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कानून के दिवाकर, फांसी की सजा सुनाने का रिकॉर्ड: 80 दिन, नौ लोगों को सुना चुके सजा-ए-मौत; रवि कुमार की कहानी

अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 25 Jun 2026 10:28 AM IST
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सार

मुजफ्फरनगर में न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने फांसी की सजा सुनाने का रिकॉर्ड बनाया है। पिछले 80 दिन में तीन मामलों में अब तक नौ लोगों को फांसी की सजा सुना चुके हैं।उन्होंने इंस्टाग्राम की पोस्ट का हवाला देते हुए सुरक्षा मांगी है।

nine people sentenced to capital punishment in 80 days in muzaffarnagar story of Judge Ravi Kumar Diwakar
judge ravi kumar diwakar - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

वाराणसी, बरेली और चित्रकूट में तैनाती के दौरान पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने चर्चित मामलों को जल्द से जल्द निपटारा किया। मुजफ्फरनगर में 29 नवंबर 2025 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद अब तक चार मामलों में फांसी की सजा सुनाने का रिकॉर्ड भी बन चुका है।


चालीस लाख रुपये के लेनदेन के विवाद में 15 अक्तूबर 2019 को एडवोकेट समीर सैफी की हत्या कर दी गई। छह अप्रैल को फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 ने दोषी सिंगोल अल्वी, सोनू उर्फ रिजवान, शालू उर्फ अरबाज को फांसी की सजा सुनाई। दोषी दिनेश को सात साल कैद की सजा सुनाई गई।
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भौराकलां थाना इलाके के सिसौली निवासी शेखर की खेड़ी सूंडियान गांव में 17 जून 2019 को हत्या कर दी गई थी। गई। पिछले महीने 28 अप्रैल को अदालत ने मां मुकेश, उसके बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को फांसी की सजा सुनाई गई। 70 हजार रुपये के लेन-देन में यह विवाद हुआ।
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सात नवंबर 2011 को चरथावल में ईंटों से कूचकर राजेश देवी और उसके मासूम बेटे हिमांशु की हत्या कर दी गई। पिछले महीने 30 मई को अदालत ने दोषी रईस को मृत्युदंड की सजा सुनाई। राजेश और रईस के बीच प्रेम संबंध थे। 

 

राजेश साथ रहने की जिद कर रही थी। इसके अलावा ककरौली के राजेंद्र सैनी हत्याकांड में 20 जून को ही मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी दोषी गीलू और सावन को फांसी की सजा सुनाई है।
 

इंस्टाग्राम की पोस्ट का दिया गया हवाला
एसएसपी को भेजे पत्र में उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एसएसपा एटीएस की जांच का हवाला दिया है। जांच में सामने आया कि आईएसआईएस से जुड़े दो आतंकवादियों को 25 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इन आतंकियों ने दिल्ली के बाजारों और उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आत्मघाती हमले की साजिश रची थी। 

 

अयोध्या का राम मंदिर भी इनमें शामिल था। आतंकवादी अदनान खान ने इंस्टाग्राम पर न्यायाधीश दिवाकर की तस्वीर पोस्ट करते हुए तस्वीर पर लाल रंग से काफिर लिखा और जान से मारने की धमकी दी थी।

अदनान खां ने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से ज्ञानवापी मस्जिद के मुकदमें की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश को यह कहते हुए धमकी दी थी कि काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल है, जो तुम्हारे दीन के खिलाफ लड़ रहे हैं।

पत्र नहीं मिला, गार्ड और गनर दे चुके
एसएसपी संजय वर्मा का कहना है कि अभी उन्हें इस तरह का कोई पत्र नहीं मिला है। हालांकि पुलिस लाइन से गार्ड में तीन पुलिसकर्मी और एक गनर पहले ही दिया जा चुका है।
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