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Mau News: ग्रामीण सड़कों पर निजी बस चलाने के लिए मिले 29 आवेदन, रूटों का सर्वे कर मैप बनाने की तैयारी
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मुख्यमंत्री ग्राम सड़क परिवहन योजना के तहत ग्रामीण सड़कों पर बस चलाने के लिए मऊ डिपो कार्यालय में 29 आवेदन मिले हैं। इन रूटों के सर्वे के लिए एआरएम ने सूची एआरटीओ को भेज दी है। सर्वे के बाद मैप तैयार किया जाएगा।
मार्च माह में 15 दिन तक आवेदन की प्रक्रिया चली, जो 28 मार्च तक रही। आवेदन के लिए बस मालिकों ने 2000 रुपये शुल्क जमा किया, जिससे डिपो को 58 हजार रुपये का राजस्व मिला है। अप्रैल माह में सभी प्रक्रिया पूरी कर मई माह से संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
जिले के सभी गांवों से बस चलने से इन क्षेत्रों के लोगों को कम किराये में ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। मिनी बसों के संचालन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो इसकी निगरानी करेगी।
इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और एआरएम सदस्य बनाए गए हैं। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार बसों के संचालन के लिए प्राप्त आवेदनों के मामले में मऊ डिपो आजमगढ़ मंडल में पहले और प्रदेश के 75 जिलों में सातवें स्थान पर है।
आजमगढ़ में चार आवेदन प्राप्त हुए, जबकि बलिया डिपो में 10 और मऊ डिपो में नौ ब्लॉकों से 29 आवेदन मिले हैं।
सबसे अधिक आवेदन फतेहपुर मंडाव ब्लॉक से मिले
ग्रामीण रूटों पर बस संचालन के लिए सबसे अधिक फतेहपुर मंडाव ब्लॉक से 12 आवेदन मिले हैं। घोसी से तीन, बड़राव से सात, दोहरीघाट से तीन, रानीपुर से तीन और रतनपुरा से एक आवेदन प्राप्त हुआ है।
परिवहन निगम द्वारा निजी बस संचालकों से विभिन्न रूटों पर 15 से 28 सीटर बसों के संचालन के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिसमें 28 मार्च तक 29 आवेदन मिले हैं। समिति द्वारा 13 अप्रैल से पहले प्राप्त आवेदनों पर विचार कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजनी है। मई माह से ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। -गौतम प्रसाद गुप्ता, एआरएम, मऊ
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मार्च माह में 15 दिन तक आवेदन की प्रक्रिया चली, जो 28 मार्च तक रही। आवेदन के लिए बस मालिकों ने 2000 रुपये शुल्क जमा किया, जिससे डिपो को 58 हजार रुपये का राजस्व मिला है। अप्रैल माह में सभी प्रक्रिया पूरी कर मई माह से संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
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जिले के सभी गांवों से बस चलने से इन क्षेत्रों के लोगों को कम किराये में ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। मिनी बसों के संचालन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो इसकी निगरानी करेगी।
इसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, एआरटीओ और एआरएम सदस्य बनाए गए हैं। परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार बसों के संचालन के लिए प्राप्त आवेदनों के मामले में मऊ डिपो आजमगढ़ मंडल में पहले और प्रदेश के 75 जिलों में सातवें स्थान पर है।
आजमगढ़ में चार आवेदन प्राप्त हुए, जबकि बलिया डिपो में 10 और मऊ डिपो में नौ ब्लॉकों से 29 आवेदन मिले हैं।
सबसे अधिक आवेदन फतेहपुर मंडाव ब्लॉक से मिले
ग्रामीण रूटों पर बस संचालन के लिए सबसे अधिक फतेहपुर मंडाव ब्लॉक से 12 आवेदन मिले हैं। घोसी से तीन, बड़राव से सात, दोहरीघाट से तीन, रानीपुर से तीन और रतनपुरा से एक आवेदन प्राप्त हुआ है।
परिवहन निगम द्वारा निजी बस संचालकों से विभिन्न रूटों पर 15 से 28 सीटर बसों के संचालन के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिसमें 28 मार्च तक 29 आवेदन मिले हैं। समिति द्वारा 13 अप्रैल से पहले प्राप्त आवेदनों पर विचार कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजनी है। मई माह से ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। -गौतम प्रसाद गुप्ता, एआरएम, मऊ