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Srinagar: बसमंगला टॉप पर नौ दिनों तक रुका था आतंकी लतीफ, हुलिया बदलकर सुरक्षा एजेंसियों को दे रहा है चकमा
Thu, 13 Aug 2026 04:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक राज, श्रीनगर
अभिषेक राज, श्रीनगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 13 Aug 2026 04:08 AM IST
सार
सुरक्षा एजेंसियां उसके नए हुलिये और संभावित गतिविधियों से जुड़े इनपुट को सत्यापित करने में जुटी हैं। सब सही रहा तो कुख्यात आतंकी जल्द ही ढेर कर दिया जाएगा।
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आतंकी मोहम्मद लतीफ भट के वांटेड पोस्टर चस्पा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सुरक्षाबलों से बचने और पहचान छिपाने के लिए लश्कर आतंकी मोहम्मद लतीफ भट ने अपना हुलिया बदल लिया है। सुरक्षा एजेंसियां उसके नए हुलिये और संभावित गतिविधियों से जुड़े इनपुट को सत्यापित करने में जुटी हैं। सब सही रहा तो कुख्यात आतंकी जल्द ही ढेर कर दिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल में लतीफ भट की सूचना देने वाले को 15 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की है।
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इस बीच, किश्तवाड़ जिले के चतरू क्षेत्र से मिले इनपुट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सूचना के अनुसार, तीन आतंकियों का एक समूह 22 जुलाई से पहले करीब आठ दिनों तक बसमंगला टॉप क्षेत्र में रुका था। बसमंगला टॉप डोडा जिले के गाई देसा थाना क्षेत्र और किश्तवाड़ जिले के चतरू थाना क्षेत्र की सीमा से लगता है। लंबे समय तक इस ऊंचाई वाले इलाके में समूह के ठहरने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां उनके मूवमेंट और स्थानीय स्तर पर संभावित मदद की जांच में जुट गई हैं।
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आतंकियों के समूह को जिस स्थान पर देखे जाने की सूचना मिली, वहां से अलग-अलग दिशाओं में जाने के रास्ते निकलते हैं। आशंका है कि आतंकी वहां से गाई देसा, अनंतनाग अथवा सैदानी-नैदगर्न की ओर जा सकते हैं। इन संभावित गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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लतीफ पर पुलिसकर्मी और प्रवासी मजदूरों की हत्या का आरोप
सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट में लतीफ भट को हाल की कई आतंकी वारदातों से जोड़कर देखा जा रहा है। बीती 22 जुलाई को उसने अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या कर दी। 31 जुलाई को कुलगाम में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की टारगेट किलिंग की गई।
लश्कर से जुड़ा रहा, टीआरएफ से भी कनेक्शन
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, लतीफ भट का लश्कर-ए-ताइबा से जुड़ाव रहा है और वह संगठन के लिए काम कर चुका है। इसके बाद वह द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) में सक्रिय हो गया।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता के अहम कारण
सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है कि लतीफ लगातार अपना ठिकाना और हुलिया बदलकर सुरक्षा घेरे से बचने की कोशिश कर रहा है। बसमंगला टॉप पर तीन आतंकियों के कई दिनों तक ठहरने की सूचना ऐसे समय सामने आई है, जब सुरक्षा एजेंसियां जम्मू संभाग और दक्षिण कश्मीर के बीच आतंकी गतिविधियों और संभावित आवाजाही की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
जंगल और ऊंचाई वाले इलाकों में सघन निगरानी
बसमंगला टॉप और उससे जुड़े दुर्गम इलाकों में आतंकियों के संभावित मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय इनपुट, जमीनी तलाशी और तकनीकी निगरानी के आधार पर तलाश में जुटी हैं। जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि कई दिनों तक वहां रुके समूह को भोजन, रसद व अन्य प्रकार की सहायता किस स्तर पर मिली।