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Meerut News: किनौनी मिल पर 121 करोड़ बकाया, किसान परेशान
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- अक्तूबर-नवंबर में फिर शुरू हो जाएगा पेराई सत्र, अभी तक नहीं हो सका बकाया भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जिले में किनौनी शुगर मिल के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सबसे अधिक गन्ना पेराई करने वाली मिल होने के बावजूद अभी तक किसानों का गन्ना मूल्य बकाया का भुगतान नहीं हो सका है। मिल पर अभी भी किसानों का लगभग 121 करोड़ रुपये बकाया है। इस कारण मेरठ-बागपत क्षेत्र के किसान परेशान हैं। किसान संगठनों की ओर से भी बकाया गन्ना मूल्य को लेकर आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
मेरठ जिले में छह शुगर मिल हैं। इनमें नंगलामल, सकौती, दौराला, मवाना, मोहिउद्दीनपुर और किनौनी मिल शामिल है। इन मिलों में पांच मिल शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर चुकी हैं, लेकिन किनौनी मिल का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। आगामी दो माह के बाद फिर से मिल प्रबंधन की ओर से मिल के पेराई सत्र की तैयारी शुरू हो जाएगी, लेकिन इसके बावजूद यह मिल गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान नहीं कर पा रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी का कहना है कि मिल पर अभी भी मेरठ-बागपत क्षेत्र के किसानों का लगभग 121 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में क्षेत्र के किसान परेशान हैं। मिल से लगभग 35 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। मिल सबसे अधिक गन्ने की पेराई करती है और चीनी उत्पादन में भी सबसे आगे है, इसके बावजूद मिल की ओर से किसानों का गन्ना बकाया मूल्य नहीं दिया जा रहा है। अनुराग ने कहा कि अगर जल्द ही मिल की ओर से बकाया भुगतान नहीं किया गया तो उनकी ओर से जिलाधिकारी कार्यालय और मिल के बाहर धरना दिया जाएगा।
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वहीं, मिल प्रबंधन को जिला प्रशासन और बागपत प्रशासन की ओर से भी कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। मेरठ के जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर ने बताया कि उनकी ओर से भी मिल प्रबंधन को लगातार नोटिस जारी कर बकाया भुगतान के लिए कहा जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। जिले में किनौनी शुगर मिल के हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सबसे अधिक गन्ना पेराई करने वाली मिल होने के बावजूद अभी तक किसानों का गन्ना मूल्य बकाया का भुगतान नहीं हो सका है। मिल पर अभी भी किसानों का लगभग 121 करोड़ रुपये बकाया है। इस कारण मेरठ-बागपत क्षेत्र के किसान परेशान हैं। किसान संगठनों की ओर से भी बकाया गन्ना मूल्य को लेकर आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
मेरठ जिले में छह शुगर मिल हैं। इनमें नंगलामल, सकौती, दौराला, मवाना, मोहिउद्दीनपुर और किनौनी मिल शामिल है। इन मिलों में पांच मिल शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर चुकी हैं, लेकिन किनौनी मिल का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। आगामी दो माह के बाद फिर से मिल प्रबंधन की ओर से मिल के पेराई सत्र की तैयारी शुरू हो जाएगी, लेकिन इसके बावजूद यह मिल गन्ना बकाया मूल्य का भुगतान नहीं कर पा रही है।
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भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी का कहना है कि मिल पर अभी भी मेरठ-बागपत क्षेत्र के किसानों का लगभग 121 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में क्षेत्र के किसान परेशान हैं। मिल से लगभग 35 हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। मिल सबसे अधिक गन्ने की पेराई करती है और चीनी उत्पादन में भी सबसे आगे है, इसके बावजूद मिल की ओर से किसानों का गन्ना बकाया मूल्य नहीं दिया जा रहा है। अनुराग ने कहा कि अगर जल्द ही मिल की ओर से बकाया भुगतान नहीं किया गया तो उनकी ओर से जिलाधिकारी कार्यालय और मिल के बाहर धरना दिया जाएगा।
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वहीं, मिल प्रबंधन को जिला प्रशासन और बागपत प्रशासन की ओर से भी कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। मेरठ के जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर ने बताया कि उनकी ओर से भी मिल प्रबंधन को लगातार नोटिस जारी कर बकाया भुगतान के लिए कहा जा रहा है।