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Mirzapur News: तीन महीने में पौने दो करोड़ के चालान, जमा हुए मात्र पांच लाख
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2025 में 10 करोड़ 56 लाख का चालान, जमा हुए मात्र 32 लाख
पांच हजार लोगों का चालान सबसे अधिक हेलमेट न पहनने के कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में यातायात नियमों को तोड़ने वालों की ही संख्या अधिक नहीं है बल्कि चालान के बाद जमा न कर बेफिक्र रहने वाले भी अधिक हैं। जिले में इस वर्ष तीन महीने में सबसे अधिक हेलमेट न लगाने पर 5363 लोगों का चालान हुआ। इसके अलावा, सीट बेल्ट, ड्रिंक एंड ड्राइव, काली फिल्म, गाड़ी चलाते समय मोबाइल से बात करने के मामले में चालान किया है। इसमें एक करोड़ 77 लाख 27 हजार 800 का चालान हुआ है। जिसमें से अब तक पांच लाख रुपये का ही चालान जमा हुआ है।
जिले में यातायात नियमों का पालन न करने पर हादसों में लोगों की जान जा रही है। पुलिस, परिवहन और यातायात विभाग यातायात नियमों का पालन करने वालों का चालान कर रहे हैं पर यातायात नियमों का पालन न करने वाले लोग चालान जमा करने में भी पीछे हैं। कम ही लोग समय से चालान जमा कर रहे हैं। यातयात प्रभारी विवेकानंद ने बताया कि इस वर्ष जिले में जनवरी से मार्च 2026 में बिना हेलमेट के 5363, बिना सीट बेल्ट में 527, बाइक चलाते मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 72, ओवर स्पीडिंग में 110, नशे में गाड़ी चलाने पर 59, बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 228, वाहन पर काली फिल्म लगाने पर 43, तीन सवारी में 1153, रांग साइड ड्राइविंग में 500, प्रदूषण में 105, इंश्योरेंस न होने पर 378, गलत पार्किंग में 3423, दोषपूर्ण नंबर में 443 लोगों का चालान किया गया। तीन महीने में एक करोड़ 77 लाख 26 हजार 800 रुपये का चालान हुआ। इसमें मात्र पांच लाख रुपये का ही चालान जमा हुआ है। 2025 में बिना हेलमेट के 56801, बिना सीट बेल्ट में 3066, बाइक चलाते मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 670, ओवर स्पीडिंग में 531, नशे में गाड़ी चलाने पर 282, तीन सवारी में 6526, रांग साइड ड्राइविंग में 2500, प्रदूषण में 518, गलत पार्किंग में 11429, दोषपूर्ण नंबर में 2984 लोगों का चालान किया गया। एक वर्ष में कुल 10 करोड़ 56 लाख 55 हजार 100 लोगों रुपये का चालान किया गया। इसमें मात्र 32 लाख रुपये चालान ही जमा हो सका है। यातायात नियम का पालन न करने के साथ लोग चालान जमा करने में भी पीछे है।
इनसेट
नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं जमा कर रहे चालान
यातायात प्रभारी विवेकानंद ने बताया कि चालान होने से एक महीने तक कार्यालय आकर या ऑनलाइन चालान जमा किया जा सकता है। इसके बाद चालान को न्यायालय में भेज दिया जाता है। न्यायालय में भी चालान जमा होता है। लोक अदालत में चालान में छूट भी मिलती है। इसके बाद भी चालान जमा न करने वालों के लिए न्यायालय से नोटिस जारी करने का निर्देश जारी होता है। चालान जमा करने के लिए नोटिस जारी की जाती है पर लोग चालान जमा नहीं कर रहे है। इसके लिए पांच बार से अधिक का चालान जमा न करने वाले के लाइसेंस को निरस्त करने की सूची बनाकर परिवहन विभाग को भेजा गया है।
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पांच हजार लोगों का चालान सबसे अधिक हेलमेट न पहनने के कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले में यातायात नियमों को तोड़ने वालों की ही संख्या अधिक नहीं है बल्कि चालान के बाद जमा न कर बेफिक्र रहने वाले भी अधिक हैं। जिले में इस वर्ष तीन महीने में सबसे अधिक हेलमेट न लगाने पर 5363 लोगों का चालान हुआ। इसके अलावा, सीट बेल्ट, ड्रिंक एंड ड्राइव, काली फिल्म, गाड़ी चलाते समय मोबाइल से बात करने के मामले में चालान किया है। इसमें एक करोड़ 77 लाख 27 हजार 800 का चालान हुआ है। जिसमें से अब तक पांच लाख रुपये का ही चालान जमा हुआ है।
जिले में यातायात नियमों का पालन न करने पर हादसों में लोगों की जान जा रही है। पुलिस, परिवहन और यातायात विभाग यातायात नियमों का पालन करने वालों का चालान कर रहे हैं पर यातायात नियमों का पालन न करने वाले लोग चालान जमा करने में भी पीछे हैं। कम ही लोग समय से चालान जमा कर रहे हैं। यातयात प्रभारी विवेकानंद ने बताया कि इस वर्ष जिले में जनवरी से मार्च 2026 में बिना हेलमेट के 5363, बिना सीट बेल्ट में 527, बाइक चलाते मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 72, ओवर स्पीडिंग में 110, नशे में गाड़ी चलाने पर 59, बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 228, वाहन पर काली फिल्म लगाने पर 43, तीन सवारी में 1153, रांग साइड ड्राइविंग में 500, प्रदूषण में 105, इंश्योरेंस न होने पर 378, गलत पार्किंग में 3423, दोषपूर्ण नंबर में 443 लोगों का चालान किया गया। तीन महीने में एक करोड़ 77 लाख 26 हजार 800 रुपये का चालान हुआ। इसमें मात्र पांच लाख रुपये का ही चालान जमा हुआ है। 2025 में बिना हेलमेट के 56801, बिना सीट बेल्ट में 3066, बाइक चलाते मोबाइल फोन का उपयोग करने पर 670, ओवर स्पीडिंग में 531, नशे में गाड़ी चलाने पर 282, तीन सवारी में 6526, रांग साइड ड्राइविंग में 2500, प्रदूषण में 518, गलत पार्किंग में 11429, दोषपूर्ण नंबर में 2984 लोगों का चालान किया गया। एक वर्ष में कुल 10 करोड़ 56 लाख 55 हजार 100 लोगों रुपये का चालान किया गया। इसमें मात्र 32 लाख रुपये चालान ही जमा हो सका है। यातायात नियम का पालन न करने के साथ लोग चालान जमा करने में भी पीछे है।
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नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं जमा कर रहे चालान
यातायात प्रभारी विवेकानंद ने बताया कि चालान होने से एक महीने तक कार्यालय आकर या ऑनलाइन चालान जमा किया जा सकता है। इसके बाद चालान को न्यायालय में भेज दिया जाता है। न्यायालय में भी चालान जमा होता है। लोक अदालत में चालान में छूट भी मिलती है। इसके बाद भी चालान जमा न करने वालों के लिए न्यायालय से नोटिस जारी करने का निर्देश जारी होता है। चालान जमा करने के लिए नोटिस जारी की जाती है पर लोग चालान जमा नहीं कर रहे है। इसके लिए पांच बार से अधिक का चालान जमा न करने वाले के लाइसेंस को निरस्त करने की सूची बनाकर परिवहन विभाग को भेजा गया है।
