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Mau News: एक साल में सबसे गर्म रहा 12 अप्रैल, 4 डिग्री बढ़ा अधिकतम तापमान
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मऊ। तेज धूप के चलते एक साल के दौरान 12 अप्रैल का दिन सबसे गर्म रहा। रविवार को अधिकतम तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ही तापमान बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
तेज धूप के साथ चल रही धूल भरी हवा से दोपहिया वाहन चालक और राहगीर परेशान नजर आए। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा की स्थिति रही। जिन लोगों को मजबूरी में घर से निकलना पड़ा, वे सिर व मुंह को ढके हुए थे।
रविवार को सुबह से ही धूप निकली। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, धूप तेज होती गई। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही नाम मात्र रही। लोग जरूरी कार्य से ही बाहर निकल रहे हैं। लोग सिर और मुंह को ढककर निकलते देखे जा रहे हैं। धूल भरी हवा चलने से दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों का आवागमन में मुश्किल हो रहा है।
गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान पर नजर डाला जाए तो रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 17 प्रतिशत रही। 23 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। जबकि वर्ष 2025 में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 09 अप्रैल को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस, 10 अप्रैल को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस, 11 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और 12 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम ठीक होने से कटाई, मंड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। बार-बार तापमान बढ़ने घटने से लोग बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, खांसी सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि बदलते मौसम और संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए खान-पान का गर्मी के मौसम में विशेष ध्यान रखना चाहिए। आहार में विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। विटामिन सी से भरपूर फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। खरबूजा, ककड़ी, खीरा, तरबूज जैसे मौसमी फलों का इस्तेमाल करना चाहिए।
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तेज धूप के साथ चल रही धूल भरी हवा से दोपहिया वाहन चालक और राहगीर परेशान नजर आए। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा की स्थिति रही। जिन लोगों को मजबूरी में घर से निकलना पड़ा, वे सिर व मुंह को ढके हुए थे।
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रविवार को सुबह से ही धूप निकली। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, धूप तेज होती गई। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही नाम मात्र रही। लोग जरूरी कार्य से ही बाहर निकल रहे हैं। लोग सिर और मुंह को ढककर निकलते देखे जा रहे हैं। धूल भरी हवा चलने से दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों का आवागमन में मुश्किल हो रहा है।
गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अधिकतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान पर नजर डाला जाए तो रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 17 प्रतिशत रही। 23 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। जबकि वर्ष 2025 में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। बीते 09 अप्रैल को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस, 10 अप्रैल को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस, 11 अप्रैल को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और 12 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम ठीक होने से कटाई, मंड़ाई का कार्य तेजी से चल रहा है। बार-बार तापमान बढ़ने घटने से लोग बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, खांसी सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि बदलते मौसम और संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए खान-पान का गर्मी के मौसम में विशेष ध्यान रखना चाहिए। आहार में विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। विटामिन सी से भरपूर फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। खरबूजा, ककड़ी, खीरा, तरबूज जैसे मौसमी फलों का इस्तेमाल करना चाहिए।