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Mirzapur News: सोने-चांदी के सिक्के, डिजाइनदार ज्वेलरी की मांग बढ़ी, बाजार गुलजार

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 01:30 AM IST
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Demand for gold and silver coins and designer jewellery increased, markets boomed.
त्रिमोहानी स्थित जेवरकोठी में अक्षय तृतीया पर आभूषण की खरीदारी करती महिलाएं।-संवाद।
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अक्षय तृतीया की पूर्व संध्या पर सराफा बाजारों में रही चहल-पहल, होती रही एडवांस बुकिंग
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मिर्जापुर। अक्षय तृतीया की पूर्व संध्या पर सराफा बाजारों में रविवार को चहल-पहल रही। सोने-चांदी के सिक्के की मांग अधिक रही। नगर सहित ग्रामीण अंचलों के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सुबह से लेकर शाम तक ग्राहकों की भीड़ रही। इसमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। नगर के बसनई बाजार, त्रिमुहानी, घंटाघर, मुकेरी बाजार, चौबे टोला, धुंधी कटरा, संगमोहाल, स्टेशन रोड आदि बाजारों में सराफा प्रतिष्ठानों पर महिलाओं ने हल्के व डिजाइनदार नेकलेस, टप्स, चेन, रिंग, मंगलसूत्र, ब्रेसलेट और बैंगल आदि के ऑर्डर दिए। एडवांस देकर उसकी डिलीवरी अक्षय तृतीया के दिन कराई जाएगी।
सराफा व्यवसायी शौर्य अग्रवाल ने कहा वर्तमान समय 24 कैरेट सोने का दाम प्रति दस ग्राम लगभग एक लाख 54 हजार रुपये और चांदी के भाव दो लाख 45 हजार रुपये प्रति किलो पहुंच जाने से ग्राहकों का रुझान डायमंड ज्वेलरी के अलावा सोने-चांदी के सिक्के की तरफ हो रहा है। चौबेटोला निवासी सराफा व्यवसायी गोकुल अग्रवाल का कहना है कि सोने-चांदी के बढ़े दाम के बावजूद अक्षय तृतीया और सहालग को देखते हुए पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 25 से 30 फीसदी ग्राहक बढ़े हैं। सराफा कारोबारी दीपक कुमार सेठ और धीरज अग्रवाल ने कहा गोल्ड पर महंगाई के बावजूद हल्के वजन के ही सही लेकिन अक्षय तृतीया पर खरीदारों की संख्या बढ़ी है। ज्यादातर महिलाओं के ऑर्डर बुक हो गए हैं। आभूषणों की डिलीवरी अक्षय तृतीया के दिन की जाएगी।
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अक्षय तृतीया स्वयं सिद्ध मुहूर्त, हर शुभ कार्य के लिए उत्तम : आचार्य मिट्ठू

फोटो-30
मिर्जापुर। सनातन परंपरा में अक्षय तृतीया का पर्व विशेष महत्व है। आध्यात्मिक गुरु आचार्य त्रियोगी नारायण मिश्र मिट्ठू ने बताया कि अक्षय तृतीया को स्वयंसिद्ध मुहूर्त है। इस दिन बिना पंचांग देखे भी सभी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। यह पर्व प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। काशी पंचांग के अनुसार अक्षय तृतीया 20 मई सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का विशेष मुहूर्त सूर्योदय से प्रातः 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। उदया तिथि में तृतीया होने से पूरे दिन शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय रहेगा। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक आचार्य ने बताया कि इस दिन किए गए प्रत्येक शुभ कार्य का फल अक्षय अर्थात कभी समाप्त न होने वाला होता है। इसी कारण इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत, खरीदारी जैसे सभी मांगलिक कार्य अत्यंत शुभ माने जाते हैं। बताया धार्मिक दृष्टि से इस दिन भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-वैभव में वृद्धि होती है। इस दिन पंखा, चावल, नमक, घी, चीनी, फल, सब्जी एवं वस्त्र का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति इसके साथ ही स्वर्ण खरीदना भी इस दिन शुभ माना जाता है।

त्रिमोहानी स्थित जेवरकोठी में अक्षय तृतीया पर आभूषण की खरीदारी करती महिलाएं।-संवाद।

त्रिमोहानी स्थित जेवरकोठी में अक्षय तृतीया पर आभूषण की खरीदारी करती महिलाएं।-संवाद।

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