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Meerut News: 5 करोड़ की एमएसएमई भी अब बनेंगी बड़े टेंडरों में हिस्सा, 20 हजार उद्योगों को लाभ
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आशुतोष भारद्वाज
मेरठ। केंद्रीय बजट 2026 में खेल उद्योग से जुड़ी छोटी कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। इस प्रावधान से मेरठ के खेल उद्योग से जुड़े लगभग 20 हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सीधा संरक्षण मिलेगा। पांच करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली एमएसएमई को इस नई व्यवस्था से महत्वपूर्ण कारोबार प्राप्त होने की उम्मीद है। स्पोर्ट्स गुड्स एंड टायेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि पहले 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर और तीन साल का अनुभव रखने वाली फर्मों को ही वरीयता दी जाती थी।
नेलको के चेयरमैन अंबर आनंद ने बजट प्रावधान पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से मेरठ के फिटनेस से जुड़े 200 से अधिक छोटे-बड़े उद्योगों को फायदा होगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि आगामी वित्त वर्ष में भारत और विदेशों में खेल कारोबार का कुल मूल्य वर्तमान एक हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस नई व्यवस्था के तहत मेरठ की पांच से दस करोड़ रुपये का खेल उत्पादन करने वाली कंपनियां भी अब सरकारी बड़े टेंडरों में भाग ले सकेंगी।
अनुसंधान, नवाचार और लंबी अवधि की योजनाओं पर जोर
स्पोर्ट्स गुड्स एंड टायेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के रीजनल चेयरमैन संजय भल्ला ने बताया कि वित्त मंत्री ने खेल उत्पादों, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। यह पहल 2030 और 2036 की लंबी अवधि की योजनाओं के तहत की जा रही है। यश इंडस्ट्री के चेयरमैन अनिल पुंडीर ने उल्लेख किया कि बजट घोषणा से पहले ही दक्षिण भारत की विभिन्न खेल एसोसिएशन इस दिशा में काम शुरू कर चुकी हैं। उन्होंने हाल ही में चेन्नई में जिम उपकरणों का एक बड़ा ऑर्डर पूरा किया है और खेलो इंडिया के तहत पुणे से 15 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी मिला है, जिसकी आपूर्ति की जा रही है।
मेरठ। केंद्रीय बजट 2026 में खेल उद्योग से जुड़ी छोटी कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। इस प्रावधान से मेरठ के खेल उद्योग से जुड़े लगभग 20 हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सीधा संरक्षण मिलेगा। पांच करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली एमएसएमई को इस नई व्यवस्था से महत्वपूर्ण कारोबार प्राप्त होने की उम्मीद है। स्पोर्ट्स गुड्स एंड टायेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि पहले 50 करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर और तीन साल का अनुभव रखने वाली फर्मों को ही वरीयता दी जाती थी।
नेलको के चेयरमैन अंबर आनंद ने बजट प्रावधान पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से मेरठ के फिटनेस से जुड़े 200 से अधिक छोटे-बड़े उद्योगों को फायदा होगा। उन्होंने अनुमान लगाया कि आगामी वित्त वर्ष में भारत और विदेशों में खेल कारोबार का कुल मूल्य वर्तमान एक हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस नई व्यवस्था के तहत मेरठ की पांच से दस करोड़ रुपये का खेल उत्पादन करने वाली कंपनियां भी अब सरकारी बड़े टेंडरों में भाग ले सकेंगी।
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अनुसंधान, नवाचार और लंबी अवधि की योजनाओं पर जोर
स्पोर्ट्स गुड्स एंड टायेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के रीजनल चेयरमैन संजय भल्ला ने बताया कि वित्त मंत्री ने खेल उत्पादों, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। यह पहल 2030 और 2036 की लंबी अवधि की योजनाओं के तहत की जा रही है। यश इंडस्ट्री के चेयरमैन अनिल पुंडीर ने उल्लेख किया कि बजट घोषणा से पहले ही दक्षिण भारत की विभिन्न खेल एसोसिएशन इस दिशा में काम शुरू कर चुकी हैं। उन्होंने हाल ही में चेन्नई में जिम उपकरणों का एक बड़ा ऑर्डर पूरा किया है और खेलो इंडिया के तहत पुणे से 15 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी मिला है, जिसकी आपूर्ति की जा रही है।
