विंध्याचल धाम: महानवमी पर मां के दर्शन को भक्तों का लगा तांता, श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में दी आहुति
Mirzapur News: रामनवमी के अवसर पर मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। सुबह से भक्त मां के दर्शन कर मंगल कामना कर रहे हैं। वहीं हवन कुंड में आहुति डालने के लिए लोग आतुर दिखे।
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चैत्र नवरात्र की महानवमी तिथि पर शुक्रवार को माता विंध्यवासिनी देवी के श्रीचरणों में शीश झुकाकर भक्तों ने मंगलकामना की। भोर में मंगला आरती के बाद देवीधाम में पहुंचे भक्तों ने दर्शन- पूजन किया। तरह-तरह के फूलों व स्वर्ण आभूषणों से माता का भव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान मां के दर्शन पाकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
घंटा-घड़ियाल, शंख, नगाड़ा व माता के जयकारे से पूरा विंध्याचल धाम परिसर गुंजायमान हो रहा था। चैत्र नवरात्र की महानवमी तिथि पर जगत कल्याणी मां विंध्यवासिनी धाम में आस्थावानों का रेला लगा रहा। मंगला आरती के बाद से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का दौर अनवरत चलता रहा।
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गंगा में स्नान करने के बाद मंदिर पहुंचे श्रद्घालु मां के भव्य स्वरूप का दर्शन कर निहाल हो उठे। मंदिर के बाहर विंध्य की गलियों में कतार में खड़े श्रद्धालु माता का जयकारा लगाते हुए मंदिर की तरफ बढ़े जा रहे थे। मंदिर पहुंचने के बाद किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में जाकर माता का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
नवरात्र के आखिरी दिन मंदिर के गुंबद का परिक्रमा करने एवं हवन कुंड में आहुतियां डालने के लिए लोग आतुर दिखे। मंदिर के छत पर जगह-जगह आसन पर बैठकर साधक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच साधना करने में तल्लीन दिखाई दिए।
भक्तों ने विंध्यधाम में विराजमान समस्त देवी-देवताओं के मंदिरों में जाकर शीश झुकाया। मां का दर्शन-पूजन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने त्रिकोण परिक्रमा किया। त्रिकोण परिक्रमा के दौरान पहाड़ पर भक्त मां काली, मां अष्टभुजी देवी, मां तारा देवी एवं राधा-कृष्ण मंदिरों में जाकर पूजन-अर्चन किया।