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गुरु के ध्यान और सत्संग से ही आत्मा का कल्याण संभव: पंकज महाराज
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भक्तों का अभिवादन स्वीकार करते पंकज महाराज।
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मथुरा। हाईवे स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित तीन दिवसीय गुरु पूर्णिमा सत्संग महोत्सव के दौरान बुधवार को संस्थाध्यक्ष पंकज महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु के ध्यान और सत्संग के माध्यम से ही आत्मा का वास्तविक कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि गुरु की भक्ति केवल प्रभु को पाने के उद्देश्य से करनी चाहिए तभी मानव जीवन सफल हो सकता है।
सुबह नाम योग साधना मंदिर और सत्संग भवन में गुरु पूजन, ध्यान और आरती के उपरांत पंकज महाराज ने कहा कि जैसे समुद्र की लहरों का संबंध समुद्र से होता है, उसी प्रकार गुरु का संबंध शब्द से होता है। गुरु के ध्यान के माध्यम से साधक की सुरत शब्द से जुड़ती है और मन संसार की ओर से हटकर ईश्वर की ओर जागृत होने लगता है। उन्होंने कहा कि मन एक ही है, उसे या तो संसार के मोह में लगाया जा सकता है या गुरु की भक्ति में। जब मन को गुरु का उच्च प्रेम प्राप्त होता है तब वह धीरे-धीरे संसार के मोह से मुक्त होने लगता है। उन्होंने कर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संसार कर्म प्रधान है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। बुरे कर्म लोहे की जंजीर और अच्छे कर्म सोने की बेड़ियों के समान हैं, जबकि संतों का सत्संग मनुष्य को कर्म बंधनों से मुक्ति की दिशा में ले जाता है। उन्होंने शाकाहार, सदाचार और गुरु की आज्ञा के पालन को आध्यात्मिक उन्नति का आधार बताया। पंकज महाराज ने कहा कि जयगुरुदेव नाम का जाप करने से मनुष्य का भौतिक और आत्मिक कल्याण होता है।
आश्रम में सिमटा लघु भारत
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु जयगुरुदेव आश्रम पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समूचा भारत आश्रम परिसर में सिमट आया हो। आश्रम में दिनभर सेवा, सत्संग और भंडारों का क्रम चलता रहा। महोत्सव की शुरुआत पंकज महाराज ने नाम योग साधना मंदिर और सत्संग भवन में गुरु पूजा, ध्यान और आरती के साथ की। उन्होंने गुरु की तस्वीर पर चंदन तिलक अर्पित कर ध्यान लगाया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अपने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और नामदान प्राप्त किया। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। रात्रि में दर्जनों जोड़ों का दहेज रहित विवाह कराया गया।
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दिसंबर में होगा वार्षिक भंडारा
दिसंबर में दादा गुरु का वार्षिक भंडारा होगा। पंकज महाराज ने घोषणा की कि दादा गुरु स्वामी घूरेलाल महाराज का वार्षिक भंडारा 17 से 21 दिसंबर तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने शाकाहार, सदाचार और मद्य निषेध के प्रचार-प्रसार के लिए सभी जिलों में व्यापक स्तर पर साइकिल यात्राएं निकालने की अपील की। साथ ही बताया कि वह 20 अगस्त से मिर्जापुर जिले में 108 दिवसीय सत्संग भ्रमण पर रहेंगे।
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सुबह नाम योग साधना मंदिर और सत्संग भवन में गुरु पूजन, ध्यान और आरती के उपरांत पंकज महाराज ने कहा कि जैसे समुद्र की लहरों का संबंध समुद्र से होता है, उसी प्रकार गुरु का संबंध शब्द से होता है। गुरु के ध्यान के माध्यम से साधक की सुरत शब्द से जुड़ती है और मन संसार की ओर से हटकर ईश्वर की ओर जागृत होने लगता है। उन्होंने कहा कि मन एक ही है, उसे या तो संसार के मोह में लगाया जा सकता है या गुरु की भक्ति में। जब मन को गुरु का उच्च प्रेम प्राप्त होता है तब वह धीरे-धीरे संसार के मोह से मुक्त होने लगता है। उन्होंने कर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संसार कर्म प्रधान है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है। बुरे कर्म लोहे की जंजीर और अच्छे कर्म सोने की बेड़ियों के समान हैं, जबकि संतों का सत्संग मनुष्य को कर्म बंधनों से मुक्ति की दिशा में ले जाता है। उन्होंने शाकाहार, सदाचार और गुरु की आज्ञा के पालन को आध्यात्मिक उन्नति का आधार बताया। पंकज महाराज ने कहा कि जयगुरुदेव नाम का जाप करने से मनुष्य का भौतिक और आत्मिक कल्याण होता है।
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आश्रम में सिमटा लघु भारत
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु जयगुरुदेव आश्रम पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समूचा भारत आश्रम परिसर में सिमट आया हो। आश्रम में दिनभर सेवा, सत्संग और भंडारों का क्रम चलता रहा। महोत्सव की शुरुआत पंकज महाराज ने नाम योग साधना मंदिर और सत्संग भवन में गुरु पूजा, ध्यान और आरती के साथ की। उन्होंने गुरु की तस्वीर पर चंदन तिलक अर्पित कर ध्यान लगाया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अपने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और नामदान प्राप्त किया। आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। रात्रि में दर्जनों जोड़ों का दहेज रहित विवाह कराया गया।
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दिसंबर में होगा वार्षिक भंडारा
दिसंबर में दादा गुरु का वार्षिक भंडारा होगा। पंकज महाराज ने घोषणा की कि दादा गुरु स्वामी घूरेलाल महाराज का वार्षिक भंडारा 17 से 21 दिसंबर तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने शाकाहार, सदाचार और मद्य निषेध के प्रचार-प्रसार के लिए सभी जिलों में व्यापक स्तर पर साइकिल यात्राएं निकालने की अपील की। साथ ही बताया कि वह 20 अगस्त से मिर्जापुर जिले में 108 दिवसीय सत्संग भ्रमण पर रहेंगे।