{"_id":"69dbf47f307fa37f940de82b","slug":"advocate-murdered-in-a-dispute-over-headship-main-accused-in-judicial-custody-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-151829-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: प्रधानी के विवाद में हुई अधिवक्ता की हत्या, मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: प्रधानी के विवाद में हुई अधिवक्ता की हत्या, मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में
विज्ञापन
विंध्याचल के देवरी गांव में बैठे मृतक अधिवक्ता राजीव सिंह के परिजन। स्रोत- संवाद
विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल की भर्ती है राजेंद्र की सीओ समेत 17 पुलिसकर्मी कर रहे निगरानी
मिर्जापुर। अधिवक्ता राजीव सिंह उर्फ रिंकू की शनिवार को दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या करने करने के दूसरे आरोपी की पहचान लंका पहड़ी निवासी पुलिस बिंद के रूप में हो गई है। उसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगी हुई हैं। एसपी अर्पणा रजत कौशिक ने बताया कि प्रधानी के विवाद में अधिवक्ता की हत्या हुई थी। उधर, राजेंद्र सोनकर का पुलिस अभिरक्षा में मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार हो रहा है। रविवार देर रात सुरक्षा कारणों से डिजिटल पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीओ समेत 17 पुलिसकर्मी उसकी निगरानी कर रहे हैं। यहां सीओ मड़िहान शिखा भारती के साथ शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा और जिगना थानाध्यक्ष संजय सिंह और चार दरोगा 10 सिपाही हर पल निगरानी कर रहे हैं। राजेंद्र सोनकर पुलिस अभिरक्षा में है।
पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर को अधिवक्ता की हत्या के 15 घंटे के बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था, अधिवक्ताओं में घटना के लिए अभी भी बहुत आक्रोश है। शनिवार को हत्या के बाद काफी संख्या में अधिवक्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। जहां आयुक्त और डीएम से धक्का-मुक्की हुई थी।
....................................
मुठभेड़ के बाद राजेंद्र ने पुलिस को दूसरे साथी के बारे में बताया
अधिवक्ता की हत्या के लिए राजेंद्र के साथ बाइक सवार पुलिस बिंंद भी आया था। जो राजेंद्र के गोली मारने के बाद बाइक को स्टार्ट करने के लिए 17 किक मारा पर स्टार्ट नहीं हुई। मोहल्ले के कुछ लोग उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े तो तमंचा तान दिया था। राजेंद्र की तो सीसी टीवी से पहचान हो गई थी, पर उसके साथी की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस पहचान में जुटी थी। शनिवार रात को जब राजेंद्र पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया तो पूछताछ के बाद उसके साथी की भी पहचान हो गई। उसका साथी लंका पहड़ी निवासी पुलिस बिंद है।
....................................................................
दूसरी महिला के साथ रहता था राजेंद्र, यहीं से रची हत्या की साजिश
राजेंद्र सोनकर विंध्याचल का देवरी गांव छोड़कर शहर में कटरा कोतवाली क्षेत्र के डंगहर मोहल्ले में रह रहा था। यहां पर उसकी नानी ने राजेंद्र की मां को हिस्सा दिया था। बाकी हिस्से को कब्जा करने के लिए राजेेंद्र ने नानी की हत्या कर दी। कब्जे वाली जमीन को किसी को बेचने के प्रयास में था, पर पैसा नहीं मिलाने पर नहीं बिक सका। यहां पर एक हिस्से में राजेंद्र की पत्नी छोटे बेटे राहुल के साथ रहती थी। राजेंद्र कभी-कभार यहां आता था। वह दूसरी महिला के साथ लंका पहड़ी पर रहता था। अधिवक्ता को गोली मारने की घटना में उसका साथी भी लंका पहड़ी का ही निवासी पुलिस बिंद है। वहीं पर राजेंद्र और पुलिस बिंद की दोस्ती हुई।
......................................................
भाई ने की हत्यारोपी को फांसी की सजा देने की मांग
जिगना। विंध्याचल थाना क्षेत्र के देवरी गांव में रविवार को दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। पास-पड़ोस सहित कई घरों में चूल्हे नहीं जले। अधिवक्ता राजीव सिंह के बड़े भाई संजीव ने कहा कि हत्यारे को फांसी की सजा होनी चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि दो महीने पहले छोटे भाई राजीव से मोबाइल पर बात हुई थी। उन्होंने कहा कि उनका भाई उदार स्वाभाव का था। गांव में हर किसी का सहयोग करता था। गरीबों के शादी में सहयोग करने के साथ 25 बार रक्तदान भी किए थे। लोकप्रियता के कारण दो बार प्रधान रहे। बड़े भाई धनंजय सिंह और दूसरे नंबर के भाई संजीव देवरी गांव स्थित घर पर रहे। पिता जटा शंकर सिंह के पास शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए गांव और आस-पास के लोग आते रहे।
...........................................................
प्रधान के लिए कहीं किसी तीसरे ने तो नहीं रची साजिश
राजेंद्र सोनकर क अधिवक्ता राजीव सिंह ने काफी मदद की थी इसके बाद भी उनकी हत्या किए जाने के बाद से यही लग रहा है कि प्रधान बनने के महत्वकांक्षा के चलते ही उसने राजीव सिंह की हत्या की। क्योंकि राजीव सिंह के रहते प्रधान बनना मुश्किल था। राजेंद्र 20 वर्ष पहले चुनाव लड़ा था। तब राम स्नेही दुबे चुनाव से राजेंद्र चुनाव हार गया था। गांव में में राजेंद्र की छवि ठीक नहीं थी, वहीं राजीव पिछली बार चुनाव लड़ने से मना किए तो गांव वालों ने जबरदस्ती कर के उनकी पत्नी को चुनाव में उतारा जीत हुई। लोगों में चर्चा है कि किसी तीसरे ने राजेंद्र को प्रधान बनने की महत्वाकांक्षा को बल देते हुए राजीव को हटाने के लिए चाल तो नहीं चली। राजीव की हत्या भी हो गई और राजेंद्र जेल चला गया। फिलहाल पुलिस प्रधानी की चुनाव को लेकर ही हत्या का कारण मान रही है।
..................................................................
उच्च स्तरीय जांच और अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लाने की मांग
ऑल इंडिया रुरल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल व राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षित नहीं है। आरोपियों पर रासुका लगाने और मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। कहा कि जनवरी से अब तक प्रदेश के कई कोने में अधिवक्ताओं की हत्या के बावजूद सरकार अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक पर अमल नहीं कर पा रही है।
....................................
वर्जन
मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ने के बाद दूसरे आरोपी की तलाश में टीमें लगी है। राजेंद्र की प्रधानी के लिए महत्वकांक्षा थी। उसी को लेकर समय-समय पर वाद-विवाद होता था। प्रधानी विवाद के चलते ही हत्या की गई है।
अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक
Trending Videos
मिर्जापुर। अधिवक्ता राजीव सिंह उर्फ रिंकू की शनिवार को दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या करने करने के दूसरे आरोपी की पहचान लंका पहड़ी निवासी पुलिस बिंद के रूप में हो गई है। उसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगी हुई हैं। एसपी अर्पणा रजत कौशिक ने बताया कि प्रधानी के विवाद में अधिवक्ता की हत्या हुई थी। उधर, राजेंद्र सोनकर का पुलिस अभिरक्षा में मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार हो रहा है। रविवार देर रात सुरक्षा कारणों से डिजिटल पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
सीओ समेत 17 पुलिसकर्मी उसकी निगरानी कर रहे हैं। यहां सीओ मड़िहान शिखा भारती के साथ शहर कोतवाल दयाशंकर ओझा और जिगना थानाध्यक्ष संजय सिंह और चार दरोगा 10 सिपाही हर पल निगरानी कर रहे हैं। राजेंद्र सोनकर पुलिस अभिरक्षा में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर को अधिवक्ता की हत्या के 15 घंटे के बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था, अधिवक्ताओं में घटना के लिए अभी भी बहुत आक्रोश है। शनिवार को हत्या के बाद काफी संख्या में अधिवक्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। जहां आयुक्त और डीएम से धक्का-मुक्की हुई थी।
....................................
मुठभेड़ के बाद राजेंद्र ने पुलिस को दूसरे साथी के बारे में बताया
अधिवक्ता की हत्या के लिए राजेंद्र के साथ बाइक सवार पुलिस बिंंद भी आया था। जो राजेंद्र के गोली मारने के बाद बाइक को स्टार्ट करने के लिए 17 किक मारा पर स्टार्ट नहीं हुई। मोहल्ले के कुछ लोग उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े तो तमंचा तान दिया था। राजेंद्र की तो सीसी टीवी से पहचान हो गई थी, पर उसके साथी की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस पहचान में जुटी थी। शनिवार रात को जब राजेंद्र पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया तो पूछताछ के बाद उसके साथी की भी पहचान हो गई। उसका साथी लंका पहड़ी निवासी पुलिस बिंद है।
....................................................................
दूसरी महिला के साथ रहता था राजेंद्र, यहीं से रची हत्या की साजिश
राजेंद्र सोनकर विंध्याचल का देवरी गांव छोड़कर शहर में कटरा कोतवाली क्षेत्र के डंगहर मोहल्ले में रह रहा था। यहां पर उसकी नानी ने राजेंद्र की मां को हिस्सा दिया था। बाकी हिस्से को कब्जा करने के लिए राजेेंद्र ने नानी की हत्या कर दी। कब्जे वाली जमीन को किसी को बेचने के प्रयास में था, पर पैसा नहीं मिलाने पर नहीं बिक सका। यहां पर एक हिस्से में राजेंद्र की पत्नी छोटे बेटे राहुल के साथ रहती थी। राजेंद्र कभी-कभार यहां आता था। वह दूसरी महिला के साथ लंका पहड़ी पर रहता था। अधिवक्ता को गोली मारने की घटना में उसका साथी भी लंका पहड़ी का ही निवासी पुलिस बिंद है। वहीं पर राजेंद्र और पुलिस बिंद की दोस्ती हुई।
......................................................
भाई ने की हत्यारोपी को फांसी की सजा देने की मांग
जिगना। विंध्याचल थाना क्षेत्र के देवरी गांव में रविवार को दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। पास-पड़ोस सहित कई घरों में चूल्हे नहीं जले। अधिवक्ता राजीव सिंह के बड़े भाई संजीव ने कहा कि हत्यारे को फांसी की सजा होनी चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि दो महीने पहले छोटे भाई राजीव से मोबाइल पर बात हुई थी। उन्होंने कहा कि उनका भाई उदार स्वाभाव का था। गांव में हर किसी का सहयोग करता था। गरीबों के शादी में सहयोग करने के साथ 25 बार रक्तदान भी किए थे। लोकप्रियता के कारण दो बार प्रधान रहे। बड़े भाई धनंजय सिंह और दूसरे नंबर के भाई संजीव देवरी गांव स्थित घर पर रहे। पिता जटा शंकर सिंह के पास शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए गांव और आस-पास के लोग आते रहे।
...........................................................
प्रधान के लिए कहीं किसी तीसरे ने तो नहीं रची साजिश
राजेंद्र सोनकर क अधिवक्ता राजीव सिंह ने काफी मदद की थी इसके बाद भी उनकी हत्या किए जाने के बाद से यही लग रहा है कि प्रधान बनने के महत्वकांक्षा के चलते ही उसने राजीव सिंह की हत्या की। क्योंकि राजीव सिंह के रहते प्रधान बनना मुश्किल था। राजेंद्र 20 वर्ष पहले चुनाव लड़ा था। तब राम स्नेही दुबे चुनाव से राजेंद्र चुनाव हार गया था। गांव में में राजेंद्र की छवि ठीक नहीं थी, वहीं राजीव पिछली बार चुनाव लड़ने से मना किए तो गांव वालों ने जबरदस्ती कर के उनकी पत्नी को चुनाव में उतारा जीत हुई। लोगों में चर्चा है कि किसी तीसरे ने राजेंद्र को प्रधान बनने की महत्वाकांक्षा को बल देते हुए राजीव को हटाने के लिए चाल तो नहीं चली। राजीव की हत्या भी हो गई और राजेंद्र जेल चला गया। फिलहाल पुलिस प्रधानी की चुनाव को लेकर ही हत्या का कारण मान रही है।
..................................................................
उच्च स्तरीय जांच और अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लाने की मांग
ऑल इंडिया रुरल बार एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ल व राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार तिवारी महेश ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षित नहीं है। आरोपियों पर रासुका लगाने और मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। कहा कि जनवरी से अब तक प्रदेश के कई कोने में अधिवक्ताओं की हत्या के बावजूद सरकार अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम विधेयक पर अमल नहीं कर पा रही है।
....................................
वर्जन
मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में पकड़ने के बाद दूसरे आरोपी की तलाश में टीमें लगी है। राजेंद्र की प्रधानी के लिए महत्वकांक्षा थी। उसी को लेकर समय-समय पर वाद-विवाद होता था। प्रधानी विवाद के चलते ही हत्या की गई है।
अपर्णा रजत कौशिक, पुलिस अधीक्षक

विंध्याचल के देवरी गांव में बैठे मृतक अधिवक्ता राजीव सिंह के परिजन। स्रोत- संवाद