सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Sanju Panda started penance to get out of the burning embers

प्रहलाद नगरी का होलिका दहन: धधकते अंगारों से निकलने के लिए संजू पंडा ने शुरू की तपस्या, गांव की परिक्रमा की

अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 01 Feb 2026 11:12 PM IST
विज्ञापन
सार

 संजू पंडा रविवार को एक माह की कठिन तपस्या पर बैठ गए। इससे पूर्व उन्होंने ग्रामीणों के साथ गांव की परिक्रमा की। इस दौरान ग्रामीणों ने गुलाल उड़ाकर समाज गायन किया।

Sanju Panda started penance to get out of the burning embers
पूजा करते संजू पंडा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

प्रहलाद नगरी फालैन में धधकते अंगारों से निकलने की तैयारी के लिए संजू पंडा रविवार को एक माह की कठिन तपस्या पर बैठ गए। इससे पूर्व उन्होंने ग्रामीणों के साथ गांव की परिक्रमा की। इस दौरान ग्रामीणों ने गुलाल उड़ाकर समाज गायन किया। पंडा ने होलिका दहन स्थल का पूजन कर साधना को सफल बनाने की कामना की।

Trending Videos

होली पर धधकती होलिका से निकलने का करिश्मा करने के लिए संजू पंडा (41) एक माह की तपस्या पर बैठने के लिए सुबह ही मंदिर पर पहुंच गए। जैसे ही वे गांव की परिक्रमा के लिए निकले तो प्रह्लादजी के जयघोष से गांव फालैन गुंजायमान हो उठा। ग्रामीणों ने खूब गुलाल उड़ाया। पंडा को प्रहलादजी की माला सौंपकर दोबारा तप के नियम समझाए गए और इसके साथ ही वे एक माह की साधना पर बैठ गए। कठोर नियमों का पालन करते हुए एक माह तक वह घर नहीं जाएंगे। मंदिर पर रहकर और अन्न का त्याग कर तप करेंगे। उन्होंने बताया कि वह एक माह तक ब्रह्मचर्य का पालन करेंगे। इसके बाद 3 मार्च को अलसुबह होलिका के धधकते अंगारों से होकर निकलेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

पंडा को माना जाता है प्रहलाद का स्वरूप
धधकते अंगारों से निकलने वाले पंडा को प्रह्लादजी का स्वरूप माना जाता है। पूजा से पूर्व वह मंदिर में रखी प्राचीन प्रह्लादजी के नाम की माला को ग्रहण करते हैं। उसी से पूजा-अर्चना करते हैं। धधकती होलिका के अंगारों से सकुशल बच निकलने का कारनामा वे भक्ति के दम पर करते हैं।

इन नियमों का करना होगा पालन
पूर्णिमा के दिन घर परिवार को त्याग दिया और पूरे महीने ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा। मंदिर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का सेवन तथा जमीन पर ही सोना होगा। इसके अलावा वे प्रहलाद कुंड में स्नान के बाद ध्यान लगाएंगे। तप के दौरान गांव की सीमा से बाहर नहीं जा सकेंगे और न ही किसी महिला या पुरुष श्रद्धालु को अपने पैर छूने देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed