{"_id":"6a6f1bd995140f08dd0594a7","slug":"elderly-man-dies-after-girder-collapses-on-under-construction-house-in-mathura-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"दर्दनाक हादसा: छत डालने के दाैरान गिरे गर्डर, बुजुर्ग के कट गए दोनों पैर; माैत से मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दर्दनाक हादसा: छत डालने के दाैरान गिरे गर्डर, बुजुर्ग के कट गए दोनों पैर; माैत से मचा कोहराम
Sun, 02 Aug 2026 03:59 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 02 Aug 2026 03:59 PM IST
सार
निर्माणाधीन मकान में दर्दनाक हादसा हुआ। छत डालने के दाैरान गर्डर नीचे आ गिरे। इसकी चपेट में आए बुजुर्ग के दोनों पैर कट गए। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उनकी माैत हो गई।
विज्ञापन
निर्माणाधीन मकान में गिरे गर्डर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा के कोसीकलां में आफिसर कॉलोनी में निमार्णाधीन मकान की छत के गर्डर गिरने से एक वृद्ध की माैत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।
तांगड़ा निवासी गोपीचंद (72) ऑफिसर कॉलोनी स्थित अपने खेत पर रहने के लिए एक कमरे का निर्माण करा रहे थे। रविवार सुबह करीब 11 बजे मजदूर कमरे की छत डालने की तैयारी में जुटे थे। बीम पर भारी लोहे की गर्डर चढ़ाई जा रही थीं। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया और बीम पर रखी तीनों गर्डर एक साथ नीचे आ गिरीं।
उस समय गोपीचंद निर्माण कार्य की निगरानी करते हुए पास ही खड़े थे, जिससे वह सीधे गर्डरों की चपेट में आ गए। बुजुर्ग के गर्डर के नीचे दबते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। मजदूरों ने तुरंत काम छोड़कर लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद गर्डर को हटाकर गोपीचंद को बाहर निकाला गया। हादसे में उनके दोनों पैर बुरी तरह जख्मी होकर शरीर से अलग हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां उनकी माैत हो गई।
विज्ञापन
तांगड़ा निवासी गोपीचंद (72) ऑफिसर कॉलोनी स्थित अपने खेत पर रहने के लिए एक कमरे का निर्माण करा रहे थे। रविवार सुबह करीब 11 बजे मजदूर कमरे की छत डालने की तैयारी में जुटे थे। बीम पर भारी लोहे की गर्डर चढ़ाई जा रही थीं। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया और बीम पर रखी तीनों गर्डर एक साथ नीचे आ गिरीं।
उस समय गोपीचंद निर्माण कार्य की निगरानी करते हुए पास ही खड़े थे, जिससे वह सीधे गर्डरों की चपेट में आ गए। बुजुर्ग के गर्डर के नीचे दबते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। मजदूरों ने तुरंत काम छोड़कर लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद गर्डर को हटाकर गोपीचंद को बाहर निकाला गया। हादसे में उनके दोनों पैर बुरी तरह जख्मी होकर शरीर से अलग हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां उनकी माैत हो गई।
विज्ञापन