मथुरा। बढ़ती गर्मी लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। तेज धूप, उमस और लू के थपेड़ों के बीच जिला अस्पताल में ह्दय और पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सुबह ओपीडी खुलने से पहले ही अस्पताल परिसर में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 100 मरीज गर्मी जनित बीमारियों के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी, इमरजेंसी और मेडिसिन वार्ड में सबसे अधिक मरीज उल्टी-दस्त, तेज बुखार, कमजोरी, चक्कर, ब्लड प्रेशर असंतुलन और सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के कारण शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी होने से स्थिति गंभीर हो रही है। इस मौसम में हृदय रोगियों के लिए सतर्कता जरूरी है। दूषित और बासी खाद्य पदार्थों के सेवन से डायरिया के मामलों में इजाफा हो रहा है। बुजुर्ग, बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, ओआरएस और तरल पदार्थों का सेवन करें तथा ताजा भोजन खाएं। सीने में दर्द, कमजोरी, उल्टी-दस्त या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सीय सलाह लें।