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UP: लूटे 85 लाख के गहने, बरामद हुआ एक करोड़ का सोना; पुलिस के सामने मुसीबत, लुटेरे मिले अब दावेदार की तलाश
Sun, 02 Aug 2026 11:16 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:16 PM IST
सार
धौलपुर के थाना बसेड़ी निवासी गौरव पार्सल को लेकर गोवर्धन चौराहे पर राजस्थान रोडवेज बस में बैठे थे। बस के चालक भानु प्रताप व गौरव एक ही गांव के हैं। इसी दौरान बाइक सवार बदमाश बस में रखे पार्सल को उठाकर भाग गए थे।
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पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
राजस्थान रोडवेज बस में रखे 85 लाख रुपये के आभूषणों से भरे पार्सल को लेकर भागने वाले पूर्व रोडवेज बस चालक समेत चार आरोपियों को हाईवे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को घटना का खुलासा करते हुए आरोपियों से करीब एक करोड़ रुपये के सोने के जेवर बरामद किए हैं। हालांकि अभी तक आभूषणों के दावेदारों का पता नहीं चला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भूतेश्वर चौराहे पर राजेश नारायण कूरियर एजेंसी है। राजस्थान के धौलपुर के थाना बसेड़ी गांव वियरपुरा निवासी उदयवीर सिंह इस एजेंसी में मैनेजर हैं। शहर के व्यापारी एजेंसी के माध्यम से सोने-चांदी के आभूषण ढलाई के लिए दिल्ली भेजते हैं। इन आभूषणों को एक बैग में रखकर उसमें जीपीएस फिट करने के बाद उसका पार्सल तैयार किया जाता है।
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भूतेश्वर चौराहे पर राजेश नारायण कूरियर एजेंसी है। राजस्थान के धौलपुर के थाना बसेड़ी गांव वियरपुरा निवासी उदयवीर सिंह इस एजेंसी में मैनेजर हैं। शहर के व्यापारी एजेंसी के माध्यम से सोने-चांदी के आभूषण ढलाई के लिए दिल्ली भेजते हैं। इन आभूषणों को एक बैग में रखकर उसमें जीपीएस फिट करने के बाद उसका पार्सल तैयार किया जाता है।
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कूरियर एजेंसी के मैनेजर ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया था कि 24 जुलाई को विभिन्न व्यापारियों के 550 ग्राम आभूषणों का पार्सल दिल्ली भेजने के लिए एजेंसी के कर्मचारी को दिया गया। धौलपुर के थाना बसेड़ी निवासी गौरव दोपहर तीन बजे पार्सल को लेकर गोवर्धन चौराहे पर राजस्थान रोडवेज बस में बैठे थे। बस के चालक भानु प्रताप व गौरव एक ही गांव के हैं। इसी दौरान बाइक सवार बदमाश बस में रखे पार्सल को उठाकर भाग गए थे।
घटना के बाद से ही एसओजी, सर्विलांस, रिफाइनरी, फरह और हाईवे थाने की पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। रविवार को पुलिस ने घटना का खुलासा किया है। पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शनिवार रात ढाई बजे पुलिस को सूचना मिली कि कार व बाइक पर चार संदिग्ध बाकलपुर बंबे के निकट खड़े हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। इनकी पहचान आगरा के थाना बसोनी पुराहरलाल निवासी अभिषेक और उसका भाई विष्णु, मध्य प्रदेश के जिला मुरैना निवासी संदीप और राजस्थान के धौलपुर के थाना बसेड़ी के रतनपुर भूमा निवासी उपेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
ज्यादा आभूषण हुए बरामद
एसएसपी ने बताया कि कूरियर एजेंसी के मैनेजर ने प्राथमिकी में 550 ग्राम के आभूषण (कीमत लगभग 85 लाख रुपये) बताए थे। पुलिस कार्रवाई में बदमाशों से 650 ग्राम के आभूषण (कीमत करीब एक करोड़ रुपये) बरामद किए हैं। साथ ही बदमाशों से चार मोबाइल फोन, बाइक और एक कार भी बरामद की है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि कूरियर एजेंसी के मैनेजर ने प्राथमिकी में 550 ग्राम के आभूषण (कीमत लगभग 85 लाख रुपये) बताए थे। पुलिस कार्रवाई में बदमाशों से 650 ग्राम के आभूषण (कीमत करीब एक करोड़ रुपये) बरामद किए हैं। साथ ही बदमाशों से चार मोबाइल फोन, बाइक और एक कार भी बरामद की है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में रची वारदात की साजिश
आरोपियों ने बताया कि उपेंद्र पहले राजस्थान रोडवेज की बस चलाता था और दो साल पहले काम छोड़ दिया था। इसके बाद उसने कार खरीदी और उसे टैक्सी के रूप में चलाने लगा। दिल्ली में उपेंद्र के साथ अभिषेक और उसका भाई विष्णु और संदीप रहते हैं। उपेंद्र ने तीनों को मथुरा से आभूषणों के पार्सल दिल्ली भेजने की बात बताई। इसके बाद चारों ने मिलकर साजिश रची और 24 जुलाई को वारदात को अंजाम दिया।
ये भी पढ़ें-दर्दनाक हादसा: छत डालने के दाैरान गिरे गर्डर, बुजुर्ग के कट गए दोनों पैर; माैत से मचा कोहराम
आरोपियों ने बताया कि उपेंद्र पहले राजस्थान रोडवेज की बस चलाता था और दो साल पहले काम छोड़ दिया था। इसके बाद उसने कार खरीदी और उसे टैक्सी के रूप में चलाने लगा। दिल्ली में उपेंद्र के साथ अभिषेक और उसका भाई विष्णु और संदीप रहते हैं। उपेंद्र ने तीनों को मथुरा से आभूषणों के पार्सल दिल्ली भेजने की बात बताई। इसके बाद चारों ने मिलकर साजिश रची और 24 जुलाई को वारदात को अंजाम दिया।
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