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जाली नोटों के बाद अब नकली सिक्के: 25 साल और 400 का कमीशन, एक सिक्के पर आती थी पांच रुपये की लागत; पूरी कहानी

Mon, 14 Sep 2026 11:06 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: Sharukh Khan Updated Mon, 14 Sep 2026 11:06 AM IST
सार

सहारनपुर में नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों का बड़ा खेल सामने आया है। शहर कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर नकली सिक्के बनाने और बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पांच बदमाशों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 1.28 लाख के नकली सिक्के, छह मशीनें, डाई, पांच लाख के अधबने सिक्के आदि बरामद किए हैं। 

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Five arrested, including ringleader of gang circulating counterfeit coins worth ₹70 crore in Saharanpur
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी होने से पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बात सामने आई हैं। गिरोह का मुख्य सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे में लगा हुआ था। उसने गिरोह के साथ मिलकर सहारनपुर में भी नकली सिक्कों की फैक्टरी लगाने की तैयारी कर ली थी। इससे पहले ही पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।
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गिरोह का मुख्य सरगना पंजाब निवासी उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह वर्ष 2001 से नकली सिक्के बनाने के धंधे में लगा हुआ था। पहले वह सर्राफ था। इसलिए उसे सिक्के बनाने की अच्छी प्रैक्टिस थी। नकली सिक्कों के मामले में आरोपी उपकार को दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2017 में पकड़ा था। 
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उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। तिहाड़ जेल में ही उसकी मुलाकात पकड़े गए आरोपी हिमांशु से हुई थी। दोनों ने तिहाड़ जेल में कुछ नया करने की योजना बनाई। इसके बाद वर्ष 2021 में जेल से बाहर आए। 
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दोनों ने मिलकर गिरोह खड़ा किया और नए सदस्यों को जोड़ा। इसके बाद नकली सिक्के बनाने का काम आगे बढ़ाने के लिए सहारनपुर में भी कुछ लोगों को अपने साथ मिलाया गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी स्थापित करने की योजना बना रहे थे। 

 

इसके लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ने और काम शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य सहारनपुर में किन लोगों के संपर्क में थे और फैक्टरी लगाने की योजना किस स्तर तक पहुंच चुकी थी।
 

एक सिक्के पर आती थी पांच रुपये की लागत
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों को चार हजार रुपये के सिक्के बाजार में चलाने पर 400 रुपये का कमीशन मिलता था। 20 रुपये के एक सिक्के पर पांच रुपये की लागत आती थी। 15 रुपये का मुनाफा होता था। यदि हिसाब लगाया जाए तो आरोपियों ने साढ़े तीन करोड़ सिक्के बनाए हैं। इन पर 17.50 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 52.50 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।

अवैध संपत्तियों की होगी जांच
एसएसपी अभिनंदन ने बताया कि नकली सिक्के बनाने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि संपत्तियां अपराध से अर्जित पाई जाती हैं तो उन्हें जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस गिरोह की आर्थिक गतिविधियों और इससे जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

 

आरोपी हिमांशु पर तीन मुकदमे हैं दर्ज
पकड़े गए आरोपी हिमांशु उर्फ गुल्लू पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। यह तीनों मुकदमे वर्ष 2015 में दर्ज हुए थे और सभी नानौता थाने में दर्ज हैं। मुख्य सरगना उपकार लूथरा पर दिल्ली में मुकदमे दर्ज हैं।

70 करोड़ के नकली सिक्के खपाने वाले गिरोह के सरगना समेत पांच गिरफ्तार
सहारनपुर में नकली नोटों के बाद अब नकली सिक्कों का बड़ा खेल सामने आया है। शहर कोतवाली पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर नकली सिक्के बनाने और बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पांच बदमाशों को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 1.28 लाख के नकली सिक्के, छह मशीनें, डाई, पांच लाख के अधबने सिक्के आदि बरामद किए हैं। 

आरोपी अब तक बाजार में 70 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली सिक्के खपा चुके हैं। पुलिस लाइन में रविवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि पकड़े गए आरोपी हरियाणा के सोनीपत में नकली सिक्के बनाते थे। हरियाणा, पंजाब, यूपी और बिहार में खपाते थे। गिरोह का सरगना पंजाब के मोहाली का रहने वाला है। 

 

एक बिहार के मधुबनी और दो यूपी के सहारनपुर व एक संत रविदास नगर जिले के रहने वाले हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को कुछ दिनों से बाजार में नकली सिक्के चलाने की सूचना मिल रही थी। शहर कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने गिरोह को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 

 

इसी मामले में कुछ दिन पहले दो युवकों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ में तीन अन्य सदस्यों के नाम सामने आए। इसके बाद इनकी गिरफ्तारी की गई है। मामले की जांच चल रही है।
 

बाजार, शराब ठेकों और टोल प्लाजा पर खपाते थे सिक्के 
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 20-20 रुपये के नकली सिक्के तैयार करके बाजार में चला रहे थे। सरकारी शराब के ठेकों और टोल प्लाजा पर भी नकली सिक्के खपाने की बात स्वीकार की है। गिरोह के पास सिक्के बनाने और उनकी फिनिशिंग करने के लिए मशीनों से लेकर डाई, घिसाई पत्थर और अन्य उपकरण मौजूद थे।

 

इन्हें गिरफ्तार किया गया
पुलिस ने जुबली पार्क से गिरोह के सरगना उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह निवासी टावर डी-पांच पेंटाहोम सोसायटी जिरखपुर मोहाली, हिमांशु उर्फ गुल्लू निवासी बरसी, सहारनपुर, कुलदीप निवासी आवास विकास सहारनपुर, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन निवासी लड्डू गांव मधुबनी बिहार और अनुराग पाल उर्फ लंकेश निवासी पीपरीश रामेश्वरम जिला संत रविदासनगर (भदोही) को गिरफ्तार किया।
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