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UP: मालगाड़ी के दो डिब्बे कैसे हो गए डिरेल, सीसीटीवी खंगाल रही जीआरपी, 10 से अधिक लोगों से हो चुकी है पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 10:09 AM IST
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सार
रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ बाहरी तत्वों से भी पूछताछ की है। अब तक 10 से अधिक लोगों से जीआरपी की टीम पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
मालगाड़ी डिरेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन की शंटिंग लाइन में 30 जनवरी को मालगाड़ी के दो डिब्बे डिरेल होने के मामले में जांच तेज कर दी गई है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन, जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें मामले की गहन पड़ताल में जुटी हुई हैं।
जांच टीम ने रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ बाहरी तत्वों से भी पूछताछ की है। अब तक 10 से अधिक लोगों से जीआरपी की टीम पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, ताकि डिरेल होने के असली कारणों का पता लगाया जा सके। जांच में सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस सिस्टम की मदद ली जा रही है। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे यार्ड और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का सुराग मिल सके।
रेल सूत्रों की मानें तो डिरेल करने के पीछे की साजिश में रेलवे कर्मचारियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। डिरेल मामले में मुख्य यार्ड मास्टर धर्मेंद्र सिंह ने जीआरपी थाने में रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत केस दर्ज करवाया था।
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जांच टीम ने रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ बाहरी तत्वों से भी पूछताछ की है। अब तक 10 से अधिक लोगों से जीआरपी की टीम पूछताछ कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, ताकि डिरेल होने के असली कारणों का पता लगाया जा सके। जांच में सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस सिस्टम की मदद ली जा रही है। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि रेलवे यार्ड और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का सुराग मिल सके।
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रेल सूत्रों की मानें तो डिरेल करने के पीछे की साजिश में रेलवे कर्मचारियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। डिरेल मामले में मुख्य यार्ड मास्टर धर्मेंद्र सिंह ने जीआरपी थाने में रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत केस दर्ज करवाया था।
