मेरठ: सीलिंग के खौफ के बीच बड़ा अपडेट, जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित, होगी जांच
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया गया है, जबकि मेरठ के जोन-ए में चिन्हित 16,726 अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
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मेरठ में अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को आदेश जारी किया है। कोर्ट ने उल्देपुर क्षेत्र में विकसित हुई अवैध आवासीय कॉलोनियों की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित किया है। आयोग जमीन की खरीद-फरोख्त, कॉलोनियों के विकास और मेरठ विकास प्राधिकरण की भूमिका की जांच करेगा। वहीं, जोन-ए में चिन्हित 16,726 अवैध निर्माणों पर सीलिंग और अन्य कार्रवाई के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों की होगी न्यायिक जांच
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार उल्देपुर में बड़ी संख्या में अवैध आवासीय कॉलोनियां विकसित होने के मामले की जांच न्यायिक आयोग करेगा। आयोग यह देखेगा कि इन कॉलोनियों के लिए जमीन किसकी थी, उसकी खरीद-फरोख्त किस तरह हुई और लंबे समय तक अवैध कॉलोनियों के विकसित होने के बावजूद संबंधित प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
जांच के दायरे में यह पहलू भी रहेगा कि अवैध कॉलोनियों के विकास में प्राधिकरण के अधिकारियों की किसी तरह की मिलीभगत या भूमिका तो नहीं थी। आयोग के अध्यक्ष को जरूरत के अनुसार अन्य सदस्यों को शामिल करने का अधिकार भी दिया गया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने उल्देपुर में मौजूद अवैध ढांचों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अवैध कॉलोनियों को लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब और कार्रवाई की स्थिति भी मांगी है। पहले की सुनवाई में भी कोर्ट ने उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए थे।
16,726 निर्माणों पर सीलिंग के निर्देश
सेंट्रल मार्केट मामले की सुनवाई के दौरान एमडीए की ओर से जोन-ए की सर्वे रिपोर्ट पेश की गई थी। इसमें 16,726 अनधिकृत निर्माण चिन्हित किए गए। सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों पर सीलिंग की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जोन-बी, सी और डी में भी ऐसे निर्माणों की पहचान कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
44 सील संपत्तियों की स्थिति भी सामने आई
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश स्टेटस रिपोर्ट में पहले सील की गई 44 संपत्तियों की कार्रवाई की स्थिति भी रखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक 44 में से 20 संपत्तियों में अवैध निर्माण हटाया जा चुका है। बाकी 24 संपत्तियों में भी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सेटबैक में बने अवैध निर्माण भी हटेंगे
कोर्ट के समक्ष ऐसी संपत्तियों का मामला भी रखा गया, जहां अनिवार्य सेटबैक क्षेत्र में निर्माण किया गया था। जिन संपत्तियों में अभी कार्रवाई बाकी है, वहां सेटबैक क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अगली सुनवाई 9 दिसंबर को
सुप्रीम कोर्ट ने जोन-बी, सी और डी में अवैध निर्माणों का सर्वे कर अगली स्टेटस रिपोर्ट में पूरी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को होगी।