घोसी। कोतवाली क्षेत्र के खंतिया गांव में पोस्टमार्टम के बाद रामभवन यादव (42) का शव घर पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो गए। 15 घंटे शव रखकर परिजन गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग नहीं होने तक अंतिम संस्कार से मना कर दिया।
रविवार दोपहर सीओ जितेंद्र सिंह और नायब तहसीलदार अभिषेक वर्मा के समझाने पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए मान गए। दोहरीघाट में सरयू नदी के किनारे मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार कर दिया। सुरक्षा को देखते हुए शनिवार सुबह से रविवार की दोपहर तक दो थानों की पुलिस गांव में तैनात रही। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए घोसी कोतवाली, कोपागंज थाना, एसओजी और सर्विलांस की चार टीम गठित की गई है। टीम ने शनिवार सुबह से रविवार शाम तक संभावित जगहों पर छापा मारा, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार की रात आठ बजे रामभवन यादव का चचेरा भाई विजेंद्र यादव नशे में दरवाजे पर पहुंचा और गाली देने लगा। मना करने पर विजेंद्र के 15 वर्षीय बेटे ने पिता के साथ मिलकर लाठी डंडे से रामभवन को पीटने लगा। जमीन पर गिरने के बाद चाकू से सीने में ताबड़-तोड़ वार कर हत्या कर दी।
रामभवन की पत्नी संगीता की तहरीर पर पुलिस ने विजेंद्र यादव, बेटे, सुनीता और रामावती के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। घटना के बाद से घर में ताला बंद कर सभी सदस्य भाग गए। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम छह बजे शव घर पहुंचा तो परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। शव को फ्रीजर में रख दिए। रविवार की सुबह घोसी कोतवाली के अपराध निरीक्षक मोतीलाल पटेल व कोपागंज थाना के प्रभारी निवारीक्षक रविंद्रनाथ राय फोर्स के साथ खंतिया गांव पहुंचकर परिजनों से बात की, लेकिन वो मांग पर अड़े रहे। सुबह नायब तहसीलदार अभिषेक वर्मा और सीओ जितेंद्र सिंह ने पहुंचकर परिजनों से बात की, इस पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। सीओ ने बताया कि गठित टीम ने आजमगढ़ जिले में तीन, मऊ मुख्यालय स्थित तीन रिश्तेदारों के घर और कोपागंज में संभावित स्थानों पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी है। जल्द ही सभी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

घोसी कोतवाली क्षेत्र के खंतीया में पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव पहुंचने के बाद जुटी ग्रामीणों