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Mathura News: ढाई घंटे की मशक्कत के बाद घाट से निकाला शव
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शव निकालते हुए परिजन व गोताखोर मौके पर टीम।
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बलदेव (मथुरा)। गांव छौली में हुए तीन वर्षीय मासूम माधव हत्याकांड में पुलिस और गोताखोरों की टीम को बड़ी सफलता मिली। बृहस्पतिवार को ब्रह्मांड घाट पर दफनाए गए स्थल के चारो ओर पानी में लकड़ी लगाकर मासूम का शव निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यमुना का जलस्तर बढ़ने से ब्रह्मांड घाट डूब गया है, इसलिए पुलिसकर्मी व गोताखोरों को ढाई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाकर शव तलाशने में मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि पोस्टमार्टम में बच्चे की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। हायाॅयड हड्डी (गले की हड्डी) को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। इधर, शव बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया, यहां उसे जेल भेज दिया है।
घटनास्थल पर पुलिस और गोताखोरों के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब तीन फीट गहरे पानी और चार फीट नीचे दलदल में फंसे शव को बाहर निकाला। 31 दिन तक पानी में दबे रहने के कारण शव बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका था। शव बाहर निकलते ही मौके पर दुर्गंध फैल गई, जिससे वहां मौजूद लोगों का रुकना मुश्किल हो गया। नायब तहसीलदार प्रदुम्न त्रिपाठी ने बताया कि शव को ब्रह्मांड घाट पर दफनाया गया था। यहां यमुना का किनारा होने के कारण घाट पानी में डूब गया। टीम 28 और 29 जुलाई को शव निकालने पहुंची थी लेकिन पानी होने के कारण सफलता नहीं मिली। बृहस्पतिवार को गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला जा सका। इस दाैरान सीएचसी बलदेव प्रभारी डॉ. विजेंद्र सिंह सिसौदिया और थानाध्यक्ष अभय कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। सीओ संजीव राय ने बताया कि बच्चे का शव मिलने के बाद आरोपी मां को कोर्ट में पेश किया गया, यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। फिलहाल आगे की प्रक्रिया जारी है।
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डीएनए सैंपल रखा सुरक्षित
इधर, बृहस्पतिवार को वीडियो ग्राफी में बच्चे के शव का पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल पुलिस ने हायाॅयड हड्डी (गले की हड्डी) को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। साथ ही डीएनए सैंपल भी सुरक्षित रखा गया है।
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ये है मामला
छौली निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने अपनी पत्नी रुचि जिंदल के खिलाफ बेटे की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रुचि के शादी से पहले और बाद में भी फरह क्षेत्र के गांव बरारी निवासी एक युवक से प्रेम संबंध हैं। आरोप है कि रुचि का व्यवहार पति और बच्चों के प्रति हमेशा क्रूर रहता था। 28 जून को रुचि अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी। इस दाैरान माधव बार-बार उसके पास आकर रो रहा था। बच्चे के रोने से रुचि के बात करने में बाधा उत्पन्न होने लगी। इससे गुस्से में आकर उसने अपने बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
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परिजन को किया था गुमराह
कृष्ण मुरारी गुप्ता का आरोप है कि हत्या करने के बाद भी रुचि ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। रुचि ने पति को फोन कर बेटे के न उठने की बात कही। इस पर वह घर पहुंचे और बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डाॅक्टर ने परीक्षण के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद भी रुचि को कोई अफसोस नहीं था। वह लगातार फोन पर सामान्य रूप से बात करती रहती थी। रुचि के इस व्यवहार पर शक होने के बाद कृष्ण मुरारी ने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। आरोप है कि 21 जुलाई को रुचि मोबाइल पर प्रेमी को माधव की हत्या के बारे में बता रही थी। यह बातें उन्होंने छिपकर सुन लीं। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की तो हत्याकांड का खुलासा हुआ। मामले की जानकारी होते ही कृष्ण मुरारी ने तहरीर देकर आरोपी पत्नी को पुलिस के हवाले कर दिया।
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घटनास्थल पर पुलिस और गोताखोरों के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब तीन फीट गहरे पानी और चार फीट नीचे दलदल में फंसे शव को बाहर निकाला। 31 दिन तक पानी में दबे रहने के कारण शव बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका था। शव बाहर निकलते ही मौके पर दुर्गंध फैल गई, जिससे वहां मौजूद लोगों का रुकना मुश्किल हो गया। नायब तहसीलदार प्रदुम्न त्रिपाठी ने बताया कि शव को ब्रह्मांड घाट पर दफनाया गया था। यहां यमुना का किनारा होने के कारण घाट पानी में डूब गया। टीम 28 और 29 जुलाई को शव निकालने पहुंची थी लेकिन पानी होने के कारण सफलता नहीं मिली। बृहस्पतिवार को गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला जा सका। इस दाैरान सीएचसी बलदेव प्रभारी डॉ. विजेंद्र सिंह सिसौदिया और थानाध्यक्ष अभय कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। सीओ संजीव राय ने बताया कि बच्चे का शव मिलने के बाद आरोपी मां को कोर्ट में पेश किया गया, यहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। फिलहाल आगे की प्रक्रिया जारी है।
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डीएनए सैंपल रखा सुरक्षित
इधर, बृहस्पतिवार को वीडियो ग्राफी में बच्चे के शव का पोस्टमार्टम हुआ, लेकिन पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। फिलहाल पुलिस ने हायाॅयड हड्डी (गले की हड्डी) को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। साथ ही डीएनए सैंपल भी सुरक्षित रखा गया है।
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ये है मामला
छौली निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने अपनी पत्नी रुचि जिंदल के खिलाफ बेटे की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रुचि के शादी से पहले और बाद में भी फरह क्षेत्र के गांव बरारी निवासी एक युवक से प्रेम संबंध हैं। आरोप है कि रुचि का व्यवहार पति और बच्चों के प्रति हमेशा क्रूर रहता था। 28 जून को रुचि अपने प्रेमी से फोन पर बात कर रही थी। इस दाैरान माधव बार-बार उसके पास आकर रो रहा था। बच्चे के रोने से रुचि के बात करने में बाधा उत्पन्न होने लगी। इससे गुस्से में आकर उसने अपने बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
परिजन को किया था गुमराह
कृष्ण मुरारी गुप्ता का आरोप है कि हत्या करने के बाद भी रुचि ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। रुचि ने पति को फोन कर बेटे के न उठने की बात कही। इस पर वह घर पहुंचे और बेटे को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डाॅक्टर ने परीक्षण के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद भी रुचि को कोई अफसोस नहीं था। वह लगातार फोन पर सामान्य रूप से बात करती रहती थी। रुचि के इस व्यवहार पर शक होने के बाद कृष्ण मुरारी ने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। आरोप है कि 21 जुलाई को रुचि मोबाइल पर प्रेमी को माधव की हत्या के बारे में बता रही थी। यह बातें उन्होंने छिपकर सुन लीं। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की तो हत्याकांड का खुलासा हुआ। मामले की जानकारी होते ही कृष्ण मुरारी ने तहरीर देकर आरोपी पत्नी को पुलिस के हवाले कर दिया।