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एआई से पहले से मिल जाएंगे बीमारी के संकेत : प्रो. अनुज कुमार
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) के तहत संचालित सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में मंगलवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर अनुज कुमार त्यागी ने छात्रों को स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के प्रयोग के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि अभी डॉक्टर कहते हैं कि अगर मरीज को दो घंटे पहले लाया जाता तो उसे बचाया जा सकता था लेकिन भविष्य में एआई की मदद से हफ्तों या महीनों पहले ही खतरे का संकेत मिल जाएगा। डॉ. त्यागी ने बताया कि एआई हार्टअटैक जैसी गंभीर बीमारियों का पूर्वानुमान पहले ही कर सकेगा। इससे समय रहते इलाज संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि नए अवसर पैदा करेगा। इसलिए एआई से घबराने की बजाय इसके साथ अपडेट होने की जरूरत है।
विवि शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि छात्र खुद क्लब बनाकर विभाग के साथ ऐसे कार्यक्रम कर रहे हैं। यह नई सोच का अच्छा संकेत है। अश्वनी उपाध्याय ने छात्रों को सलाह दी कि यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ढेर सारे कंटेंट से भ्रमित होने की बजाय अपनी रुचि और स्किल के अनुसार सही प्रोग्रामिंग भाषा व टेक्नोलॉजी चुनें। उन्होंने अपने इंडस्ट्री के अनुभव को साझा करते हुए कोड फॉर सक्सेस के माध्यम से छात्रों को गाइड करने की बात बताई। संचालन डॉ. स्वाति सिंह ने किया।
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) के तहत संचालित सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में मंगलवार को सेमिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर अनुज कुमार त्यागी ने छात्रों को स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के प्रयोग के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि अभी डॉक्टर कहते हैं कि अगर मरीज को दो घंटे पहले लाया जाता तो उसे बचाया जा सकता था लेकिन भविष्य में एआई की मदद से हफ्तों या महीनों पहले ही खतरे का संकेत मिल जाएगा। डॉ. त्यागी ने बताया कि एआई हार्टअटैक जैसी गंभीर बीमारियों का पूर्वानुमान पहले ही कर सकेगा। इससे समय रहते इलाज संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा बल्कि नए अवसर पैदा करेगा। इसलिए एआई से घबराने की बजाय इसके साथ अपडेट होने की जरूरत है।
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विवि शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि छात्र खुद क्लब बनाकर विभाग के साथ ऐसे कार्यक्रम कर रहे हैं। यह नई सोच का अच्छा संकेत है। अश्वनी उपाध्याय ने छात्रों को सलाह दी कि यूट्यूब और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ढेर सारे कंटेंट से भ्रमित होने की बजाय अपनी रुचि और स्किल के अनुसार सही प्रोग्रामिंग भाषा व टेक्नोलॉजी चुनें। उन्होंने अपने इंडस्ट्री के अनुभव को साझा करते हुए कोड फॉर सक्सेस के माध्यम से छात्रों को गाइड करने की बात बताई। संचालन डॉ. स्वाति सिंह ने किया।

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