भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर ने किया पार्टी का एलान, बसपा की दलित राजनीति के लिए चुनौती बनेगी आसपा
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को नोएडा में राजनीतिक दल आजाद समाज पार्टी (आसपा) का एलान कर दिया। भारी भीड़ के बीच किए पार्टी के एलान से गदगद दिखे भीम आर्मी के नेताओं ने पंचायत चुनाव में ताल ठोकने की भी घोषणा कर दी।
राजनीतिक पंडितों की माने तो आसपा प्रदेश में दलित राजनीति का सिरमौर बनी बसपा के लिए चुनौती साबित हो सकती है। युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली ने भी संगठन के पांच पार्षदों और समर्थकों के साथ आसपा ज्वाइन की।
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने पिछले दिनों राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए उन्होंने बसपा के संस्थापक कांशीराम जयंती का दिन चुना। रविवार को भीम आर्मी ने न केवल कांशीराम की 86वीं जयंती मनाई बल्कि आजाद समाज पार्टी के गठन का एलान भी कर दिया। राजनीतिक पंडित नवगठित आसपा को बसपा के लिए चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि चंद्रशेखर के प्रति दलित वर्ग के युवाओं के झुकाव को देखते हुए बसपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, चंद्रशेखर आजाद पहले से ही मुस्लिमों में पैठ बनाने में लगे हैं। सीएए के समर्थन में जेल जाना भी उनके पक्ष में जा रहा है।
इस कड़ी में युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली ने भी अपने पांच पार्षद अकरम शाह, शहजाद मेवाती, मोहम्मद इरफान, फैजी और मोहम्मद के अतिरिक्त समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ली। बदर अली ने बताया कि पार्टी जल्द ही संगठन तैयार कर पंचायत चुनाव में उतरने की तैयारी करेगी। पंचायत चुनाव पूरे जोर शोर से लड़ा जाएगा।
बड़ी संख्या में शामिल हुए पूर्व बसपाई
आसपा में मेरठ से भी बड़ी संख्या में बसपा में रहे नेता शामिल हुए। इसमें पूर्व बसपा मंडल प्रभारी हाजी सबील, पूर्व बसपा नेता तौफीक इलाही, नूर इलाही, पूर्व पश्चिमी यूपी प्रभारी बामसेफ बाबू अतर सिंह, डॉ. राजेंद्र गौतम, ओमप्रकाश, ओमपाल खादर, ब्रह्मदास, इंद्रजीत प्रजापति, लोकेश चंद्र खटीक, प्रेम कुशवाहा, चतर सिंह जाटव, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. गीता, नईम सागर, रेहान खान, शमशाद माहीगीर, एमएस चौधरी आदि हैं।