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Mau News: चारों नई श्रम संहिताएं निरस्त करने की मांग, दवा प्रतिनिधियों ने सौंपा ज्ञापन
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कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर पीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपते मेडिकल एवं सेल
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मऊ। उत्तर प्रदेश मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव संगठन के बैनर तले सोमवार को दवा प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर पीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
संगठन ने चारों नई श्रम संहिताओं को तत्काल निरस्त करने और बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम-1976 को यथावत लागू रखने की मांग की। साथ ही श्रमिक हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के अध्यक्ष तेज प्रताप तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों को निश्चित अवधि के रोजगार के नाम पर असुरक्षित स्थिति में रखने की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने मनमानी छंटनी, अनैतिक तबादलों और कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने पर रोक लगाने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के लिए आठ घंटे का कार्यदिवस निर्धारित किया जाए और समय पर पूरा वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग और निगरानी के नाम पर कर्मचारियों की निजता में हस्तक्षेप बंद किया जाए।
संगठन ने न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये प्रतिमाह और ईपीएफ पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम नौ हजार रुपये मासिक पेंशन निर्धारित करने की भी मांग की।
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संगठन ने चारों नई श्रम संहिताओं को तत्काल निरस्त करने और बिक्री संवर्धन कर्मचारी अधिनियम-1976 को यथावत लागू रखने की मांग की। साथ ही श्रमिक हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।
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ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के अध्यक्ष तेज प्रताप तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों को निश्चित अवधि के रोजगार के नाम पर असुरक्षित स्थिति में रखने की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने मनमानी छंटनी, अनैतिक तबादलों और कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने पर रोक लगाने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के लिए आठ घंटे का कार्यदिवस निर्धारित किया जाए और समय पर पूरा वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग और निगरानी के नाम पर कर्मचारियों की निजता में हस्तक्षेप बंद किया जाए।
संगठन ने न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये प्रतिमाह और ईपीएफ पेंशनभोगियों के लिए न्यूनतम नौ हजार रुपये मासिक पेंशन निर्धारित करने की भी मांग की।