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Mathura News: दादरी से नोएडा-ग्रेनो तक सार्वजनिक परिवहन सेवा नहीं, मुसाफिर परेशान
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कारखानों में काम करने वाले जनपद समेत आसपास से नोएडा-ग्रेटर नोएडा आते हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जनपद के लोकल रूटों पर बस सेवा न होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरन उन्हें निजी वाहनों से सफर करना पड़ता है, जिसका सीधा असर, यात्रियों की जेब पर पड़ता है।
ग्रेटर नोएडा और नोएडा के छोटे-बड़े कारखानों में जनपद और आसपास के कस्बों से बड़ी संख्या में लोग काम पर आते हैं। सुबह-शाम कई यात्री दादरी तक ट्रेन से पहुंचते हैं, फिर वहां से उन्हें ग्रेटर नोएडा और नोएडा आने-जाने में परेशानी होती है दादरी से ग्रेटर नोएडा, नोएडा, कासना, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद जैसे प्रमुख रूटों पर कोई बस सेवा नहीं है। यात्रियों ने बताया कि रात के वक्त परेशानी अधिक बढ़ जाती है।
आर्य प्रतिनिधि सभा के जिला उपाध्यक्ष डॉ. आनंद आर्य ने बताया कि लोकल रूटों पर बस सेवा शुरू करने को लेकर कई बार नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो के एआरएम से मांग की गई, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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लोकल रूटों पर सिटी बस शुरू करने की योजना है। प्राधिकरण द्वारा ई-बसें चलाईं जाएंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी। - राजेश वर्मा, एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो
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गांवों को मुख्यालय से जोड़ेगी मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना
- हर ब्लॉक में कम से कम दो बसें चलाने की तैयारी कर रहा विभाग
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फोटो : रोडवेज से बसें
नोएडा। गांवों में बस सेवा बेहतर करने के लिए बुधवार को परिवहन निगम और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस संचालकों के साथ बैठक की है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को लेकर भी बस संचालकों को जानकारी दी। जिले की रोडवेज बसें फिलहाल लोदाना, कलौंदा और फजैलपुरा के लिए चलती हैं। इसके बाद भी कई गांव ऐसे हैं जहां बस सेवा नहीं है। आरटीओ गाजियाबाद डॉ. सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय आदि अधिकारियों के मुताबिक, बस संचालक इसका हिस्सा बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आवेदनों का परीक्षण व चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किया जाएगा। 15 से 28 सीटर वाहन होने पर ही आवेदन स्वीकृत होगा। साथ ही वाहन की उम्र भी अधिकतम आठ वर्ष तय की गई है। अधिकारियों ने बताया कि हर ब्लॉक में कम से कम दो बसों का संचालन किया जाएगा। ब्यूरो
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जनपद के लोकल रूटों पर बस सेवा न होने से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरन उन्हें निजी वाहनों से सफर करना पड़ता है, जिसका सीधा असर, यात्रियों की जेब पर पड़ता है।
ग्रेटर नोएडा और नोएडा के छोटे-बड़े कारखानों में जनपद और आसपास के कस्बों से बड़ी संख्या में लोग काम पर आते हैं। सुबह-शाम कई यात्री दादरी तक ट्रेन से पहुंचते हैं, फिर वहां से उन्हें ग्रेटर नोएडा और नोएडा आने-जाने में परेशानी होती है दादरी से ग्रेटर नोएडा, नोएडा, कासना, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद जैसे प्रमुख रूटों पर कोई बस सेवा नहीं है। यात्रियों ने बताया कि रात के वक्त परेशानी अधिक बढ़ जाती है।
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आर्य प्रतिनिधि सभा के जिला उपाध्यक्ष डॉ. आनंद आर्य ने बताया कि लोकल रूटों पर बस सेवा शुरू करने को लेकर कई बार नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो के एआरएम से मांग की गई, मगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोकल रूटों पर सिटी बस शुरू करने की योजना है। प्राधिकरण द्वारा ई-बसें चलाईं जाएंगी, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी। - राजेश वर्मा, एआरएम ग्रेटर नोएडा डिपो
गांवों को मुख्यालय से जोड़ेगी मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना
- हर ब्लॉक में कम से कम दो बसें चलाने की तैयारी कर रहा विभाग
फोटो : रोडवेज से बसें
नोएडा। गांवों में बस सेवा बेहतर करने के लिए बुधवार को परिवहन निगम और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बस संचालकों के साथ बैठक की है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को लेकर भी बस संचालकों को जानकारी दी। जिले की रोडवेज बसें फिलहाल लोदाना, कलौंदा और फजैलपुरा के लिए चलती हैं। इसके बाद भी कई गांव ऐसे हैं जहां बस सेवा नहीं है। आरटीओ गाजियाबाद डॉ. सियाराम वर्मा, एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायण पांडेय आदि अधिकारियों के मुताबिक, बस संचालक इसका हिस्सा बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आवेदनों का परीक्षण व चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किया जाएगा। 15 से 28 सीटर वाहन होने पर ही आवेदन स्वीकृत होगा। साथ ही वाहन की उम्र भी अधिकतम आठ वर्ष तय की गई है। अधिकारियों ने बताया कि हर ब्लॉक में कम से कम दो बसों का संचालन किया जाएगा। ब्यूरो