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Mirzapur News: किस्त का भुगतान न होने से गोआश्रय स्थलों का निर्माण ठप
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बृहद गोआश्रय स्थल बबुरा रघुनाथपुर, संवाद
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- दो महीने से बंद है काम, एक गोआश्रय स्थल पूरा होने के कगार पर
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। बजट के अभाव में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले गोआश्रय स्थलों का निर्माण कार्य ठप है। 1.60 करोड़ रुपये प्रति गोआश्रय स्थल की लागत से बनने वाले तीन वृहद गोआश्रय स्थलों का निर्माण दो महीने से बंद है। इनका निर्माण कार्य दो महीने पूर्व ही पूरा हो जाना चाहिए था। एक किस्त का भुगतान होने के बाद अगली किस्त जारी न होने से निर्माण कार्य बाधित है।
खरिहट कला, नौगंवा और बबुरा रघुनाथ में प्रति 1.60 करोड़ रुपये से तीन वृहद गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें खरिहट कला गोआश्रय स्थल का निर्माण अप्रैल 2025 में शुरू हुआ था और इसे अप्रैल 2026 तक पूरा होना था। लेकिन दो महीने से निर्माण कार्य बंद है। 1.60 करोड़ रुपये के बजट में केवल 80 लाख रुपये मिले हैं। इसके बाद कोई भुगतान नहीं हुआ। यहां लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
नौगंवा में सितंबर 2025 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसे मई 2026 तक पूरा होना चाहिए था, लेकिन यहां भी निर्माण कार्य प्रभावित है। यहां भी 80 लाख रुपये जारी किए गए और लगभग 57 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
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बबुरा रघुनाथ में फरवरी 2025 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था और इसे अप्रैल 2026 तक पूरा होना था, लेकिन यहां भी काम बंद है। यहां लगभग 91 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि बजट मिलने पर 15 दिनों में शेष कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इन तीनों गोआश्रय स्थलों का निर्माण राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से कराया जा रहा है।
49 गोआश्रय स्थलों में संरक्षित हैं 14,365 गोवंश
जिले में वर्तमान में 49 गोआश्रय स्थलों में 14,365 गोवंश संरक्षित हैं। यदि ये वृहद गोआश्रय स्थल बन जाते हैं तो आसपास के गोआश्रय स्थलों के अतिरिक्त गोवंशों को यहां रखा जा सकेगा। इससे व्यवस्थाओं में सुधार होगा और गोवंश संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वर्तमान में जिले के कई गोआश्रय स्थलों में क्षमता से अधिक गोवंश रखे गए हैं।
वर्जन
निर्माणाधीन गोआश्रय स्थल लगभग तैयार हैं। फिनिशिंग और इसी प्रकार के अन्य कार्य बाकी हैं। बजट मिलते ही उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
— डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मिर्जापुर
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। बजट के अभाव में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले गोआश्रय स्थलों का निर्माण कार्य ठप है। 1.60 करोड़ रुपये प्रति गोआश्रय स्थल की लागत से बनने वाले तीन वृहद गोआश्रय स्थलों का निर्माण दो महीने से बंद है। इनका निर्माण कार्य दो महीने पूर्व ही पूरा हो जाना चाहिए था। एक किस्त का भुगतान होने के बाद अगली किस्त जारी न होने से निर्माण कार्य बाधित है।
खरिहट कला, नौगंवा और बबुरा रघुनाथ में प्रति 1.60 करोड़ रुपये से तीन वृहद गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें खरिहट कला गोआश्रय स्थल का निर्माण अप्रैल 2025 में शुरू हुआ था और इसे अप्रैल 2026 तक पूरा होना था। लेकिन दो महीने से निर्माण कार्य बंद है। 1.60 करोड़ रुपये के बजट में केवल 80 लाख रुपये मिले हैं। इसके बाद कोई भुगतान नहीं हुआ। यहां लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
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नौगंवा में सितंबर 2025 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। इसे मई 2026 तक पूरा होना चाहिए था, लेकिन यहां भी निर्माण कार्य प्रभावित है। यहां भी 80 लाख रुपये जारी किए गए और लगभग 57 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
बबुरा रघुनाथ में फरवरी 2025 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था और इसे अप्रैल 2026 तक पूरा होना था, लेकिन यहां भी काम बंद है। यहां लगभग 91 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि बजट मिलने पर 15 दिनों में शेष कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इन तीनों गोआश्रय स्थलों का निर्माण राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से कराया जा रहा है।
49 गोआश्रय स्थलों में संरक्षित हैं 14,365 गोवंश
जिले में वर्तमान में 49 गोआश्रय स्थलों में 14,365 गोवंश संरक्षित हैं। यदि ये वृहद गोआश्रय स्थल बन जाते हैं तो आसपास के गोआश्रय स्थलों के अतिरिक्त गोवंशों को यहां रखा जा सकेगा। इससे व्यवस्थाओं में सुधार होगा और गोवंश संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वर्तमान में जिले के कई गोआश्रय स्थलों में क्षमता से अधिक गोवंश रखे गए हैं।
वर्जन
निर्माणाधीन गोआश्रय स्थल लगभग तैयार हैं। फिनिशिंग और इसी प्रकार के अन्य कार्य बाकी हैं। बजट मिलते ही उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।
— डॉ. भूपेंद्र कुमार पाठक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मिर्जापुर