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Meerut News: कृषि विवि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर हुई चर्चा
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मोदीपुरम। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने लखनऊ में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से भेंट की। इस दौरान विश्वविद्यालय के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में परिसर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों को आधुनिक सुविधाएं देने पर जोर दिया गया।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने अत्याधुनिक सुविधाओं वाले खेल स्टेडियम के निर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मौजूदा खेल मैदान के नवीनीकरण की भी बात कही। कुलपति ने कहा कि बेहतर खेल सुविधाएं छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देंगी। इससे छात्र राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिए आधुनिक बायोगैस संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया गया। यह परियोजना कृषि अपशिष्ट का प्रभावी उपयोग कर ऊर्जा उत्पादन में सहायक होगी। साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण और शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भी उपयोगी होगी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यक स्वीकृतियां जल्द दिलाई जाएंगी। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को सशक्त करने में लगी है। उन्होंने विश्वविद्यालयों के विकास में कोई कमी न आने देने की बात कही। कुलपति ने उम्मीद जताई कि इन योजनाओं से विश्वविद्यालय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी।
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कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने अत्याधुनिक सुविधाओं वाले खेल स्टेडियम के निर्माण का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मौजूदा खेल मैदान के नवीनीकरण की भी बात कही। कुलपति ने कहा कि बेहतर खेल सुविधाएं छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देंगी। इससे छात्र राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। कृषि क्षेत्र में नवाचार के लिए आधुनिक बायोगैस संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया गया। यह परियोजना कृषि अपशिष्ट का प्रभावी उपयोग कर ऊर्जा उत्पादन में सहायक होगी। साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण और शोध एवं प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भी उपयोगी होगी।
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यक स्वीकृतियां जल्द दिलाई जाएंगी। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों को सशक्त करने में लगी है। उन्होंने विश्वविद्यालयों के विकास में कोई कमी न आने देने की बात कही। कुलपति ने उम्मीद जताई कि इन योजनाओं से विश्वविद्यालय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी।