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Mirzapur News: चार ब्लॉकों के 75 गांवों में जल जीवन योजना बेअसर, 30 हजार की आबादी प्रभावित
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हुरुआ में अधूरा पड़ा पानी टंकी निर्माण।- संवाद।
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पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, कई जगह परियोजनाएं अधूरी, पानी की टंकी का निर्माण अधूरा, नागरिकों में नाराजगी
गर्मी में प्यास बुझाने के लिए हैंडपंपों की ओर भटक रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जल जीवन मिशन योजना के बावजूद जिले में गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। चार ब्लॉकों के 75 गांवों में करीब 30 हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। यह योजना वर्ष 2021 से 2024 के बीच की है।
योजना की बदहाली का आलम यह है कि कई पानी की टंकियां कहीं शोपीस बनकर रह गई हैं, तो कहीं निर्माण के बावजूद अधूरी होने के कारण बस्तियों तक ही पानी नहीं पहुंचा पा रहीं। प्यास बुझाने के लिए ग्रामीण पहले की तरह हैंडपंपों पर निर्भर होकर इधर-उधर भटक रहे हैं। जिले के 12 ब्लॉकों की 809 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत 1953 करोड़ रुपये खर्च कर 274 पानी की टंकियां बनाई गई हैं। इसके बावजूद अधिकांश स्थानों से समस्याएं सामने आ रही हैं।
जिगना क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही विजयपुर, महुवाडाड, कामापुर, लेहडिया, मछहा, चितौली, बरबटा, अरगीसरपत्ती, बिरोही, बघेडाकला खुर्द, बघरातिवारी, गैपुरा, तिलई मौआर, ऊंचडीह और परवा में पानी की समस्या शुरू हो गई है। गैपुरा चौराहा स्थित पुलिस चौकी के पास दो महीने से हैंडपंप खराब है। कई स्थानों पर जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गई है।
राजगढ़ क्षेत्र में गांवों और बस्तियों में नलों में पानी नहीं पहुंच रहा है। निकारिका, पूरेनीया, सोनवर्षा, धनसरिया, चौखड़ा, रामपुर 38, भवानीपुर, दरवान, इंद्रानगर, तालर, सेमरी, सरसों, लूसा, करौदा, इमलिया 84, ददरा, राजगढ़ पहाड़ी आदि स्थानों पर स्थिति यह है कि कभी-कभार पानी मिलता है, जबकि कई बार पूरे दिन लोग पानी के लिए तरसते हैं।
चील्ह और कोन ब्लॉक क्षेत्र के चेकसारी गांव में हर घर जल योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। पुरजागीर बाजार के पास पानी की टंकी का निर्माण किया गया है। दो किलोमीटर दूर पुरवाई में 6000 की आबादी के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन नलों में पानी नहीं आ रहा। पूरी बस्ती के लोग पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
केस-1
हुरुआ में अधूरी टंकी, 600 परिवारों को पानी का इंतजार
मिर्जापुर। सिटी ब्लॉक के हुरुआ गांव में 2.74 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना आठ माह से बंद पड़ी है। जल जीवन मिशन के तहत 2023-24 में स्वीकृत इस परियोजना का तीन साल बाद भी केवल 25 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। चार से पांच पुरहाई में बंटे करीब 4000 की आबादी वाले गांव के 600 से अधिक परिवार आज भी स्वच्छ पेयजल का इंतजार कर रहे हैं और हैंडपंपों पर निर्भर हैं। ग्राम प्रधान बृजेश कुमार मौर्य ने बताया कि परियोजना को पूरा कराने के लिए संबंधित विभाग से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन आठ माह से बंद कार्य फिर शुरू नहीं हुआ।
केस-2
हैंडपंप उगल रहे कीचड़युक्त पानी, गांवों में संकट गहराया
पड़री। पहाड़ी ब्लॉक क्षेत्र के दक्षिणांचल में गर्मी शुरू होते ही जलस्तर घटने से पेयजल संकट बढ़ गया है। सुर्यवार, दांती, गोपालपुर, सुखनई, विरोहिया, पचोखरा, सागर सेमर, टोंगा पहाड़, अपर हिनौती, भरपुरा, शुरुहुरुआ, जुलहुलिया, अयोध्या, उमरिया, शिष्टा, रेक्सा, थानापुर, सिद्धी, गहीरा, मालपुर, मग़रमुड सहित करीब 40 गांवों में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हर घर जल योजना के तहत बनी टंकियां अधिकांश गांवों में उपयोग में नहीं हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई जगह कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। भोजपुर, दुबेपुर, पथरहा, बेलवन, सरैया, मोहनपुर, अघवार टोंगा और दिवाई में टंकियां और पाइपलाइन तो बनाई गईं, लेकिन मरम्मत और देखरेख के अभाव में वे शोपीस बन गई हैं।
केस-3
अधिकतर गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी, ग्रामीण परेशान
पटेहरा। ब्लॉक क्षेत्र के ककरद, सिरसी, पटेहरा, अमोई पुरवा समेत कई गांवों में जल जीवन मिशन का पानी नहीं पहुंच रहा है। ककरद गांव के ग्राम प्रधान पवन कुमार ने 10 दिन पहले केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को ज्ञापन देकर योजना में गड़बड़ी और मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि चौहान, कोल और हरिजन बस्तियों में दो वर्षों से अधूरे कनेक्शन और अनियमित जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। कई बस्तियों में अभी तक कनेक्शन नहीं किया गया है। सिरसी ग्राम प्रधान चंद्रबली यादव ने भी कई बस्तियों में पानी न मिलने की बात कही। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इनसेट:
ककरद गांव में कई बस्तियों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है या जाम होने के कारण पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को पत्र देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
वर्जन
कई बार अन्य विभागों के कार्यों के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे समस्या उत्पन्न होती है। जहां शिकायत मिल रही है, वहां मरम्मत कराई जा रही है। हुरुआ में बजट के अभाव में निर्माण कार्य रुका है और बजट मिलने पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
राजेश कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण), जल निगम,
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गर्मी में प्यास बुझाने के लिए हैंडपंपों की ओर भटक रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जल जीवन मिशन योजना के बावजूद जिले में गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। चार ब्लॉकों के 75 गांवों में करीब 30 हजार की आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। यह योजना वर्ष 2021 से 2024 के बीच की है।
योजना की बदहाली का आलम यह है कि कई पानी की टंकियां कहीं शोपीस बनकर रह गई हैं, तो कहीं निर्माण के बावजूद अधूरी होने के कारण बस्तियों तक ही पानी नहीं पहुंचा पा रहीं। प्यास बुझाने के लिए ग्रामीण पहले की तरह हैंडपंपों पर निर्भर होकर इधर-उधर भटक रहे हैं। जिले के 12 ब्लॉकों की 809 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत 1953 करोड़ रुपये खर्च कर 274 पानी की टंकियां बनाई गई हैं। इसके बावजूद अधिकांश स्थानों से समस्याएं सामने आ रही हैं।
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जिगना क्षेत्र में गर्मी शुरू होते ही विजयपुर, महुवाडाड, कामापुर, लेहडिया, मछहा, चितौली, बरबटा, अरगीसरपत्ती, बिरोही, बघेडाकला खुर्द, बघरातिवारी, गैपुरा, तिलई मौआर, ऊंचडीह और परवा में पानी की समस्या शुरू हो गई है। गैपुरा चौराहा स्थित पुलिस चौकी के पास दो महीने से हैंडपंप खराब है। कई स्थानों पर जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गई है।
राजगढ़ क्षेत्र में गांवों और बस्तियों में नलों में पानी नहीं पहुंच रहा है। निकारिका, पूरेनीया, सोनवर्षा, धनसरिया, चौखड़ा, रामपुर 38, भवानीपुर, दरवान, इंद्रानगर, तालर, सेमरी, सरसों, लूसा, करौदा, इमलिया 84, ददरा, राजगढ़ पहाड़ी आदि स्थानों पर स्थिति यह है कि कभी-कभार पानी मिलता है, जबकि कई बार पूरे दिन लोग पानी के लिए तरसते हैं।
चील्ह और कोन ब्लॉक क्षेत्र के चेकसारी गांव में हर घर जल योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। पुरजागीर बाजार के पास पानी की टंकी का निर्माण किया गया है। दो किलोमीटर दूर पुरवाई में 6000 की आबादी के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन नलों में पानी नहीं आ रहा। पूरी बस्ती के लोग पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर उच्च अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
केस-1
हुरुआ में अधूरी टंकी, 600 परिवारों को पानी का इंतजार
मिर्जापुर। सिटी ब्लॉक के हुरुआ गांव में 2.74 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना आठ माह से बंद पड़ी है। जल जीवन मिशन के तहत 2023-24 में स्वीकृत इस परियोजना का तीन साल बाद भी केवल 25 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। चार से पांच पुरहाई में बंटे करीब 4000 की आबादी वाले गांव के 600 से अधिक परिवार आज भी स्वच्छ पेयजल का इंतजार कर रहे हैं और हैंडपंपों पर निर्भर हैं। ग्राम प्रधान बृजेश कुमार मौर्य ने बताया कि परियोजना को पूरा कराने के लिए संबंधित विभाग से कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन आठ माह से बंद कार्य फिर शुरू नहीं हुआ।
केस-2
हैंडपंप उगल रहे कीचड़युक्त पानी, गांवों में संकट गहराया
पड़री। पहाड़ी ब्लॉक क्षेत्र के दक्षिणांचल में गर्मी शुरू होते ही जलस्तर घटने से पेयजल संकट बढ़ गया है। सुर्यवार, दांती, गोपालपुर, सुखनई, विरोहिया, पचोखरा, सागर सेमर, टोंगा पहाड़, अपर हिनौती, भरपुरा, शुरुहुरुआ, जुलहुलिया, अयोध्या, उमरिया, शिष्टा, रेक्सा, थानापुर, सिद्धी, गहीरा, मालपुर, मग़रमुड सहित करीब 40 गांवों में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हर घर जल योजना के तहत बनी टंकियां अधिकांश गांवों में उपयोग में नहीं हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई जगह कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। भोजपुर, दुबेपुर, पथरहा, बेलवन, सरैया, मोहनपुर, अघवार टोंगा और दिवाई में टंकियां और पाइपलाइन तो बनाई गईं, लेकिन मरम्मत और देखरेख के अभाव में वे शोपीस बन गई हैं।
केस-3
अधिकतर गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी, ग्रामीण परेशान
पटेहरा। ब्लॉक क्षेत्र के ककरद, सिरसी, पटेहरा, अमोई पुरवा समेत कई गांवों में जल जीवन मिशन का पानी नहीं पहुंच रहा है। ककरद गांव के ग्राम प्रधान पवन कुमार ने 10 दिन पहले केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल को ज्ञापन देकर योजना में गड़बड़ी और मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि चौहान, कोल और हरिजन बस्तियों में दो वर्षों से अधूरे कनेक्शन और अनियमित जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। कई बस्तियों में अभी तक कनेक्शन नहीं किया गया है। सिरसी ग्राम प्रधान चंद्रबली यादव ने भी कई बस्तियों में पानी न मिलने की बात कही। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इनसेट:
ककरद गांव में कई बस्तियों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है या जाम होने के कारण पानी नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को पत्र देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
वर्जन
कई बार अन्य विभागों के कार्यों के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है, जिससे समस्या उत्पन्न होती है। जहां शिकायत मिल रही है, वहां मरम्मत कराई जा रही है। हुरुआ में बजट के अभाव में निर्माण कार्य रुका है और बजट मिलने पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
राजेश कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण), जल निगम,