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Mirzapur News: मीना सिंह हत्याकांड में उसके ड्राइवर और उसके साथी को आजीवन कारावास
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मीना सिंह हत्याकांड के दोषी दिलीप व शहनवाज। स्त्रोत-सोशल मीडिया
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2016 में चालक और उसके साथी ने ही की थी मीना सिंह की हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के राजा विजयपुर कोठी मोहल्ले में 10 वर्ष पहले कालोनाइजर मीना सिंह हत्याकांड मामले में चालक दिलीप पटेल और उसके साथी शन्नू खां को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश शबीह जेहरा ने उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
प्रॉपर्टी डिलिंग का काम करने वाली कालोनाइजर मीना सिंह शहर कोतवाली क्षेत्र के राजा विजयपुर कोठी मोहल्ले में रहती थीं। मीना सिंह की पहचान दबंग महिला के रूप में थी। 16 मार्च 2016 को मीना सिंह की उसके आवास पर हत्या कर दी गई। हत्या की सूचना पर पहुंची उसकी बहन जया सिंह ने तहरीर देकर दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। जया सिंह का आरोप था कि इन लाेगों ने बकाए पैसे के लिए हत्या की। पुलिस ने दोनों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। तात्कालीन एसपी अरविंद सेन की टीम ने मामले का खुलासा किया। खुलासे पर हर कोई अचंभित रह गया था। हत्या करने वाले मीना सिंह के कार का चालक दिलीप पटेल और उसका साथी शन्नू खां ही निकला। पुलिस ने हत्याकांड के आरोपी दिलीप सिंह निवासी बरईपुर कोतवाली देहात और शन्नू खां उर्फ शहनवाज खान निवासी चितावनपुर कोतवाली देहात को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में पुलिस ने विवेचना का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाह को पेश कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की अपील की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश शबीह जेहरा ने गवाहों के बयान, साक्ष्य के आधार पर हत्याकांड में दोषी दिलीप पटेल और शन्नू खां को आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
मीना सिंह ने जिसे दी थी सुपारी, उसी ने पैसे के लालच में की हत्या
हत्याकांड का खुलासा हुआ था तो तत्कालीन एसपी अरविंद सेन ने बताया था कि शहर कोतवाली क्षेत्र के विजयपुर कोठी निवासिनी मीना सिंह का मिशन कंपाउंड में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ स्कूल पर कब्जे के लिए विवाद चल रहा था। उनके बीच हुई झड़प के दौरान बीच बचाव करने पर एक युवक से मीना नाराज हो गई थीं। उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इसके लिए देहात कोतवाली क्षेत्र के चितावनपुर गांव निवासी शहनवाज उर्फ शन्नू खां और क्षेत्र के बरईपुर निवासी दिलीप पटेल को उस पर हमला करने की सुपारी दी। सुपारी लेने के बाद दोनों बदमाश 13 व 14 मार्च 2016 की रात में इमरान को मारने के लिए पीछा करते रहे लेकिन किसी न किसी के साथ होने के कारण उन्हें हमला करने का मौका नहीं मिला। 15 मार्च की रात को बदमाश एक बार फिर उस युवक पर हमला करने के लिए आए थे। वह युवक की रेकी कर मीना सिंह के घर रात दस बजे पहुंचे। जहां मीना ने उनको हमला करने के लिए रॉड और गमछा दिया। हमला करने से पहले बदमाशों ने चाय पीने की इच्छा जताई तो मीना किचन में चाय बनाने चली गई। इसी बीच दिलीप ने सन्नू को बताया कि मीना के पास जमीन बिक्री का पांच लाख रुपये घर में रखे हैं। यह सुनते ही शन्नू की नियत बदल गई और उसने जिसकी सुपारी मिली थी उसे मारने के बजाए मीना को ही मारकर रुपये लूटने की योजना बना ली। दोनों ने मीना के साथ उसके ड्राइंग रूम में बैठ कर चाय पी। इसके बाद जैसे ही मीना प्लेट सोफे के नीचे रखने लगी कि शहनवाज ने रॉड से मीना के सिर पर दो वार कर दिया। मीना द्वारा शोर मचाने पर दिलीप ने भी रॉड से हमला कर दिया। शहनवाज ने मीना के मुंह में रॉड से कपड़ा ठूंस कर उसे मार डाला। फिर बेड पर जा कर आलमारी की चाबी ली और आलमारी खोलकर उसमें रखे ढाई लाख रुपये और चेन तथा अंगूठी लूट कर भाग गए। जब पुलिस हत्याकांड की जांच कर रही थी तो दोनों वहां मौजूद थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के राजा विजयपुर कोठी मोहल्ले में 10 वर्ष पहले कालोनाइजर मीना सिंह हत्याकांड मामले में चालक दिलीप पटेल और उसके साथी शन्नू खां को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश शबीह जेहरा ने उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
प्रॉपर्टी डिलिंग का काम करने वाली कालोनाइजर मीना सिंह शहर कोतवाली क्षेत्र के राजा विजयपुर कोठी मोहल्ले में रहती थीं। मीना सिंह की पहचान दबंग महिला के रूप में थी। 16 मार्च 2016 को मीना सिंह की उसके आवास पर हत्या कर दी गई। हत्या की सूचना पर पहुंची उसकी बहन जया सिंह ने तहरीर देकर दो लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। जया सिंह का आरोप था कि इन लाेगों ने बकाए पैसे के लिए हत्या की। पुलिस ने दोनों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। तात्कालीन एसपी अरविंद सेन की टीम ने मामले का खुलासा किया। खुलासे पर हर कोई अचंभित रह गया था। हत्या करने वाले मीना सिंह के कार का चालक दिलीप पटेल और उसका साथी शन्नू खां ही निकला। पुलिस ने हत्याकांड के आरोपी दिलीप सिंह निवासी बरईपुर कोतवाली देहात और शन्नू खां उर्फ शहनवाज खान निवासी चितावनपुर कोतवाली देहात को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में पुलिस ने विवेचना का आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने गवाह को पेश कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की अपील की। मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश शबीह जेहरा ने गवाहों के बयान, साक्ष्य के आधार पर हत्याकांड में दोषी दिलीप पटेल और शन्नू खां को आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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मीना सिंह ने जिसे दी थी सुपारी, उसी ने पैसे के लालच में की हत्या
हत्याकांड का खुलासा हुआ था तो तत्कालीन एसपी अरविंद सेन ने बताया था कि शहर कोतवाली क्षेत्र के विजयपुर कोठी निवासिनी मीना सिंह का मिशन कंपाउंड में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ स्कूल पर कब्जे के लिए विवाद चल रहा था। उनके बीच हुई झड़प के दौरान बीच बचाव करने पर एक युवक से मीना नाराज हो गई थीं। उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इसके लिए देहात कोतवाली क्षेत्र के चितावनपुर गांव निवासी शहनवाज उर्फ शन्नू खां और क्षेत्र के बरईपुर निवासी दिलीप पटेल को उस पर हमला करने की सुपारी दी। सुपारी लेने के बाद दोनों बदमाश 13 व 14 मार्च 2016 की रात में इमरान को मारने के लिए पीछा करते रहे लेकिन किसी न किसी के साथ होने के कारण उन्हें हमला करने का मौका नहीं मिला। 15 मार्च की रात को बदमाश एक बार फिर उस युवक पर हमला करने के लिए आए थे। वह युवक की रेकी कर मीना सिंह के घर रात दस बजे पहुंचे। जहां मीना ने उनको हमला करने के लिए रॉड और गमछा दिया। हमला करने से पहले बदमाशों ने चाय पीने की इच्छा जताई तो मीना किचन में चाय बनाने चली गई। इसी बीच दिलीप ने सन्नू को बताया कि मीना के पास जमीन बिक्री का पांच लाख रुपये घर में रखे हैं। यह सुनते ही शन्नू की नियत बदल गई और उसने जिसकी सुपारी मिली थी उसे मारने के बजाए मीना को ही मारकर रुपये लूटने की योजना बना ली। दोनों ने मीना के साथ उसके ड्राइंग रूम में बैठ कर चाय पी। इसके बाद जैसे ही मीना प्लेट सोफे के नीचे रखने लगी कि शहनवाज ने रॉड से मीना के सिर पर दो वार कर दिया। मीना द्वारा शोर मचाने पर दिलीप ने भी रॉड से हमला कर दिया। शहनवाज ने मीना के मुंह में रॉड से कपड़ा ठूंस कर उसे मार डाला। फिर बेड पर जा कर आलमारी की चाबी ली और आलमारी खोलकर उसमें रखे ढाई लाख रुपये और चेन तथा अंगूठी लूट कर भाग गए। जब पुलिस हत्याकांड की जांच कर रही थी तो दोनों वहां मौजूद थे।

मीना सिंह हत्याकांड के दोषी दिलीप व शहनवाज। स्त्रोत-सोशल मीडिया

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