारों द्वारा बैंगन, टिंडा, नीबू, भिंडी, करेला, सेब, केला, अनन्नास, मोसम्मी, अनार आदि सब्जी एवं फलों से रसाल कुंज सजाई गई।
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रसाल कुंज की झांकी सभी भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं। मंदिर प्रांगण में चल रहे हरिनाम संकीर्तन पर भक्त एवं श्रद्धालु नृत्य कर आनंद लूट रहे थे। निकुंज महोत्सव में बरस रहे आनंद रस से भीगा हर भक्त अपने आप को धन्य महसूस कर रहा था।
आध्यात्मिक गुरु आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी ने बताया कि एक कोटि देवगण रूप में स्थित एकादश रुद्र में दशम रुद्र कहे जाने वाले शर्वा रुद्र द्वारा भावस्वरूप ठाकुर राधारमण लाल की निकुंज सेवा की गई है। इस अवसर पर आचार्य वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी एवं सुवर्ण गोस्वामी आदि उपस्थित थे।
