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Mau News: ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन के अगले महीने शुरू होगा, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन बढ़े
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सरवां गांव में बन रहा ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग स्टेशन। संवाद
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परदहा ब्लॉक के सरवा गांव में बन रहा ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन आगामी अप्रैल माह में चालू हो जाएगा। यहां ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए बाइक और अन्य वाहनों को सेंसर युक्त ट्रैक पर चलाना होगा।
एक छोटी सी गलती होने पर सेंसर फेल कर जाएगा, और फिर से आवेदन करना होगा। इसी डर से इन दिनों एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आवेदन आ रहे हैं।
सरवा गांव में 2.50 करोड़ रुपए की लागत से ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन बनाया जा रहा है, और इसके लिए 2.5 एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। यह टेस्टिंग स्टेशन अगले अप्रैल से चालू होने की उम्मीद है।
इस नए टेस्टिंग स्टेशन में केवल वही लोग ड्राइविंग लाइसेंस पा सकेंगे, जो वाहन चलाने में दक्ष होंगे और यातायात नियमों का सही तरीके से पालन करेंगे।
नए टेस्टिंग स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे से टेस्ट देने वाले व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी। यहां कुल सात प्रमुख बिंदु निर्धारित किए गए हैं, जिनमें चार पहिया या भारी वाहनों के लिए पैरेलल पार्किंग, एट शेप, रिवर्स एस टेस्ट पॉइंट शामिल हैं।
ट्रैक पर सभी संकेतक लगे होंगे, जैसे नो पार्किंग जोन, दिशा और दूरी सूचक (गंतव्य चिह्न), जो यह दर्शाते हैं कि आगे वाहनों को नहीं ले जाया जा सकता है। इन बिंदुओं पर गलती करने पर टेस्ट देने वाला व्यक्ति ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाएगा। फेल होने के बाद बार-बार आवेदन करने और पैसे खर्च करने के डर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में वृद्धि हो गई है।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रोज आ रहे 50 से 55 आवेदन
चार माह पहले, यानी नवंबर 2025 तक, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रोज 30 से 35 आवेदन आते थे। लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 50 से 55 आवेदन रोज हो गई है, और कभी-कभी यह संख्या और भी बढ़ जाती है। नवंबर 2025 में 1033 आवेदन आए, जिनमें से 1003 लाइसेंस जारी किए गए। दिसंबर 2025 में 1651 आवेदन आए और 1613 लाइसेंस जारी किए गए। जनवरी माह में 1574 आवेदन आए, और 1536 लाइसेंस जारी किए गए। फरवरी माह में 1656 आवेदन मिले, और 1612 लाइसेंस जारी किए गए। 1 से 12 मार्च तक 716 आवेदन मिले, जिनमें से 520 लाइसेंस जारी किए गए हैं।
ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन का 90 फीसदी कम पूरा हो गया है। जल्द ही वहां वाहन चलाकर ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे। लाइसेंस के लिए फीस भी वहीं कटेगी। - सुहेल अहमद, एआरटीओ, मऊ
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एक छोटी सी गलती होने पर सेंसर फेल कर जाएगा, और फिर से आवेदन करना होगा। इसी डर से इन दिनों एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए सामान्य दिनों की तुलना में अधिक आवेदन आ रहे हैं।
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सरवा गांव में 2.50 करोड़ रुपए की लागत से ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन बनाया जा रहा है, और इसके लिए 2.5 एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। यह टेस्टिंग स्टेशन अगले अप्रैल से चालू होने की उम्मीद है।
इस नए टेस्टिंग स्टेशन में केवल वही लोग ड्राइविंग लाइसेंस पा सकेंगे, जो वाहन चलाने में दक्ष होंगे और यातायात नियमों का सही तरीके से पालन करेंगे।
नए टेस्टिंग स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे से टेस्ट देने वाले व्यक्तियों की निगरानी की जाएगी। यहां कुल सात प्रमुख बिंदु निर्धारित किए गए हैं, जिनमें चार पहिया या भारी वाहनों के लिए पैरेलल पार्किंग, एट शेप, रिवर्स एस टेस्ट पॉइंट शामिल हैं।
ट्रैक पर सभी संकेतक लगे होंगे, जैसे नो पार्किंग जोन, दिशा और दूरी सूचक (गंतव्य चिह्न), जो यह दर्शाते हैं कि आगे वाहनों को नहीं ले जाया जा सकता है। इन बिंदुओं पर गलती करने पर टेस्ट देने वाला व्यक्ति ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाएगा। फेल होने के बाद बार-बार आवेदन करने और पैसे खर्च करने के डर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या में वृद्धि हो गई है।
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रोज आ रहे 50 से 55 आवेदन
चार माह पहले, यानी नवंबर 2025 तक, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए रोज 30 से 35 आवेदन आते थे। लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 50 से 55 आवेदन रोज हो गई है, और कभी-कभी यह संख्या और भी बढ़ जाती है। नवंबर 2025 में 1033 आवेदन आए, जिनमें से 1003 लाइसेंस जारी किए गए। दिसंबर 2025 में 1651 आवेदन आए और 1613 लाइसेंस जारी किए गए। जनवरी माह में 1574 आवेदन आए, और 1536 लाइसेंस जारी किए गए। फरवरी माह में 1656 आवेदन मिले, और 1612 लाइसेंस जारी किए गए। 1 से 12 मार्च तक 716 आवेदन मिले, जिनमें से 520 लाइसेंस जारी किए गए हैं।
ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन का 90 फीसदी कम पूरा हो गया है। जल्द ही वहां वाहन चलाकर ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे। लाइसेंस के लिए फीस भी वहीं कटेगी। - सुहेल अहमद, एआरटीओ, मऊ