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Meerut News: किसान की मौत के बाद किठौली में आवारा कुत्तों का खौफ
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किसान की मौत के बाद किठौली में आवारा कुत्तों का खौफ
खेतों पर एकत्र होकर जा रहे किसान
श्मशान घाट के पास मिले दो मोरों के अवशेष
संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द । थाना जानी क्षेत्र के किठौली गांव में आवारा कुत्तों के हमले में किसान लख्मी की मौत के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। किसान समूह में खेतों पर जा रहे है। अकेले खेत में जाने से ग्रामीण भयभीत है। खूंखार हो चुके आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब इन्सान ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पक्षी मोर भी इनके शिकार बन रहे हैं।
बुधवार को गांव के श्मशान घाट के पास कई आवारा कुत्ते दिखाई देने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। हालांकि जब तक लोग वहां पहुंचें, कुत्ते भाग चुके थे, लेकिन मौके पर दो स्थानों पर मोरों के मरे पड़े अवशेष मिले। ग्रामीणों का कहना है कि खूंखार हो चुके कुत्तों के झुंड ने ही मोरों को अपना निवाला बनाया है।
खेतों में काम करने जाने से डर रहे किसान
-लख्मी की मौत और मोरों के शिकार की ताजा खबर से गांव में डर का माहौल और गहरा गया है। अकेला पाकर कुत्तों के हमले के डर से बुधवार को किसान अकेले खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। किसान अपनी फसलों की सुरक्षा और कृषि कार्यों के लिए लाठी-डंडों से लैस होकर समूह बनाकर खेतों की ओर रवाना हुए।
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उधर, प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में खूंखार कुत्तों का गिरोह बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। किसान और राहगीर खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तुरंत बड़ा अभियान चलाया जाए, ताकि ग्रामीणों की जान-माल और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में हुआ किसान का अंतिम संस्कार
जानीखुर्द। गांव किठौली में आवारा कुत्तों के हमले में जान गंवाने वाले किसान लख्मी (58) का बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े पुत्र जितेंद्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। लख्मी का शव गांव पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। नम आंखों से ग्रामीणों ने मृतक को अंतिम विदाई दी।
मंगलवार को किसान लख्मी अपने खेत में ईख की बंधाई का कार्य कर रहे थे। उसी दौरान खूंखार आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। लख्मी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कुत्तों ने उन्हें बुरी तरह नोच डाला। अत्यधिक घाव और खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुत्तों ने किसान निवाला बन लिया।
इस हादसे के बाद से किठौली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत के साथ-साथ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है, जिसके चलते खेतों में काम करने वाले किसान और राहगीर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं गांव अभी तक आवारा कुत्तों के पकड़ने के अभियान के शुरू न किए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीण रमेश धामा, हरेंद्र चौधरी आदि ने जिला प्रशासन से तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़वाने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, भाजपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह ने गांव पहुंचकर लख्मी के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। गांव निवासी हरेंद्र चौधरी ने बताया कि बुधवार को गांव में क्षेत्र नायब तहसीलदार और पटवारी पहुंचे हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजे के लिए जरूरी कार्रवाई की है। वहीं वन विभाग कर्मी भी गांव पहुंचे हैं। उन्होंने गांव में ग्रामीणों और परिजनों से घटना की जानकारी ली और आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाने का आश्वासन दिया है।
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खेतों पर एकत्र होकर जा रहे किसान
श्मशान घाट के पास मिले दो मोरों के अवशेष
संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द । थाना जानी क्षेत्र के किठौली गांव में आवारा कुत्तों के हमले में किसान लख्मी की मौत के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। किसान समूह में खेतों पर जा रहे है। अकेले खेत में जाने से ग्रामीण भयभीत है। खूंखार हो चुके आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब इन्सान ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पक्षी मोर भी इनके शिकार बन रहे हैं।
बुधवार को गांव के श्मशान घाट के पास कई आवारा कुत्ते दिखाई देने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण तुरंत लाठी-डंडे लेकर मौके की ओर दौड़े। हालांकि जब तक लोग वहां पहुंचें, कुत्ते भाग चुके थे, लेकिन मौके पर दो स्थानों पर मोरों के मरे पड़े अवशेष मिले। ग्रामीणों का कहना है कि खूंखार हो चुके कुत्तों के झुंड ने ही मोरों को अपना निवाला बनाया है।
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खेतों में काम करने जाने से डर रहे किसान
-लख्मी की मौत और मोरों के शिकार की ताजा खबर से गांव में डर का माहौल और गहरा गया है। अकेला पाकर कुत्तों के हमले के डर से बुधवार को किसान अकेले खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। किसान अपनी फसलों की सुरक्षा और कृषि कार्यों के लिए लाठी-डंडों से लैस होकर समूह बनाकर खेतों की ओर रवाना हुए।
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उधर, प्रशासन की चुप्पी से आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में खूंखार कुत्तों का गिरोह बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। किसान और राहगीर खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तुरंत बड़ा अभियान चलाया जाए, ताकि ग्रामीणों की जान-माल और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में हुआ किसान का अंतिम संस्कार
जानीखुर्द। गांव किठौली में आवारा कुत्तों के हमले में जान गंवाने वाले किसान लख्मी (58) का बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बड़े पुत्र जितेंद्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। लख्मी का शव गांव पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। नम आंखों से ग्रामीणों ने मृतक को अंतिम विदाई दी।
मंगलवार को किसान लख्मी अपने खेत में ईख की बंधाई का कार्य कर रहे थे। उसी दौरान खूंखार आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। लख्मी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कुत्तों ने उन्हें बुरी तरह नोच डाला। अत्यधिक घाव और खून बह जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुत्तों ने किसान निवाला बन लिया।
इस हादसे के बाद से किठौली और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत के साथ-साथ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर है, जिसके चलते खेतों में काम करने वाले किसान और राहगीर खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं गांव अभी तक आवारा कुत्तों के पकड़ने के अभियान के शुरू न किए जाने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीण रमेश धामा, हरेंद्र चौधरी आदि ने जिला प्रशासन से तत्काल अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़वाने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है, भाजपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह ने गांव पहुंचकर लख्मी के परिजनों को ढाढ़स बंधाया। गांव निवासी हरेंद्र चौधरी ने बताया कि बुधवार को गांव में क्षेत्र नायब तहसीलदार और पटवारी पहुंचे हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजे के लिए जरूरी कार्रवाई की है। वहीं वन विभाग कर्मी भी गांव पहुंचे हैं। उन्होंने गांव में ग्रामीणों और परिजनों से घटना की जानकारी ली और आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाने का आश्वासन दिया है।