UP: सपा में जुबानी जंग, नेत्री ने जिलाध्यक्ष के बाद बेटे पर साधा निशाना, बोलीं- न कुर्सी तुम्हारी, न कार्यालय
सपा नेत्री नेहा गौड़ ने जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद अब उनके बेटे गिरेंद्र गुमी के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप चर्चा में हैं।
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समाजवादी पार्टी में जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी और सपा नेत्री नेहा गौड़ के बीच चल रही जुबानी जंग अब उनके परिवार तक पहुंचती दिखाई दे रही है। 11 अगस्त से सोशल मीडिया पर चर्चा में बने इस विवाद में नेहा गौड़ ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ आरोप लगाने के बाद अब उनके बेटे गिरेंद्र गुमी के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर पार्टी की कार्यप्रणाली और कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं।
जिलाध्यक्ष पर दक्षिण विधानसभा तक सीमित रहने का आरोप
सपा नेत्री नेहा गौड़ का आरोप है कि कर्मवीर सिंह गुमी सपा के जिलाध्यक्ष होने के दायरे में काम करने के बजाय केवल दक्षिण विधानसभा सीट तक ही सीमित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि पार्टी कार्यालय किसी की निजी संपत्ति नहीं है। उनके इन बयानों के बाद पार्टी के भीतर विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है।
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अब जिलाध्यक्ष के बेटे के व्यवहार पर जताई नाराजगी
नेहा गौड़ ने जिलाध्यक्ष के बेटे गिरेंद्र गुमी के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। फेसबुक पर की गई एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अध्यक्ष का बेटा कार्यकर्ताओं का अपमान करना बंद करे। इसके बाद एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'न कुर्सी तुम्हारी, न कार्यालय तुम्हारा, जोश में होश मत खो देना।' उनकी इन पोस्ट के बाद सपा के भीतर चल रही खींचतान और तेज चर्चा में आ गई।
प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम की सूचना को लेकर भी विवाद
नेहा गौड़ का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष के आने की जानकारी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को दी गई, सभी को नहीं। इसी बात को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई है। उनके अनुसार, संगठन में सभी कार्यकर्ताओं को समान जानकारी और सम्मान मिलना चाहिए।
जिलाध्यक्ष और बेटे ने आरोपों से किया इनकार
वहीं जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गुमी और उनके बेटे गिरेंद्र गुमी का कहना है कि उन्होंने किसी कार्यकर्ता का अपमान नहीं किया। उनका कहना है कि नेहा गौड़ पिछले काफी समय से इसी तरह की पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डाल रही हैं। दोनों पक्षों के बीच चल रहा यह आरोप-प्रत्यारोप अब सपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।