सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Swami Meghshyam Forgotten in Braj: Bhatia

ब्रज में भुला दिए गए स्वामी मेघश्याम: भाटिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
Swami Meghshyam Forgotten in Braj: Bhatia
विज्ञापन
मथुरा। पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया का कहना है कि पाश्चात्य संस्कृति में डूबे आज के युवा और बालक- बालिकाएं भी अपनी मातृभूमि की समृद्ध संस्कृति के परंपराओं से परिचित नहीं हैं। ब्रजभाषा क्षेत्र के शीर्षस्थ साहित्यकार भी अष्टछाप कवियों के साहित्य से परिचित नहीं हैं।
Trending Videos

दुनियाभर के 40 विश्वविद्यालयों में सूर-साहित्य पढ़ाया जाता है, किंतु भारत के सभी विश्वविद्यालयों में नहीं पढ़ाया जाता है। भारत में अनेक कवि एवं लोक कवियों ने महाकवि सूरदास की काव्य परंपरा में रचनाएं की हैं जो लोक प्रचलित भी है, किंतु कृतघ्नता यह कि उनकी रचनाएं लाखों कंठों हैं मगर रचनाकार का नाम नहीं पता है। ऐसे लोक कवियों में थे स्वामी मेघश्याम। उनका लोकप्रिय रसिया प्रचलित है मैया करि दै मेरौ ब्याहु, मंगाइ दै दुलहन गोरी सी..। यह रसिया गांव-गांव में गाया जाता है, लेकिन अधिकांश लोगों को इसके रचयिता बरसाना के निकट कमई गांव के निवासी स्वामी मेघश्याम शर्मा का पता नहीं है। पद्मश्री भाटिया कहते हैं कि इसी तरह मेघश्याम ने एक अन्य रसिया लिखा जोकि बहुत प्रचलित हैं। वह बताते हैं कि कृष्ण जब द्वारिका चले गए तो वहां न तो कोई उनका गुनगुने पानी से मुंह धोता था और न आंचल से पौंछता था। द्वारिका में कोई माखन-रोटी का नाम नहीं जानता था। सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि राजाधिराज तो सब कहते किंदु ''कनुआ'' कहकर कोई नहीं पुकारता था। इसी पीड़ा को कृष्ण ने अपने सखा उद्धव को मैया जसोदा के पास संदेश भेजा.. ऊधो, मैया कूं सुनइयो, तेरौ लाला दुख पावै। भाटिया का कहना है कि स्वामी मेघश्याम के साहित्य और रचनाओं का मंचीय प्रस्तुतिकरण होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed